छत्तीसगढ़

वीर बालकों के इतिहास को पढ़कर बच्चों को अपने धर्म, आस्था तथा देश के प्रति समर्पित होने की आवश्यकता

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वीर बालकों के इतिहास को पढ़कर बच्चों को अपने धर्म, आस्था तथा देश के प्रति समर्पित होने की आवश्यकता

मनेंद्रगढ़/एमसीबी/26 दिसम्बर 2023/ वीर बाल दिवस के अवसर पर स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय मनेंद्रगढ़ में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथियों के द्वारा मॉं सरस्वती की पूजन कर दीप प्रज्जवलन के साथ ही गुरू गोविंद सिंह जी तथा उनके साहेबजादों के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। मनेंद्रगढ़ नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष श्री धमेंद्र पटवा ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि हम सभी के लिए आज बड़ा गौरव का दिन है। माननीय प्रधानमंत्री समस्त भारत वर्ष में 26 दिसम्बर को वीर बाल दिवस मनाने का निर्णय लिया है। आज के बच्चे हमारे कल का भविष्य है। इन वीर बालकों को इतिहास पढ़कर बच्चों को अपने धर्म, आस्था तथा देश के प्रति समर्पित होने की आवश्यकता है। साहबजादों के बलिदान को याद करते हुए उन्होंने देश के महान सपूतों को नमन करते हुए कहा, धन्य है वे लोग जो अपने कच्ची उम्र में भी अपने धर्म के लिए मुगलों के सामने नहीं झुके।
गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा के अध्यक्ष गुरमीत सिंह ने वीर बाल दिवस के अवसर पर वीर बालकों की जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम को बारी से बारी आलोक जायसवाल, सरजू यादव, नीरज अग्रवाल, जे.के. सिंह, राहुल सिंह, डॉ. रश्मि सोनकर, गुरमीत सिंह जुनेजा ने भी अपना अनुभव साझा किया।
अपर कलेक्टर  अनिल सिदार ने वीर बाल दिवस के अवसर पर कहा कि शिक्षा संस्कति का संवाहक होता है। उन वीर बालकों का शहादत की गाथा आज याद कराने की आवश्यकता है। हमें इतिहास से वीर बालकों ज्यादा से ज्यादा पढ़ने की आवश्यकता है। गुरू गोविंद सिंह के चार पुत्र बाबा अजीत सिंह, बाबा जुझार सिंह, बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह ने मुगलों के खिलाफ अपने क्षेत्र, संस्कृति, धर्म के लिए लड़ते हुए अपनी प्राणों की हंसते-हसते आहुति दे दी।
पिछले वर्ष 09 जनवरी में गुरु गोविंद सिंह के प्रकाश पर्व पर प्रधानमंत्री ने प्रतिवर्ष 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस मनाने की घोषणा की थी कि देश में हर साल 26 दिसम्बर को श्री गुरु गोविंद सिंह के पुत्रों के सर्वाेच्च बलिदान और साहस की स्मृति में वीर बाल दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य युवाओं, किशोरों, देश वासियों, महिलाओं में राष्ट्र निर्माण के लिए योगदान एवं मूल्यों को स्थापित और सुदृढ़ बनाना है।

जिला शिक्षा अधिकारी अजय मिश्रा ने कार्यक्रम की रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए आयोजन के बारे में सभी को अवगत कराया। कार्यक्रम में शिक्षा विभाग द्वारा फोटो, पोस्टर प्रदर्शनी तथा स्पीच प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया था। कुमारी दिलप्रीत कौर ने साहिबजादों के सम्मान में अरदास किया। कुमारी श्रुति रोहरा, कुमारी संस्कृति विश्वकर्मा एवं  हिमांशु दास के द्वारा चित्रमय काव्य पाठ किया गया। दीपा पुरी, कुमारी पूर्णिमा जायसवाल, कुमारी हरगुन कौर के द्वारा कविता पाठ किया गया। विद्यालय के दया सिंह एवं ग्रुप के द्वारा शस्त्र प्रदर्शन किया गया। इसके बाद समस्त कविता पाठ करने वालों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। जसपाल कालरा ने सभी का आभार व्यक्त किया तथा नारायण प्रसाद तिवारी ने मंच का संचालन किया।


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