छत्तीसगढ़

स्कूली छात्राओं ने ‘न्यौता भोजन ग्रहण किया’,पोती के जन्म पर छात्राओं के साथ भोजन करना सुखद पल – महेन्द्र जैन’

सुपोषण शिक्षा और संस्कार भावी पीढ़ी की मजबूती के लिए जरूरी-  विनय कुमार लंगेह

Ghoomata Darpan


स्कूली छात्राओं ने ‘न्यौता भोजन ग्रहण किया’,पोती के जन्म पर छात्राओं के साथ भोजन करना सुखद पल - महेन्द्र जैन’
बैकुंठपुर। कोरिया । 17 फरवरी 2024/
शहर के समाजसेवी तथा आई सी  मार्ट के संचालक  महेन्द्र जैन ने अपने पोती के जन्म होने के अवसर पर  कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में जिले के कलेक्टर  विनय कुमार लंगेह की उपस्थिति में छात्राओं को पौष्टिक भोजन कराया गया।

छत्तीसगढ़ के स्कूलों में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों को दिए जाने वाले गर्म भोजन को सामुदायिक भागीदारी की बदौलत और अधिक पोषक बनाने की अभिनव पहल की गई है। शाला अवधि में विद्यार्थियों को भोजन प्रदाय करने के लिए संचालित प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना गाइड लाइन में सामुदायिक आधार पर तिथि भोजन के प्रावधान के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य में इसे  न्योता भोजन  के नाम से लागू किया गया है।

’जिलेवासियों से अपील’
इसी कड़ी में आज बैकुण्ठपुर के कन्या शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में शहर के समाजसेवी तथा आई सी  मार्ट के संचालक  महेन्द्र जैन ने अपने पोती के जन्म होने के अवसर पर छात्राओं को पौष्टिक व गरम भोजन कराकर न्योता भोजन की शुरूआत की। कलेक्टर  विनय कुमार लंगेह ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना से जहां बच्चों को पौष्टिक भोजन मिलेगा, वहीं समाज में एक सकारात्मक संदेश भी जाएगा। उन्होंने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि इस योजना के तहत जो भी संगठन संस्था इसमें भागीदार बनने चाहते हैं, वे जरूर पहल करें इससे सुपोषणए शिक्षा और संस्कार में भी बढ़ोत्तरी होगी।

’स्कूल में दिए जाने वाले भोजन का विकल्प नहीं’

स्कूली छात्राओं ने ‘न्यौता भोजन ग्रहण किया’,पोती के जन्म पर छात्राओं के साथ भोजन करना सुखद पल - महेन्द्र जैन’

श्री लंगेह ने कहा कि प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों को दिए जाने वाले गर्म भोजन को सामुदायिक भागीदारी की बदौलत और अधिक पोषक बनाने की अभिनव पहल की गई हैए जबकि स्कूल में दिए जाने वाले भोजन का विकल्प नहीं होगा।

’न्योता भोजन का उद्देश्य’
न्योता भोजन का उद्देश्य समुदाय के बीच अपनेपन की भावना का विकास भोजन के पोषक मूल्य में वृद्धि और सभी समुदाय वर्ग के बच्चों में समानता की भावना विकसित करना है। यह पूरी तरह से स्वैच्छिक है और समुदाय के लोग व कोई भी सामाजिक संगठन स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को पूर्ण भोजन का योगदान कर सकते हैं। अतिरिक्त पूरक पोषण के रूप में खाद्य सामग्री का योगदान कर सकेंगे। न्योता भोजन स्कूल में दिए जाने वाले भोजन का विकल्प नहीं होगा बल्कि यह विद्यार्थियों को दिए जा रहे भोजन का पूरक होगा। समुदाय में ऐसे दानदाताओं की पहचान की जा सकती है जो रोटेशन में माह में कम से कम एक दिन शाला में न्योता भोजन करा सके। भोजन दान की प्रकृति को महादान के रूप में प्रचारित किया जाना है जिसमें पूरे विद्यालय अथवा किसी कक्षा विशेष के बच्चों को न्योता भोजन कराया जाता है। न्योता भोजन की घोषणा प्रार्थना के दौरान की जाएगी। घोषणा में दान.दाता के नाम की भी घोषणा की जा सकती है व उन्हें आमंत्रित किया जा सकता है। इस अवसर पर शहर के अनेक जनप्रतिनिधि शिक्षक शिक्षिकाएं तथा बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित थे।


Ghoomata Darpan

Ghoomata Darpan

घूमता दर्पण, कोयलांचल में 1993 से विश्वसनीयता के लिए प्रसिद्ध अखबार है, सोशल मीडिया के जमाने मे आपको तेज, सटीक व निष्पक्ष न्यूज पहुचाने के लिए इस वेबसाईट का प्रारंभ किया गया है । संस्थापक संपादक प्रवीण निशी का पत्रकारिता मे तीन दशक का अनुभव है। छत्तीसगढ़ की ग्राउन्ड रिपोर्टिंग तथा देश-दुनिया की तमाम खबरों के विश्लेषण के लिए आज ही देखे घूमता दर्पण

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button