छत्तीसगढ़

  “सबको आजू-बाजू रख, तू भी एक तराजू रख। थाली में है सूखी रोटी ख्वाबों में तो काजू रख-“।

वरिष्ठ साहित्यकार, सतीश उपाध्याय

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भारी जीत की ओर बढ़ती कंगना 
  "सबको आजू-बाजू रख, तू भी एक तराजू रख। थाली में है सूखी रोटी ख्वाबों में तो काजू रख-"।
हिमाचल प्रदेश(मंडी) से भाजपा प्रत्याशी  फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत का  चुनाव प्रचार शबाब पर है। उनकी सभा में भारी भीड़ उमड़ रही है ।उनका यह कथन गर्वित करने वाला है कि- मैं मंडी की बेटी हूं और राष्ट्रवादी आवाज के साथ इस चुनाव में प्रतिनिधित्व कर रही हूं। मैं कोई हीरोइन या स्टार नहीं  आपकी बहन और बेटी हूं और आप सब मेरा परिवार हो। वर्तमान राष्ट्रीय विचारधारा को देखते हुए कंगना रनौत की जीत की संभावना दिख रही है। तमाम आरोप प्रत्यारोप के बाद भी कंगना रनौत का जन संपर्क का निरंतर विस्तार हो रहा है। जनाधार बढ़ रहा है। देवभूमि हिमाचल प्रदेश में मंडी जिले के छोटे से गांव भांबला की कंगना फिल्म जगत में अठारह साल की उम्र से  सक्रिय है।चार राष्ट्रीय पुरस्कार पद्मश्री पुरस्कार प्राप्त है उसे। फिल्म के साथ अब राजनीति में उनकी साख दांव लगी हुई है।  हेमा मालिनी मथुरा से लोकसभा चुनाव में है। राम बने अरुण गोविल भी मेरठ से चुनाव मैदान में हैं।गायक और सांसद मनोज तिवारी तीसरी बार उतर पूर्वी दिल्ली से चुनाव मैदान में हैं। उत्तर पश्चिम दिल्ली लोकसभा से सांसद और गायक हंसराज हंस पंजाब के फरीदकोट सीट से किस्मत आजमा रहे हैं।। वर्तमान मतदाताओं के झुकाव के कारण यह बीजेपी के समस्त  स्टार जीत के प्रति आशान्वित है।
 अब मत पीना स्कूल में दारु
स्कूल में महिला शिक्षिका और स्कूली बच्चों के सामने शराब पीने वाले शिक्षक को बर्खास्तगी  की सजा दी गई। छत्तीसगढ़ के शैक्षणिक जगत में शिक्षक चाहे जितना उपद्रव कर ले निलंबन से आगे कोई कार्यवाही होती ही नहीं थी।अब कई दशकों बाद छत्तीसगढ़ के दारू खोर शिक्षकों को सबक सिखाने के लिए पहली बार कलेक्टर की अनुशंसा पर जिला शिक्षा अधिकारी ने बर्खास्तगी की कार्रवाई की है। मामला मस्तूरी के प्राथमिक स्कूल के सहायक शिक्षक एलबी संतोष कुमार केवट से जुड़ा हुआ है जो 28 फरवरी को शराब पीकर स्कूल पहुंचा था और स्कूल में महिला शिक्षिका के सामने दारू छलका रहा था। निलंबित शिक्षक संतोष कुमार केवट का यह कृत घोर निन्दा  की श्रेणी में आता है, एवं सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम  का पूर्णतया उल्लंघन है।  बिलासपुर कलेक्टर की इस  सख्ती का छत्तीसगढ़ के तमाम   दारू खोर शिक्षकों पर  गंभीर असर  दिखाई दे सकता है।
केजरीवाल की साख  
  "सबको आजू-बाजू रख, तू भी एक तराजू रख। थाली में है सूखी रोटी ख्वाबों में तो काजू रख-"।
अरविंद केजरीवाल जेल जाने वाले भारत के पहले पदासीन मुख्यमंत्री हैं और उन्हें एशिया की सबसे बड़े कारागार में रखा गया है। डायबिटीज पेशेंट केजरीवाल तिहाड़ जेल के डॉक्टरों के निगरानी में हैं।  लोकतंत्र के इतिहास में इस विचित्र और संवैधानिक राजनीतिक परंपरा दर्ज हो गई है, जिसमें एक मुख्यमंत्री जेल के भीतर से अपनी सरकार का संचालन कर रहा है,और सरकारी आदेश जारी कर रहा है और तो और अरविंद केजरीवाल की पत्नी बगैर किसी राजनीतिक पद,ओहदे के बिना मुख्यमंत्री के कार्य में संवैधानिक कार्य में दखल दे रही है । लोकतंत्र का यह घोर
 मजाक ही है।भारत की छवि पर भी इसका असर दिखाई दे रहा है।
 वन विभाग  किसका इंतजार कर रहा है?
अब  कुछ दिनों बाद और तेज गर्मी पड़ेगी। अभी से गांव के हैंडपंप , कुआं, तालाब नदी  सूखने लगे हैं। पानी की तलाश में जंगलों के पशु पक्षी भी  भटकेंगे।  इंसान को तो   चीखने चिल्लाने से पानी मिल ही जायेगा ,मूक पशु पक्षियों का क्या होगा? वन विभाग मनेंद्रगढ़ को जंगलो में पानी  के इंतजाम के लिए  प्रयास शुरू कर देना चाहिए।यह सरकारी तंत्र है आग लगने पर ही कुआं खोदता है।
