छत्तीसगढ़

विवेकानन्द महाविद्यालय में युवा महोत्सव एवं वार्षिकोत्सव का गौरवपूर्ण आयोजन

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विवेकानन्द महाविद्यालय में युवा महोत्सव एवं वार्षिकोत्सव का गौरवपूर्ण आयोजन

मनेन्द्रगढ़।एमसीबी। शासकीय विवेकानन्द स्नातकोत्तर महाविद्यालय मनेन्द्रगढ़ के स्वर्ण जयंती वर्ष में स्वामी विवेकानन्द जयंती से उदघाटित युवा महोत्सव कार्यक्रम अंतर्गत आयोजित व्याख्यानमाला, आनंद मेला, पोस्टर प्रतियोगिता, पुष्पगुच्छ प्रतियोगिता, गमला सजाओ प्रतियोगिता आदि विभिन्न प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। महान राष्ट्र भक्त सुभाष चन्द्र बोस के जन्म दिवस, देशभक्ति दिवस पर समापन के रूप में युवा महोत्सव एवं वार्षिकोत्सव का गौरवपूर्ण आयोजन सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि  श्याम बिहारी जायसवाल जी मंत्री लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण के मुख्य आतिथ्य में संपन्न होना था,  उनकी अनुमति से कार्यक्रम प्रारंभ हुआ। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि नगर के प्रथम नागरिक श्रीमती प्रभा पटेल अध्यक्ष नगरपालिका परिषद मनेन्द्रगढ़,  धर्मेन्द्र पटवा पूर्व अध्यक्ष नगरपालिका परिषद मनेन्द्रगढ़ एवं  सरजू यादव पार्षद एवं नेता प्रतिपक्ष नगरपालिका परिषद मनेन्द्रगढ़ के आतिथ्य में हुआ।

विवेकानन्द महाविद्यालय में युवा महोत्सव एवं वार्षिकोत्सव का गौरवपूर्ण आयोजन

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. सरोजबाला श्याग विश्नोई ने किया। आमंत्रित अतिथियों में सर्वप्रथम प्रांगण में स्थित स्वामी विवेकानन्द की प्रतिमा तथा माँ सरस्वती एवं छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलन किया। तत्पश्चात मधुलिका एवं साथियों ने राज्यगीत प्रस्तुत किया। अतिथि देवो भवः का पालन करते हुए गणमान्य नागरिकों एवं पत्रकार बन्धुओं को जीवंत शिशु पौधा एवं पुष्प भेंट कर सम्मान किया गया।

