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मोर आवास ,मोर अधिकार के तहत 101 वंचित हितग्राहियो ने दिया जिलाधीश को ज्ञापन

प्रदेश की सरकार आवासहीन गरीबों की भावना से खिलवाड़ कर रही है।

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मोर आवास ,मोर अधिकार के तहत 101 वंचित हितग्राहियो ने दिया जिलाधीश को ज्ञापन

मनेन्द्रगढ़ । भारतीय जनता पार्टी प्रदेश नेतृृत्व के आह्वान पर आज भारतीय जनता पार्टी एम सी बी जिला के जिलाध्यक्ष अनिल केशरवानी  एवं पूर्व विधायक व पूर्व संसदीय सचिव श्रीमती चम्पा देवी पावले , पूर्व विधायक श्याम बिहारी जायसवाल,जिला पंचायत अध्यक्षा श्रीमती रेणुका सिंग के नेतृत्व मे मोर आवास मोर अधिकार के 101 हितग्राहियो द्वारा कलेक्टर कार्यालय पहुंच प्रदेश के मुख्यमंत्री जी के नाम कलेक्टर को ज्ञापन दिया गया जिसमे 2018 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी द्वारा जारी ‘जन घोषणा पत्र’ में ‘शहरी और ग्रामीण आवास का अधिकार आम जन को देने का वादा किया गया था। आज कांग्रेस नीत भूपेश बघेल सरकार का चार साल से ज्यादा समय बीत चुका है। प्रदेश की सरकार आवासहीन गरीबों की भावना से खिलवाड़ कर रही है।

मोर आवास ,मोर अधिकार के तहत 101 वंचित हितग्राहियो ने दिया जिलाधीश को ज्ञापन

 शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में आपके सरकार की कोई योजना साढ़े चार साल में आ न सकी जिसका विश्वास आपने जनता को आवास का अधिकार जैसे शब्दों के साथ दिलाया था। साथ ही घोर आपत्तिजनक यह है कि गरीबो की योजना प्रधानमंत्री आवास और छत्तीसगढ़ प्रदेश की गरीब जनता के बीच भूपेश सरकार बड़े दीवार की तरह खड़ी हो गई है।
शहरी क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना का नाम बदला गया है। आवासीय पट्टे के लिए गरीबों से लाखों रुपये अधिकृत तौर पर वसूले जा रहे हैं अनाधिकृति वसूली की बात अलग है। औपचारिकता पूर्ण होने तथा नगरीय निकाय से राज्य शासन को प्रस्ताव भेजे जाने के बाद भी प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत नहीं किया जा रहा है। दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रदेश के नगर निगमों में मोर मकान मोर आस नाम से प्रधानमंत्री आवास देने के लिए भूपेश सरकार आवासहीन गरीबों से 3.25 लाख रुपये प्रति परिवार वसूल रही है जबकी इसमें हितग्राही से मात्र 75 हजार रुपये लेना चाहिए।समूचे प्रदेश के नगरीय निकाय मे प्रधानमंत्री आवास देने की कोई सीमा निर्धारित नही है फिर भी शहर के गरीब आवास से वंचित है । ग्रामीण क्षेत्रो मे वर्ष 2011 मे हुए सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण के आवासहीनो की सूची के 7,81,999 परिवारों का आवास आपने और भूपेश वघेल की सरकार ने बनने नही दिया। केंद्र सरकार के ग्रामीण बिकास विभाग के पूर्व मंत्री  नरेंद्र सिंग तोमर  ने 6 जुलाई 2021 को तथा वर्तमान मंत्री गिरिराज सिंग ने 15 सितंबर 2021 को ब्यक्तिगत रूप से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र लिख कर 2011 की सूची के लगभग 7,81,999 आवासो को जल्द प्रारम्भ करवाने का आग्रह किया।केंद्रीय मंत्रियो द्वारा लिखे ये पत्र शासकीय पत्राचार से पृथ्क थे। इन पत्रों मे केंद्रीय मंत्री गणो ने भुपेश बघेल का ध्यान भी आकृस्ट किया की देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने वर्ष 2022 तक 2011 की सूची पूर्ण करने का संकल्प लिया है।
इतना ही नहीं छत्तीसगढ़ में कांग्रेसनीत भूपेश बघेल की सरकार के वरिष्ठ केबिनेट मंत्री  टी.एस. सिंहदेव द्वारा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का प्रभार छोड़ने का पहला और मुख्य कारण भी यही था। अपने त्यागपत्र में उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को लिखा है कि “प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश के आवास विहीन लोगों को आवास बना कर दिया जाना था जिसके लिए मैंने कई बार आपसे चर्चा कर राशि आबॅटन का अनुरोध किया था किंतु इस योजना में राशि उपलब्ध नहीं की जा सकी फलस्वरूप प्रदेश के लगभग 8 लाख लोगों के लिए आवास नहीं बनाये जा सके। आज देश में 2.38 करोड़ आवास बन गये परंतु छत्तीसगढ़ की सरकार ने प्रधानमंत्री आवास को रोके रखा।
देश के सभी राज्यों ने (छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल को छोड़ कर) प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण की 2011 की सूची पूर्ण कर ली और वर्ष 2016 के सर्वे सूची जिसे आवास प्लस खा जाता है
उसपर काम शुरू कर दिया है। वर्ष 2016 की सूची में पुनः छत्तीसगढ़ के लगभग 8 लाख गरीबों का नाम है जिसमें से 3,85,652 आवास केंद्र द्वारा छत्तीसगढ़ को उपलब्ध करवाया गया है। जिसका उल्लेख ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार के सचिव के पत्र दिनांक 22 अगस्त 2022 में किया गया है आवगत कराना चाहते हैं की प्रधानमंत्री आवास हमारा अधिकार है जिसे आपकी सरकार ने रोक रखा है। गरीब माता का चूल्हा 2बारिश के पानी से बुझ जाये, कच्चे घर के मरम्मत में हर साल गरीब परेशान रहे, बंदर छानी में कूदें और खपरैल सारे टूट जायें इन सभी बातों से आपका और आपकी सरकार का सरोकार नहीं है तो हमें भी आपसे और आपकी सरकार से कोई सरोकार नहीं है अन्यथा इस फरवरी माह में ही हमारा प्रधानमंत्री आवास हम गरीबों को प्रदान किया जाये।
भाजपा के कार्यकर्ता भी प्रधानमंत्री आवास तथा छत्तीसगढ़ के विकास विहीन अत्याचारी सरकार के विरुद्ध जनता की लड़ाई में जनता के साथ हैं। यदि ये सरकार तुरंत ही प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत नहीं करती है तो शीघ्र ही सरकार को बड़े जन-आंदोलन को झेलना पड़ेगा। उक्त हितग्राहियो के साथ जिला के महामंत्री रामलखन सिंह, बीरेंद्र राणा,जमुना पाण्डेय, जय लाल टेकाम, लखन लाल श्रीवास्तव, संजय गुप्ता,अजय विश्वकर्मा, प्रदीप वर्मा,मनोज केशरवानी, सरजू यादव,राहुल सिंह, संतोष सिंह मंडल अध्यक्ष विनोद गुप्ता , धनेश यादव, आलोक जायसवाल, रघुनन्दन यादव, अंकुर जैन,आनंद ताम्रकार, अलका गांधी , कोमल पटेल, कबिता दीवान, गीता पाशी, मीरा यादव, सहित पार्टी के मोर्चा ,प्रकोष्ठ के सभी  भाजपा के कार्यकर्ता, सोशल मीडिया की टीम उपस्थित थे ।


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