छत्तीसगढ़

सो जा ऐ दिल अब धुँध बहुत हैँ तेरे शहर में…. अपने दिखते नहीं हैँ जो दिखते हैँ वो अपने नहीं…?

वरिष्ठ प्रकार शंकर पांडे की कलम से

Ghoomata Darpan

सो जा ऐ दिल अब धुँध बहुत हैँ तेरे शहर में.... अपने दिखते नहीं हैँ जो दिखते हैँ वो अपने नहीं…?

टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा की लोकसभा की सदस्यता रद्द हो गई। उन्हें कैश फॉर क्वेरी यानी पैसे लेकर सवाल पूछने के मामले में दोषी पाया गया है।लोकसभा की एथिक्स कमेटी ने उनकी सदस्यता रद्द करने की सिफारिश की थी।इस रिपोर्ट के आधार पर ही उनकी सदस्यता रद्द की गई है।इस रिपोर्ट को जब लोकसभा में पेश किया गया तो टीएमसी ने इसकी स्टडी करने के लिए कम से कम 48 घंटे का समय मांगा था।लेकिन लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने इसे खारिज कर दिया।संसद में महुआ को बोलने का मौका नहीं मिला इस रिपोर्ट पर लोकसभा में वोटिंग हुई, सांसदों का बहु मत वोट महुआ मोइत्रा के खिलाफ रहा। ये पहला मामला नहीं है जब ‘कैश फॉर क्वेरी’ मामले में किसी सांसद की सदस्यता रद्द हुई हो। इससे पहले 2005 में भी ऐसा ही मामला सामने आया था,तब 11 सांसद इसके लपेटे में आए थे।उसमे छ्ग के भी भाजपा सांसद प्रदीप गाँधी भी शामिल थे।2005 में छत्रपालसिंह लोढ़ा भाजपा, अन्ना साहेब एम के पाटिल भाजपा,मनोज कुमार आरजेडी, चंद्रप्रताप सिंह भाजपा,रामसेवक सिंह कांग्रेस,नरेंद्र कुमार कुशवाहा बीएसपी,प्रदीप गांधी(राजनांदगांव छग) भाजपा,सुरेश चंदेल भाजपा,लालचंद्र कोल बीएसपी,वाईजी महाजन भाजपा,और राजाराम पाल बीएसपी,पर संसद में सवाल उठाने के लिए रिश्वत लेने का आरोप लगा था।

छ्ग में सीएम विष्णु देव,
बोनस में मिली है कौशल्या….?

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भाजपा ने रामललाऔर राममंदिर के नाम पर 2 सांसदों से देश सहित कई प्रदेशोँ में सरकार बनाई है, और अगले लोस चुनाव में भी राममंदिर निर्माण प्रमुख मुद्दा रहेगा यह तय दिख रहा है।हाल ही में छ्ग में सीएम विष्णु देव साय यानि ‘विष्णु’,मप्र में सीएम मोहन यादव यानि ‘मोहन'(कृष्ण) तथा राजस्थान में सीएम भजनलाल शर्मा (ब्राह्मण) यानि ‘ब्रम्हा’ की भी मदद निश्चित ही मिलेगी ऐसा लगता है।छत्तीसगढ़ में तो भाजपा को विष्णु के साथ बोनस में ‘कौशल्या’ भी मिल गई है।पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने श्रीराम के ननिहाल के साथ छ्ग की बेटी उनकी माता कौशल्या की धरती को बड़ा मुद्दा बनाया था। उन्होंने श्रीराम वनपथ गमन का भी जोर शोर से प्रचार किया था,पर उनकी सरकार नहीं बनी,अब छ्ग की नई सरकार के मुखिया विष्णु देव साय बने हैँ तो उनकी पत्नी का नाम ही कौशल्या है। उनकी सक्रियता दिखा रहीं है कि वे पति के राजनीतिक सफऱ में हम सफ़र की भूमिका अदा करेगी।

बीवीआर की क्या छ्ग
में होगी वापसी…….

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छ्ग कॉडर के1987 बैच के आईएएस,कश्मीर के पूर्व मुख्य सचिव, वर्तमान में केंद्र सरकार के नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रमण्यम को छ्ग की सरकार के मुखिया विष्णु देव साय का मुख्य सलाहकार बनाने की भी चर्चा तेज है। गुजरात में यह प्रयोग हो चुका है। छ्ग में एसीएस होम के पद पर रहते हुए इनके कार्यों की अभी तक तारीफ होती है। इन्हे छ्ग से सीधे अंतर राज्यीय प्रतिनियुक्ति पर कश्मीर का मुख्य सचिव बनाया गया था। कश्मीर की आजादी,धारा 370 का पूरा प्लान पीएम, गृह मंत्री, सुरक्षा अजीत डोभाल तथा इन्हीं ने मिलकर बनाया था।बीवीआर पहले पीएम डॉ मनमोहन सिंह फिर नरेंद्र मोदी के साथ पीऍमओ में भी रह चुके हैं। यहां यह बताना जरुरी है कि छ्ग, मप्र और राजस्थान में सरकार सुचारु रूप से चलाने दिल्ली से बड़े अधिकारी के भेजने की चर्चा नौकरशाही सहित राजनीतिक क्षेत्र में जमकर चल रही है।

जातिगत जनगणना कही
भारी तो नहीं पड़ी…..?