विवेकानन्द महाविद्यालय में युवा महोत्सव एवं वार्षिकोत्सव का गौरवपूर्ण आयोजन

संक्षिप्त सम्मान समारोह उपरान्त प्राचार्य डॉ. विश्नोई ने स्वागत उदबोधन एवं महाविद्यालय का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होनें वर्षभर के महाविद्यालयीन विविध गतिविधियों एवं उपलब्ध्यिों को बताया। उन्होनें कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद हमारे छात्र न केवल सांस्कृतिक गतिविधियों में अपितु खेलकूद आदि गतिविधियों में जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर अपना प्रतिनिधित्व कर सफलता प्राप्त की है। उन्होनें यह भी बताया कि महाविद्यालय का अगले चरण में नैक मूल्यांकन वर्ष 2027 प्रस्तावित है। अतः इस हेतु हम सबको समन्वित प्रयास किये जाने की आवश्यकता है, ताकि हमारा महाविद्यालय ए ग्रेड प्राप्त कर जिला स्तर पर उच्च शिक्षा के प्रमुख केन्द्र के रूप में पहचाना जाये। उन्होनें इस दौरान माननीय मंत्री जी को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के लिए कुछ मांगे रखी जैसे – स्नातकोत्तर भवन, विज्ञान भवन, ऑडिटोरियम एवं सेमीनार हॉल, लायब्रेरी भवन बनाने एवं सभी प्रमुख विषयों में स्नातकोत्तर की कक्षायें प्रारंभ किये जाने की अनुमति आदेश जारी कराने का आग्रह किया। तत्पश्चात उपस्थित विशिष्ट अतिथियों ने भी अपने आर्शीवचन के रूप में संबोधित किया और आश्वासन दिलाया कि महाविद्यालय के हित में जो भी आवश्यक होगा वह भरसक प्रयास करके उसे पूरा किया जायेगा। संक्षिप्त उदबोधन उपरान्त सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरूआत सरस्वती वंदना एवं स्वागत नृत्य से हुआ। इसके पश्चात छात्र-छात्राओं के द्वारा विभिन्न प्रान्तों के आकर्षक एवं मनमोहक लोकनृत्य प्रस्तुत किये गये। इस दौरान राजस्थानी, पंजाबी, छत्तीसगढ़ी, बंगला, उड़िया, गुजराती, दक्षिण भारतीय एवं बॉलीवुड रीमिक्स आदि सामूहिक नृत्य प्रस्तुत किये गये। देशभक्ति दिवस के उपलक्ष्य में नेत्रहीन दिव्यांग विद्यार्थियोें के द्वारा सुमधुर राष्ट्रभक्ति गीत प्रस्तुत किया गया। एकल गायन, एकल डांस, कवि सम्मेलन एवं नशामुक्ति हेतु जनजागरूकता नाटक प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम के अंत में रैम्प वॉक के दौरान भारत के सभी प्रान्तों की वेशभूषा, अभिवादन शैली एवं उनके आचार-विचार को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जिसने उपस्थित दर्शकों को आनंदित एवं भाव-विभोर कर दिया। कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य डॉ. विश्नोई ने सफलतापूर्वक आयोजन हेतु महाविद्यालय परिवार, उपस्थित अतिथिगण, गणमान्य नागरिक, पत्रकार बन्धु एवं कोरियोग्राफर ए.डी. सर, टेन्ट, माईक, फोटोग्राफी, पुलिस सुरक्षा आदि सभी के प्रति आभार जताया। कार्यक्रम का संचालन छात्रसंघ प्रभारी श्री सुशील कुमार तिवारी, डॉ. श्रावणी चक्रवर्ती, डॉ. रश्मि तिवारी, डॉ. अरूणिमा दत्ता, श्रीमती अनुपा तिग्गा एवं छात्रगण – शिवम मिश्रा, याहद खान, रागिनी यादव और स्मिता तिवारी ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में प्राध्यापकगण श्री भीमसेन भगत, श्री रंजीतमणी सतनामी, डॉ. नसीमा बेगम अंसारी,  सुनील गुप्ता,  कमलेश पटेल,  सुशील कुमार छात्र,े ग्रंथपाल- शरणजीत कुजूर, अतिथि व्याख्याताओं में – डॉ. रेनु प्रजापति, डॉ. रामजी गर्ग,, श्रीमती रेखा सिंह,  रामनिवास गुप्ता  अवनीश गुप्ता, श्रीमती नीलम द्विवेदी,,  शुभम गोयल,  पुष्पराज सिंह, कु. अंकिता चटर्जी, डॉ. रिंकी तिवारी,  शिवकुमार, श्रीमती सुजाता त्रिपाठी एवं कार्यालयीन स्टॉफ में मनीष कुमार श्रीवास्तव,  सुनीत जाँनसन बाड़ा,  मनीष कुमार पोर्ते,  प्रेमलाल पटेल,  बाबूलाल शुक्ला, रामखेलावन गुप्ता,  हेमन्त सिंह, कु. साधना बुनकर,  भोले प्रसाद रजक, श्रीमती मायादेवी सिंह,  प्रदीप कुमार मलिक, सतीश सोनी, श्री सोहित राम यादव, पारस तिग्गा का विशेष योगदान रहा।


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