छत्तीसगढ़

समंदरों को भी मालूम है हमारा मिजाज….. हम तो पहला कदम ही भंवर में रखते हैं…..

वरिष्ठ पत्रकार शंकर पांडे

Ghoomata Darpan

समंदरों को भी मालूम है हमारा मिजाज..... हम तो पहला कदम ही भंवर में रखते हैं.....

ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने एक और नया रिकॉर्ड अपने नाम किया है।नवीन पटनायक ने देश के दूसरे सर्वाधिक दिन तक मुख्यमंत्री का दायित्व संभालने वाले पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री ज्योति बसु की बराबरी कर ली है। 23 जुलाई को यह रिकॉर्ड नवीन पटनायक के नाम हो गया है।ज्योति बसु वर्ष 1977 से 2000 तक यानी 23 वर्ष 138 दिन तक पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री थे। नवीन पटनायक ने उनके रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है और यह रिकॉर्ड नवीन पटनायक के नाम हो गया।लगातार पांचवीं बार ओडिशा के मुख्यमंत्री का दायित्व संभाल रहे नवीन पटनायक का 23जुलाई 2023 को 23 वर्ष 139 वां दिन हो गया है। नवीन पटनायक ने 5 मार्च 2000 को पहली बार ओडिशा के मुख्यमंत्री पद का दायित्व संभाला था।तब से लेकर अभी तक वह प्रदेश के मुख्यमंत्री का दायित्व संभाल रहे हैं। इससे पहले सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग ने वर्ष 2018 में ज्योति बसु के रिकॉर्ड को तोड़कर देश के सर्वाधिक दिन तक मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड अपने नाम किया था,जो कि अभी तक बना हुआ है।गौरतलब है कि सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग ने 24 वर्ष 166 दिन मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड अपने नाम किया हुआ है। वहीं,नवीन पटनायक के नेतृत्व में ओडिशा में बीजू जनता दल को (सन् 2000, 2004, 2009, 2014 एवं 2019) लगातार ओडिशा वासियों का समर्थन मिल रहा है। नवीन पटनायक अब ना सिर्फ ओडिशा बल्कि देश के सर्वाधिक मुख्यमंत्री की सूची में दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं।देश में सर्वाधिक दिन तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेता सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग 12 दिसम्बर 1994 से 23 मई 2019 तक यानी 24 वर्ष 166 दिन तक मुख्य मंत्री बने रहे।ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक 5 मार्च 2000 से अब तक यानी 23 वर्ष 138 दिन का रिकार्ड बना चुके हैं वहीं पश्चिम बंगाल के सीएम ज्योति बसु 21 जून 1977 से 6 नवम्बर 2000 तक यानी 23 वर्ष 138 दिन तक सीएम रहे यह बात और है कि उन्होंने स्वयं अपना पद छोड़ दिया था।

अब रिटायर अफसरों पर
भी लगाई गई है बंदिश..!

पहले कुछ मामलों को लेकर पूर्व नौकरशाहों ने मोदी की केंद्र सरकार के कुछ निर्णयों पर पत्र लिखकर सामूहिक विरोध जताया था….पर अब केंद्र सरकार के एक निर्णय से बंदिश की चर्चा तेज है….!केंद्र सरकार ने आईएएस,आईपीएस,आईएफएस और दूसरी सेवाओं के मौजूदा अफसरों पर तो कई बंदिशें लगा चुकी है वहीं अब रिटायर अफसरों के लिये भी अभिव्यक्ति को लेकर भी कई नियम बना दिये हैं। अपने विभाग को लेकर कुछ लिखा तो उनकी पेंशन बंद हो सकती है,कम हो सकती है। इस तरह के मामलों को गंभीर अपराध या कदाचरण माना जाएगा।केंद्र ने अधिसूचना भी जारी की है।वैसे ऐसे मामलों में यूपीएससी से सलाह ली जाएगी पर अंतिम निर्णय केंद्र सरकार का माना जाएगा।कार्मिक, लोकशिकायत और पेंशन मंत्रालय द्वारा 6 जुलाई को अधिसूचना भी जारी कर दी गईं है।

अजब-गजब ही हुई है
आईजी की पदस्थापना…

समंदरों को भी मालूम है हमारा मिजाज..... हम तो पहला कदम ही भंवर में रखते हैं.....

