छत्तीसगढ़

मनरेगा श्रमिकों को पूरे 100 दिन का रोजगार उपलब्ध कराने वाला पहला ग्राम पंचायत बना कचोहर

कोरिया जिले के वनांचल सोनहत में श्रमिक परिवारों को रोजगार देने में ग्राम पंचायत ने बनाया रिकार्ड

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मनरेगा श्रमिकों को पूरे 100 दिन का रोजगार उपलब्ध कराने वाला पहला ग्राम पंचायत बना कचोहर

बैकुण्ठपुर । कोरिया जिले के वनांचल सोनहत के दूरस्थ ग्राम पंचायत कचोहर में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में एक नया आयाम स्थापित किया गया है। यहां जनपद पंचायत और ग्राम पंचायत के प्रबंधन से महात्मा गांधी नरेगा योजना की मूल अवधारणा के अनुसार प्रत्येक पंजीकृत परिवार को 100 दिन का रोजगार उपलब्ध कराया गया है। कोरिया कलेक्टर  विनय कुमार लंगेह ने ग्राम पंचायत कचोहर की इस उपलब्धि पर पूरी मनरेगा टीम को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। लक्षित मानव दिवस के सृजन के साथ पंजीकृत समस्त मनरेगा जॉब कार्ड धारी परिवारों को 100 दिन का रोजगार उपलब्ध कराने के संबंध में जानकारी देते हुए जिला पंचायत कोरिया की मुख्यकार्यपालन अधिकारी श्रीमती नम्रता जैन ने बताया कि कोरिया जिला मुख्यालय से लगभग 75 किलोमीटर दूर एक वनांचल ग्राम पंचायत कचोहर है। आदिवासी बाहुल्य इस ग्राम पंचायत में आवागमन काफी कठिन है और यहां 96 जॉब कार्ड धारी पंजीकृत परिवार मनरेगा योजना के तहत पंजीकृत हैं। यहां के जॉब कार्ड धारी परिवारों में लगभग 80 प्रतिशत परिवार अनुसूचित जनजाति वर्ग से आते हैं। यहां षत-प्रतिषत पंजीकृत परिवारों को 100 दिन का रोजगार देने में सफलता प्राप्त हुई है। महात्मा गांधी नरेगा के तहत ग्राम पंचायत कचोहर में गत वित्तीय वर्ष में कुल 17 कार्य कराए गए हैं जिनमें 14 हजार 831 मानव दिवस सृजित हुए हैं। इन कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए जिला पंचायत सीइओ श्रीमती जैन ने बताया कि ग्राम पंचायत कचोहर में सरपंच श्रीमती अनिता सोनवंशी इस नवगठित ग्राम पंचायत की पहली सरपंच हैं और उन्होंने ग्राम पंचायत सचिव श्री लालमन सोमवंशी, ग्राम रोजगार सहायक श्री राजकुमार के साथ मिलकर पूरे लगन से योजना का बेहतर प्रबंधन करते हुए एक कार्य एजेंसी के तौर पर अच्छा कार्य किया है।
जिला पंचायत सीइओ ने आगे बताया कि ग्राम पंचायत कचोहर में गत वित्तीय वर्ष में तालाबों के गहरीकरण के अंतर्गत कुदरा तालाब और रजखेता तालाब का गहरीकरण कार्य कराया गया है। साथ ही यहां 9 किसानों के भूमि का समतलीकरण कार्य पूरा कराया गया है। जल संरक्षण के लिए विशेष कार्य करते हुए बहरा नरवा और छुहिया नरवा के विकास के लिए लूज बोल्डर चेक निर्माण, खालबहरा में अंडरग्राउंड डाइक सहित एक परकोलेशन टैंक का निर्माण भी कराया गया है। इन सभी कार्यों में महिला श्रमिकों की भी लगभग 50 प्रतिषत भागीदारी रही है।  श्रीमती जैन ने कोरिया जिले को गत वित्तीय वर्ष में मिले लक्ष्य और उपलब्धि के आंकड़े देते हुए बताया कि अविभाजित कोरिया जिले के पांच जनपद पंचायतों की कुल 363 ग्राम पंचायतों मिलाकर मनरेगा के तहत 49 लाख 79 हजार मानव दिवस का रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य प्राप्त हुआ था जिसके सापेक्ष कोरिया जिले ने 60 लाख 84 हजार मानव दिवस का सृजन किया है। पंजीकृत परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ विभिन्न संरचनाओं का निर्माण कराया गया है इस दौरान कोरिया जिले में 63 औसत मानव दिवस सृजन किया गया है जो राज्य के औसत 51 से कहीं अधिक है। उल्लेखनीय है कि जनपद पंचायत सोनहत में राज्य व जिले के औसत से ज्यादा बेहतर करते हुए 75 औसत मानव दिवस का सृजन किया गया है। जिला पंचायत सीइओ ने जनपद पंचायत सोनहत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  एलेक्जेंडर पन्ना और मनरेगा के कार्यक्रम अधिकारी  प्रतीक जायसवाल को उनके बेहतर प्रबंधन के लिए बधाई देते हुए निरंतर योजना के सफल क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं।


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