सो जा ऐ दिल अब धुँध बहुत हैँ तेरे शहर में.... अपने दिखते नहीं हैँ जो दिखते हैँ वो अपने नहीं…?

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के 15 सवर्ण उम्मीदवारों में से 13 की हार हुई है। जातिगत जनगणना के वादों के बीच कांग्रेस के इन सवर्ण उम्मीद वारों की हार कई सवालों को जन्म दे रही है।कांग्रेस ने इस बार राज्य की विधान सभा 90 सीट में से 15 सीटों पर ऊंची जातियों के उम्मीदवार उतारे थे।इनमें से आठ ब्राह्मण उम्मीदवार भी शामिल थे। ब्राह्मण उम्मीदवारों समेत उच्च जातियों के 13 कांग्रेस उम्मीदवारों को इस बार हार का सामना करना पड़ा इन 13 उम्मीदवारों में पिछली कांग्रेस सरकार के उपमुख्यमंत्री टीएस सिंह देव, मंत्री रवींद्र चौबे,मंत्री जय सिंह अग्रवाल,वरिष्ठ विधायक अमितेश शुक्ला औरअरुण वोरा शामिल हैं। उच्च जाति वर्ग के केवल दो कांग्रेस उम्मीद वार राघवेंद्र सिंह और अटल श्रीवास्तव जरूर चुनाव जीतने में कामयाब रहे।तीन बार के विधायक निवर्त मान उपमुख्यमंत्री टीएस सिंह देव कोअंबिकापुर सीट पर भाजपा के राजेश अग्रवाल के हाथों 94 वोट के अंतर से हार का सामना करना पड़ा। तीन बार के विधायक और निवर्तमान मंत्री जय सिंह अग्रवाल अपनी कोरबा सीट भाजपा के लखनलाल देवांगन से 25,629 मतों के अंतर से हार गए।ब्राह्मण समुदाय के आठ कांग्रेस उम्मीदवारों भी चुनाव हार गए हैं,अब कांग्रेस ब्राह्मण विहीन विधानसभा में हो गई है।रवींद्र चौबे साजा,अमितेश शुक्ला राजिम,महंत रामसुंदर दास रायपुर दक्षिण,विकास उपाध्याय रायपुर पश्चिम,अरुण वोरा दुर्ग शहर,पंकज शर्मा रायपुर ग्रामीण,शैलेश पांडे बिलासपुर,शैलेश नितिन त्रिवेदी बलौदा बाजार शामिल हैं।इधर भाजपा से चार ब्राम्हण विधायक बने हैं जिसमें अनुज शर्मा (धरसींवाँ) विजय शर्मा (कवर्धा) सुशांत शुक्ला (बेलतरा)पुरंदर मिश्रा (रायपुर उत्तर)शामिल हैं।विशेषज्ञों के अनुसार छग में जातिगत जनगणना और ओबीसी को लुभाने की कांग्रेस की कोशिश ने ऊंची जातियों के साथ अनुसूचित जन जाति श्रेणी के उम्मीद वारों की संभावनाओं को प्रभावित किया है।

जुनेजा के बाद कौन
बनेगा पुलिस मुखिया …?

सो जा ऐ दिल अब धुँध बहुत हैँ तेरे शहर में.... अपने दिखते नहीं हैँ जो दिखते हैँ वो अपने नहीं…?

अशोक जुनेजा छ्ग में पूर्णकालीन डीजीपी 5 अगस्त 22 क़ो बन गये थे,गृह विभाग ने आदेश में स्पष्ट लिखा था कि पुलिस बल के प्रमुख पदभार ग्रहण करने के बाद 2 साल तक इस पद पर बने रह सकेंगे। इस हिसाब से वे अगस्त24 में रिटायर होंगे पर बदली राजनीतिक परिस्थिति में कुछ भी कहा नहीं जा सकता है?इधर डीजी पद के लिये डीसीपी का भी अभी इंतजार है।इसके बाद कुछ सीनियर आईपीएस डीजी पदोन्नत हो सकते हैं।इधर विशेष डीजी राजेश मिश्रा अगले महीने जनवरी 24 में रिटायर होंगे इसलिये ये तो दौड़ से बाहर ही हो गये हैं?वहीँ अरुण देव गौतम जुलाई 27,पवन देव जुलाई 28,हिमांशु गुप्ता जून 29,एसआरपी कल्लूरी मई 31,प्रदीप गुप्ता जुलाई 31,विवेकानंद सिन्हा जनवरी 32,दीपांशु काबरा जुलाई 34 में रिटायर होंगे। इधर प्रति नियुक्ति पर होने वाले वरिष्ठ आईपीएस रवि सिन्हा जनवरी 24,स्वागत दास नवम्बर 24,जयदीप जुलाई 30 में रिटायर होंगे तो एडीजी तथा सीबीआई में संयुक्त संचालक पदस्थ रहे अमित कुमार की छ्ग वापसी हो रही है वे दिसंबर 35 में सेवानिवृत होंगे।

और अब बस…

0स्वैच्छिक सेवा निवृत्ति (VRS) की चर्चा भाजपा में तेज है, V फॉर वसुंधरा राजे R फॉर रमन सिंह और S फॉर शिवराज चौहान….?
0 सरगुजा संभाग से पहली बार कोई छ्ग का सीएम बना है।
0कई दिग्गजों के रहते छ्ग,मप्र में भाजपा का सीएम फार्मूला किसी को समझ में नहीं आ रहा है?


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