छ्ग में आईजी की नई पदस्थापना सूची जारी की गई है,इसमें अजब गजब प्रयोग किया गया है,अब आईजी रेंज बढ़ा दिये गये हैं,कुछ आईजी जोन छोटे कर दिये गये हैं तो कुछ आईजी जोन अभी भी बड़े हैं।पिछली बारआईजी अजय यादव को गुप्तवार्ता के साथ केवल रायपुर जिले का आईजी बनाकर नया प्रयोग किया गया था वहीं आरिफ शेख को महासमुंद, धमतरी, गरियाबंद, बलौदाबाजार -भाटापारा का आईजी बनाया गया था। अब नये आदेश के मुताबिक रतन लाल डांगी को पुलिस अकादमी चंदखुरी के साथ रायपुर जिले का आईजी बनाया गया है। आरिफ शेख को यथावत रखा गया है।दुर्ग के आईजी डॉ आंनद छाबड़ा को बिलासपुर रेंज का आईजी बनाया गया है,वे आईजी रायपुर के साथ गुप्तवार्ता भी देख चुके हैं।वहीं नये आदेश में दुर्ग रेंज के 2 हिस्से कर दिये गये हैं। नई पदस्थापना के तहत बद्री नारायण मीणा को दुर्ग रेंज का आईजी (दुर्ग, बेमेतरा तथा बालोद)तथा राजनांदगाव रेंज बनाकर राहुल भगत को राजनादगांव,कबीरधाम,
खैरागढ़ और मोहला मानपुर जिले का आईजी बनाया गया है।इधर अंकित कुमार गर्ग को सरगुजा रेंज का आईजी बनाया गया है तो अभी तक सरगुजा के प्रभारी आईजी रहे राम गोपाल गर्ग को डीआईजी रायगढ़ (रायगढ़, सक्ति और जशपुर )बनाया गया है यानि सरगुजा रेंज से जशपुर को अब रायगढ़ डीआईजी के अधीन कर दिया गया है।

कुछआईएएस,आईपीएस
जेल गये,नौकरी भी गई..

समंदरों को भी मालूम है हमारा मिजाज..... हम तो पहला कदम ही भंवर में रखते हैं.....छत्तीसगढ़ बनने के बाद 3 आईएएस को जेल जाना पड़ा है इसमें भाजपा के डॉ रमन सिंह के कार्यकाल में वरिष्ठ आईएएस अफसर बाबूलाल अग्रवाल को आर्थिक अनियमितता, सीबीआई को घूस देने का प्रयास आदि के नाम पर न केवल जेल जाना पड़ा वहीं नौकरी से भी हाँथ धोना पड़ा। वहीं ईडी की जाँच और छापे के बाद छ्ग के आईएएस समीर विश्नोई को गिरफ्तार होकर जेल जाना पड़ा और वे अभी भी जेल में हैं,वहीं ईडी छापे के बाद छ्ग की एक औरआईएएस रानू साहू भी फिलहाल जेल में है।वहीं आईएएस बनने की कतार में लगी प्रदेश सेवा की एक अधिकारी सौम्या चौरसिया भी जेल में हैं। हाल ही में रिटायर प्रमोटी आईएएस अनिल टुटेजा पर भी ईडी जाँच,छापे के बाद गिरफ्तारी की तलवार लटक रही हैं।वैसे नान घोटाला मामले में भी आईएएस डॉ आलोक शुक्ला और अनिल टुटेजा चर्चा में थे पर सरकार बदलने के बाद दोनों अफसर मजबूत बनकर उभरे,डॉ शुक्ला की तो सेवानिवृत के बाद लगातार सेवा वृद्धि हो रही है वहीं अनिल टुटेजा भी सेवानिवृत हो चुके हैं पर ईडी जाँच के दायरे में होने के कारण उनकी सेवावृद्धि नहीं हो सकी है।इधर छ्ग के कुछ वरिष्ठ और कनिष्ठ आईपीएस भी ईडी के निशाने पर हैँ,इधर एक वरिष्ठ आईपीएस तथा एडीजी गुरविंदर पाल सिंह कोआय से अधिक सम्पत्ति, राजद्रोह के मामले में राज्य सरकार की अनुशंसा पर केंद्र सरकार ने अनिवार्य सेवानिवृत कर दिया है, पहलेआईपीएस राजकुमार देवांगन,ए एम जूरी और के सी अग्रवाल को भी विभिन्न मामलों में नौकरी से हाँथ धोना पड़ा था,यह बात और है कि केंद्रीय प्रशासनिक प्राधिकरण (कैट) के फैसले के बाद अग्रवाल और जूरी फिर नौकरी में आ गये थे।

अमित,सीबीआई के
एन्टी करप्शन विंग में…

छत्तीसगढ़ कैडर के आईपीएस (छ्ग में एडीजी) अमित कुमार का तबादला अब सीबीआई की ही एंटी करप्शन विंग में कर दिया गया है। आईपीएसअमित कुमार 1998 बैच के अधिकारी हैं। 2011 से वे डेपुटेशन पर सीबीआई में हैं,वहीं 2019 में उन्हें संयुक्त निदेशक का पदभार दिया गया था। अमित कुमार चर्चित चारा घोटाले की जांच भी कर चुके हैं। बता दें कि साल 2008-2009 में आईपीएस अमित कुमार रायपुर में एसपी भी रह चुके हैं।

और अब बस….

0छ्ग के सबसे वरिष्ठ आईपीएस संजय पिल्ले 31 जुलाई को रिटायर हो रहे हैं।आजकल में जेल में नई पदस्थापना होना तय है।
0बद्री मीणा के दुर्ग आईजी बनने से दुर्ग-भिलाई का कौन पुलिस अफसर तनाव में आ गया होगा…?
0छ्ग के किस आईपीएस अफसर ने रायपुर में एक पाश कॉलोनी में करोड़ों का मकान और दूसरे के बड़ी जमीन खरीदने की चर्चा तेज है…?


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