छत्तीसगढ़

विवेकानंद महाविद्यालय में नए सैक्षणिक सत्र के प्रथम दिवस नई शिक्षा नीति 2020 पर हुई संवेदीकरण

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विवेकानंद महाविद्यालय में नए सैक्षणिक सत्र के प्रथम दिवस नई शिक्षा नीति 2020 पर हुई संवेदीकरण

मनेन्द्रगढ़।एमसीबी। शासकीय विवेकानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2024/25 के लिए स्टाफ काउंसिल की बैठक आयोजित की गई जिसमें महाविद्यालय की प्राचार्य एवं एन ई पी समन्वयक डॉ सरोजबाला श्याग बिश्नोई द्वारा महाविद्यालय में कार्यरत समस्त अधिकारी एवं कर्मचारियों को नई शिक्षा नीति लागू करने संबंधी संवेदीकरण के साथ प्रवेश प्रक्रिया, अकादमिक कैलेंडर तथा कार्यालयीन विभिन्न समितियों की गठन एवं संचालन संबंधी अत्यंत महत्वपूर्ण दिशानिर्देश दिए गए। संवेदीकरण बैठक में महाविद्यालय स्तर पर गठित एन ई पी क्रियान्वयन समिति के संयोजक डॉ अरुणिमा दत्ता, सदस्य श्रीमती स्मृति अग्रवाल एवं श्री सुशील छात्रे उपस्थित रहें। डॉ बिश्नोई ने बताया कि इस शैक्षणिक सत्र से राज्य स्तर पर उच्च शिक्षा में नई शिक्षा नीति 2020 लागू हो रही हैं जिसमें हमारे महाविद्यालय में छत्तीसगढ़ उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार तथा सरगुजा विश्वविद्यालय के नियमानुसार 18 जून 2014 से 31 जुलाई 2024 तक बी ए, बी एस सी तथा बी कॉम में प्रवेश दिया जाएगा। प्रवेशित छात्रों को सेमेस्टर पद्धति से पठन पाठन कराया जायेगा। नई शिक्षा नीति मल्टीपल एंट्री एग्जिट, समग्र एवं बहुविषयक शिक्षा दृष्टिकोण पर जोर देता है, जो अकादमिक विषयों के साथ-साथ कला, मानविकी, खेल और व्यावसायिक कौशल के एकीकरण को बढ़ावा देता है। यह दृष्टिकोण छात्रों के समग्र विकास को बढ़ावा देता है, रचनात्मकता, आलोचनात्मक सोच और समस्या-समाधान कौशल को बढ़ावा देता है। उन्होंने बताया कि इस नीति में लचीली परीक्षा पद्धति प्रस्तावित तथा पारित हुई हैं। नई शिक्षा नीति में कौशल विकास और व्यावसायिक शिक्षा पर जोर दिया गया है। एनईपी 2020 का उद्देश्य छात्रों को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप व्यावहारिक कौशल और प्रशिक्षण प्रदान करके शिक्षा और रोजगार के बीच की खाई को पाटना है। शिक्षा में प्रौद्योगिकी का उपयोग जैसे डिजिटल बुनियादी ढांचे की स्थापना, डिजिटल सामग्री के विकास और सीखने और मूल्यांकन के लिए ऑनलाइन प्लेटफार्मों के उपयोग के माध्यम से शिक्षा में प्रौद्योगिकी के एकीकरण को बढ़ावा देता है। नई शिक्षा नीति में शिक्षक प्रशिक्षण और व्यावसायिक विकास के महत्व पर जोर दिया गया हैं,जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि शिक्षक प्रभावी और शिक्षार्थी-केंद्रित शिक्षा देने के लिए आवश्यक कौशल और ज्ञान से लैस हों। नई शिक्षा नीति उच्च शिक्षा सुधार प्रस्तुत करता है, जिसमें बहु-विषयक संस्थानों की स्थापना, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देना, लचीले स्नातक कार्यक्रम, क्रेडिट-आधारित प्रणाली और पाठ्यक्रम में व्यावसायिक शिक्षा और इंटर्नशिप को शामिल करना शामिल है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 भारत में शिक्षा के भविष्य को आकार देने के उद्देश्य से परिवर्तनकारी बदलाव लेकर आई है। यह समग्र शिक्षा, बचपन की देखभाल, लचीले आकलन, कौशल विकास, प्रौद्योगिकी के एकीकरण, शिक्षक प्रशिक्षण और उच्च शिक्षा सुधारों पर जोर देती है। ये बदलाव शिक्षार्थी-केंद्रित, समावेशी और भविष्य के लिए तैयार शिक्षा प्रणाली बनाने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। इन हाइलाइट्स और बदलावों को अपनाकर, भारत गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए तैयार है जो छात्रों को 21 वीं सदी में सफल होने के लिए आवश्यक कौशल, ज्ञान और योग्यता प्रदान करती है। महाविद्यालय की आज की इस बैठक में समस्त प्राध्यापक एवं कार्यालयीन स्टॉफ उपस्थित रहें।


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