छत्तीसगढ़

मिलने आए तो बुके नहीं, बुक लेकर आएं : रेणुका सिंह

सीएम और मंत्रियों के एक फूल देने की अपील के बाद विधायक ने सोशल मीडिया के माध्यम से की अपील

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मिलने आए तो बुके नहीं, बुक लेकर आएं : रेणुका सिंह

मनेन्द्रगढ़।एमसीबी गुलदस्ते मत दीजिए, कुछ देर में मुरझा जाते हैं। स्वागत में कुछ देना ही है तो ऐसी किताबें दीजिए, जो बच्चे पढ़ सकें। छात्रहित में हों। यह अपील सोशल मीडिया के माध्यम से विधायक रेणुका सिंह की है। विनम्र अपील लिखते हुए विधायक रेणुका सिंह ने अपने सोशल मीडिया अकांउट में इस अपील की वजह भी बताई है। यह अपील इसलिए भी प्रासंगिक है, क्योंकि प्रदेश के मुखिया विष्णुदेव साय व अन्य मंत्रियों ने कई बार गुलदस्तों की जगह सिर्फ एक फूल देकर स्वागत करने की अपील की और इस अपील का असर धीरे धीरे हो भी रहा है। स्वागत और मुलाकात में बुके देने की बजाय बुक देने की अपील का मकसद बताते हुए भरतपुर सोनहत विधानसभा क्षेत्र की विधायक व पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री रेणुका सिंह कहती है कि, जब भी लोग मिलने के लिए आते है, तो साथ में बुके (फूलों का गुलदस्ता) लेकर आते हैं। लेकिन, उनके जाने के कुछ देर बाद ही ये मुरझा जाते है। इसलिए मिलने के लिए आने वाले सभी लोगों से मेरा यह आग्रह है कि आप मुझसे अब जब भी मिलने आएं तो कृपया फूल या बुके लेकर न आएं। उसकी जगह विद्यार्थियों के लिए उपयोगी किताबें या स्टेशनरी (कॉपी-कलम आदि) दें तो ज्यादा अच्छा होगा।

*आइए, हम साथ मिलकर ज्ञान का प्रकाश फैलाएं*
विधायक रेणुका सिंह का कहना है कि मेरा विधानसभा क्षेत्र भरतपुर सोनहत क्षेत्रफल के लिहाज से प्रदेश का सबसे बड़ा विधानसभा क्षेत्र है। यहां शिक्षा का स्तर बढाने की जरूरत है। जो बच्चे किताब कॉपी या संसाधनों की कमी की वजह से पढाई नहीं कर पाते हैं उनके लिए यह सहयोग है जो आपको हमको और हम सबको करना चाहिए ताकि किसी की पढाई संसाधन के अभाव में अधूरी न रह जाए। रेणुका सिंह ने इसे सफल बनाने के लिए आम जनमानस से अपील की है। उन्होंने कहा है कि, आइए, हम साथ मिलकर ज्ञान का प्रकाश फैलाएं।

मिलने आए तो बुके नहीं, बुक लेकर आएं : रेणुका सिंह


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