लाठी और महंत 
  "सबको आजू-बाजू रख, तू भी एक तराजू रख। थाली में है सूखी रोटी ख्वाबों में तो काजू रख-"।
मतदाताओं को ऐसे व्यक्ति को चुनने की जरूरत है जो उनके मुद्दे को उठा सके और डंडे से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सिर फोड़ सके”–यह बात कांग्रेस के वरिष्ठ नेता,चरण दास महंत ने लोगों से पार्टी उम्मीदवार भूपेश बघेल को- वोट देने की अपील करते हुए कहा है। कभी-कभी, जाने अनजाने  अति उत्साह  या   चिंता तनाव में , मजे हुए  अनुभवी नेताओं की जुबान से ऐसी बात निकल जाती है  , जो  उनके लिए  उनकी जमी  हुई छवि के  लिए बहुत हानिकारक सिद्ध होती है। प्रायः शांत प्रवृत्ति के नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत (छत्तीसगढ़ की कहावत में ही सही ) लाठी  से सर  (मूड़)फोड़ने की बात करते हैं  , तब आश्चर्य होता है। लोकसभा चुनाव में सांसद बनने की  एक एक वोट के लिए जहां प्रत्याशी  सघन संपर्क कर रहे हैं वहीं ऐसे सर फोड़ू बयान प्रत्याशी–को   बहुत नुक्सान  पहुंचा सकते हैं । महंत ने भले ही अपनी बात छत्तीसगढ़िया के मुहावरे में कहीं हो , भाजपा ने इसे मुद्दा तो बना ही लिया ।लक्षणा  और व्यंजना में  कही गई बात  स्वयं नेता प्रतिपक्ष के लिए माफी  मांगने और दुःख प्रकट  करने की नौबत खड़ी कर देगा ,ऐसा महंत जी ने भी नहीं सोचा होगा।  चुनाव निर्वाचन आयोग ने उनके खिलाफ एफ आई आर दर्ज करने का आदेश जारी कर दिया है।छत्तीसगढ़ में भाजपा के राष्ट्रीय नेताओं का दौरा है वे जब मंच से कहेंगे कि कांग्रेस के नेता मोदी का सिर फोड़ना चाहते है तो , एक बार फिर  महंत  जी को अपनी सफाई देनी पड़ सकती है । फिलहाल महंत के इस बयान  पर  सभी भाजपा कार्यकर्ता बोल रहे हैं,  मैं  भी हूं मोदी का परिवार, पहले लाठी हमें मारो।   सीएम विष्णु देव साय ने भी कहा है-” मैं कहता हूं मैं भी मोदी का परिवार हूं पहले डंडा मुझे मारो।”
हाथ बदलेगा हालात,
कांग्रेस की घर-घर गारंटी अभियान शुरू होने वाली है । कांग्रेस के वरिष्ठ राष्ट्रीय स्तर  के नेताओं का यह लक्ष्य है कि मोदी की गारंटी के तोड़ में कांग्रेस का 25 गारंटी वाला पत्र  8 करोड़ घरों तक पहुंचे। वर्तमान हालातो को देखते हुए कांग्रेस कमजोर हांफती थकी सी लग रही है, कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का जोश उबाल नहीं मार रहा है ऐसे निराशा वाले वातावरण में कांग्रेस कैसे 8 करोड़ घरों तक पहुंच पाएगी? बहुत मुश्किल लक्ष्य है। कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव के लिए घर-घर गारंटी अभियान की शुरुआत की है इसके तहत पार्टी कार्यकर्ता पांच न्याय, 25 गारंटी वादा कार्ड घर घर बांटेंगे। बहुत बोझिल मन से कांग्रेस ने युवा, ,नारी,  किसानों  के भरपूर विकास  के  मुद्दा को अपनी घोषणा में  दर्ज करने जा रही है। लोकसभा चुनाव अभी शबाब पर है पर पता नहीं क्यों कांग्रेस के पार्टी कार्यकर्ता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आह्वान को गति प्रदान नहीं कर रहे हैं। कांग्रेस का यह नारा -“हाथ बदलेगा हालात”   का हो सकता है आने वाले कुछ दिनों के बाद राजनीतिक गलियारे में सुनाई दे।

पूछते हैं सब सवाल 

  • वन विभाग इस गर्मी में जंगली जानवरों को प्यास से बचाने के लिए,  और आग से जंगलों को बचाने के लिए  निर्माण कार्य क्यों नहीं शुरू कर रहा है?  पानी के लिए  अस्थाई रूप से गड्ढे डबरी  बनाने  में इतनी सुस्ती क्यों है?
  • केल्हारी में भारतीय जनता पार्टी के सम्मेलन में कौन विशिष्ट मंत्री इस बात के लिए शर्त लगाने के लिए तैयार हो गया कि छत्तीसगढ़ की सभी 11लोकसभा सीट  बीजेपी के खाते में ही दर्ज होगी?

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