छत्तीसगढ़

तीन साल में ही बह गया मनरेगा से निर्मित 19 लाख का स्टाप डेम

खुल रही प्रशासनिक अधिकारियों की पोल,उठ रहे कई सवाल

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तीन साल में ही बह गया मनरेगा से निर्मित 19 लाख का स्टाप डेम

सोनहत । कोरिया । ( राजेश राज गुप्ता )  विकासखंड सोनहत में मनरेगा के तहत चल रहे निर्माण कार्यों में भारी भ्रष्टाचार देखने को मिल रहा है कहीं सरकारी जमीन पर निजी डबरी का निर्माण तो कहीं मनरेगा मजदूर ही कर रहा मैटेरियल सप्लाई लेकिन तमाम शिकायतों और जानकारियों के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी कुम्भकर्णनी नींद में सोए रहते हैं और जांच की बात कह कर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं ताजा मामला विकासखंड सोनहत के अंतर्गत ग्राम पंचायत बोड़ार में विगत 3 साल पहले स्टॉप डेम निर्माण का है जिसके निर्माण काल में ही कुछ हिस्सा बह गया था उसे पुनः निर्माण किया गया लेकिन उसमें भी भारी भ्रष्टाचार किया गया नतीजा यह हुआ कि उन्नीस लाख का स्टॉपडेम मात्र तीन साल में ही बह गया ।
कोरिया जिले के सोनहत विखं अन्तर्गत ग्रापं बोड़ार के विक्रमपुर के घुनघुट्टा नाले में तीन साल पहले 2019-20 में लगभग 19 लाख की लागत से मनरेगा योजना अन्तर्गत निर्माण एजेंसी ग्रापं बोड़ार द्वारा स्टाप डेम का निर्माण किया गया था.जो कि सिर्फ पानी के बहाव से भष्ट्राचार की भेट चढ़ गया व क्षतिग्रस्त हो गया तथा निर्माण कार्य का कुछ हिस्सा पानी में बह गया. आप इसी से अंदाजा लगाईये की जिस स्टापडेम निर्माण का मकसद पानी का एकत्रीकरण करना या रोकना है वही स्टाप डेम पानी में बह गया।
कुल मिलाकर इस निर्माण कार्य में एजेंसी सहित निगरानी करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदार की मिलीभगत से इस गुणवत्ताविहीन कार्य को अंजाम दिया गया।

प्रारंभ से ही नीव नहीं था मजबूत, जल्दबाजी में हुआ था काम
सूत्रों के अनुसार भष्ट्राचार की भेट चढ़ा यह स्टाप डेम निर्माण एजेंसी द्वारा जल्दबाजी में बनाया गया था. क्योंकि कुछ स्थानीय लोगों ने जानकारी देते हुए बताया कि जब उक्त स्टाप डेम का निर्माण कार्य शुरू हुआ था तब इसकी नींव मजबूत नहीं थी तथा घटिया और निम्न स्तर के सामाग्री का उपयोग इस निर्माण कार्य में किया गया था एवं शुरुआत से ही स्टाप डेम के निचे का भाग फट गया था व दरारें पड़ गई थी तथा नींव वाले भाग से पानी बह रहा था ,तब इसकी खबर कुछ अखबारों में प्रकाशित हुई थी और यह मामला सोशल मीडिया में आया था जिसके बाद निर्माण एजेंसी द्वारा अधिकारियों से सांठगांठ कर फटे हुए दरार को उपर से बंद कर निर्माण कार्य में लीपापोती कर जल्दबाजी में पूर्ण कर राशि निकाल लिया गया. अब अधिकारियों के लापरवाही का नतीजा सामने आया है और स्टाप डेम पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है।

सोनहत ब्लाक में निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार चरम पर

आपको बता दें कि सोनहत ब्लाक में पिछले साढ़े चार सालों से सरकार बदलने के बाद व प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने के बाद विभिन्न योजनाओं के तहत करोड़ों के काम की स्वीकृति मिलती रही है परन्तु यह कार्य धरातल पर कितना और कैसा हुआ है यह इस खबर से पता चलता है. क्यों कि जब लाखों का स्टाप डेम पानी से बह गया और भष्ट्राचार की भेट चढ़ गया तो बाकी के हुए कार्य का अंदाजा लगाया जा सकता है. ऐसे मामलों में जिम्मेदारों से शिकायत भी होती है परंतु कार्यवाही कुछ नहीं हो पाता है. क्योंकि निर्माण कार्यों में लगभग लगभग सत्ताधारी हस्तियों की संलिप्तता रहती है . इससे यह कहना ग़लत तो नहीं है कि सोनहत ब्लाक में भष्ट्राचार चरम पर है।

इस मामले से खुल रही अधिकारियों की पोल,उठ रहे कई सवाल
स्टापडेम के निर्माण हुए महज तीन साल बाद बहने की खबर से जिम्मेदार एजेंसी व संबंधित अधिकारियों की पोल खुल गई है कि यह जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी को कितनी सही तरीके से निभा रहे हैं. ऐसे कई लाखों के कार्य में लापरवाही कर शासन के पैसे का किस तरह से दुरुपयोग कर भष्ट्राचार की सीमा को लांघ रहे हैं. उक्त घटिया निर्माण कार्य की खबर से जिम्मेदार अधिकारियों पर कई बड़े सवाल भी उठ रहे हैं. क्योंकि जानकारी देने के बाद भी चुप्पी साधे बैठे हैं अब देखने लायक बात होगी कि इस मामले पर क्या कार्रवाई होती है।


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