छत्तीसगढ़

आदिवासियों के ज़मीनो पर भारी गड़बड़झाला, राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र बैठे अनशन में

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आदिवासियों के ज़मीनो पर भारी गड़बड़झाला, राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र बैठे अनशन में

जनकपुर । एमसीबी जिले के दूरस्थ वनांचल क्षेत्र भरतपुर विकासखण्ड में रहने वाले के राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र की जमीन राजस्व विभाग ने छीन ली है। दो पीढ़ियों से बैगा जनजाति के लोग अपनी जमीन वापस लेने एसडीएम तहसील सहित कलेक्ट्रेट कार्यालय का चक्कर लगाने के बाद अब परिवार के सदस्य अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गये है ।

जनकपुर विकाखण्ड का है जहाँ एक बैगा परिवार अपनी जमीन के लिए कलेक्ट्रेट से लेकर तहसील कार्यालय का चक्कर लगा चुका मगर राजस्व विभाग उन्हें उनकी जमीन नही दे पाया दो पीढियां बैगा परिवार की अपनी जमीन पाने के लिये आज से अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल में बैठ गया । वही 1934-35 का रिकार्ड लेकर गेंदलाल बैगा और पवन कुमार बैगा दफ्तर का चक्कर लगा रहे है, लेकिन कोई अफसर उन्हें उनके हक की जमीन देने का तैयार नहीं । वर्तमान भू-अभिलेख से पीड़ित बैगा परिवार के जमीन को खसरा और रकबा गायब भी कर दिया गया है। पीड़ितों ने बताया कि खसरा क्र 161/1 है, जो लोधियाराम बैगा के नाम है। लोधियाराम बैगा के दो पुत्र शुक्लाराम और चैताराम बैगा है। जिन्हें शासन ने भू-आवंटन में 5-5 एकड़ का पट्टा दिया गया था। प्रेमलाल बैगा के नाम 1974-75 में 5 एकड़ जमीन थी, लेकिन 2006 में रिकॉर्ड निकलवाने पर पता चला कि अब उसके नाम दो एकड़ जमीन ही दर्ज है और उसके जमीन का खसरा नम्बर भी बदलकर 695-1 कर दिया गया है। वहीं तीन एकड़ जमीन को शासकीय बताया जा रहा है। जबकि पीड़ित का उस जमीन पर पुराना घर आज भी बना हुआ है। इसके लिए पूर्व में बेदखली का नोटिस भी दिया गया था। मामले में संज्ञान लेते हुए 4 फरवरी को घर गिराने पहुंच एसडीएम समेत अन्य अधिकारियों को पीड़ित ने दस्तावेज दिखाए, जिसके बाद अधिकारी घर गिराए बिना लौट गए। वहीं 5 फरवरी को पीड़ित प्रेमलाल बैगा की मौत सदमे से हो गई बताया जा रहा है । परंतु आज तक राजस्व अधिकारियों के द्वारा कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया अब देखना यह है कि क्या इस बैगा परिवार को अपनी पुश्तैनी जमीन मिलेगी या अधिकारियों की मिलीभगत से फिर किसी दमदार के हाथों बिक्री हो जाएगी वही अब देखना है कि सरगुजा सम्भाग ट्राइबल क्षेत्र कहा जाता है और इस क्षेत्र में ही राजस्व विभाग के द्वारा बैगा जनजाति की जमीन ही गायब कर दी है।

 

रविशंकर सिंह (जिला पंचायत सदस्य ) जनकपुर ने आकर अपना समर्थन इन बैगा परिवार को देते हुए कहा कि राजस्व विभाग के तहसील व अनुविभागीय  अधिकारी के लापरवाही के कारण कई लोगो के पट्टे की जमीन में गड़बड़ी की गई है की नक्शा कही की बता रहे है जमीन कहि ओर है । सेटिंग के आधार पर पूरा तहसील चल रहा है, भष्टाचार फेल हुआ है ।


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