छत्तीसगढ़

उत्तम स्वास्थ्य -स्वस्थ भारत” कार्यक्रम के तहत विशिष्ट महिला योग साधिकाएं सम्मानित

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मनेन्द्रगढ।एमसीबी।उत्तम स्वास्थ्य एवं स्वस्थ्य भारत” हेतु समर्पित पतंजलि योग समिति जिला इकाई द्वारा प्रथम बार महिला सशक्तिकरण के परिप्रेक्ष्य में , विशिष्ट महिला योग साधकों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपने दैनिक दिनचर्या में योग एवं प्राणायाम को आत्मसात कर कठिन एवं गंभीर बीमारियों को परास्त कर आज सुखी जीवन व्यतीत कर रही हैं- उक्ताशय के विचार पतंजलि योग समिति के वरिष्ठ योग प्रशिक्षक एवं एमसीबी के जिला अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने व्यक्त किया । “उत्तम स्वास्थ्य स्वस्थ भारत”एवं महिला सशक्तिकरण के परिप्रेक्ष्य में, सरस्वती शिशु मंदिर खेल प्रांगण के परिसर में आयोजित सम्मान समारोह, में सुप्रसिद्ध आयुर्वेदिक चिकित्सक एवं छत्तीसगढ़ योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन के जिला प्रभारी डॉ संदीप चंदेल ने अध्यक्षता की। इस अवसर पर पूर्व पार्षद जसपाल सिंह कालरा (बब्बू)की विशेष उपस्थिति रही ।, “महिला योग साधकों के सम्मान “कार्यक्रम में “पतंजलि योग समिति से जुड़ी उन महिलाओं को सम्मानित किया गया , जो उत्तम स्वास्थ्य के लिए योग प्राणायाम को अपने जीवन में उतारने एवं योग प्रचार प्रसार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। उनके इस विशिष्ट कार्य के लिए ,बलवीर कौर,( जिला -प्रभारी महिला योग समिति जिला कोरिया) नीलम दुबे,वरिष्ठ व्याख्याता(शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मनेन्द्रगढ )पिंकी रैना, सुनीता मिश्रा, व्याख्याता (शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ) श्रीमती सुनीता शर्मा व्याख्याता (शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मनेंद्रगढ़,)कविता मंगतानी, ईरा कर ,हर्षलता खियानी, ,अनिता दास गुप्ता, श्रीमती बबली सिंह , पिंकी सलूजा, रोशन जहां, कु. शमां महिला योग साधकों को सम्मानित किया गया । सम्मानित होने वाली विशिष्ट महिला साधिकाओं को डॉ संदीप चंदेल,पतंजलि योग समिति के योग साधक, राकेश अग्रवाल, जसवीर सिंह रैना(बबलू) , रामसेवक विश्वकर्मा, सरस्वती शिशु मंदिर के आचार्य दिवाकर, रोहित सिंह, ने श्रीफल देकर सम्मानित किया।
महिलाएं सशक्तिकरण के विचार श्रृंखला के अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर पर सफल महिलाओं का उदाहरण देते हुए श्रीमती बलवीर कौर ने विविध पौराणिक प्रसंगों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि- महिलाएं आज खुद सक्षम हैं, माताओं के कोख में अब बालिकाएं सुरक्षित है, महिलाओं की सोच में काफी बदलाव आया आ चुका है।
कविता मंगतानी ने नारी प्रधान कविता प्रस्तुत किया। व्याख्याता नीलम दुबे ने महिला दिवस को शक्ति पर्व के रूप में मनाने का उल्लेख करते हुए कहा कि -” न अबला न बेचारी हूं ,मैं आज के युग की नारी हूं”। व्याख्याता सुनीता मिश्रा ने योग एवं प्राणायाम से सकारात्मक ऊर्जा का उल्लेख करते हुए , पतंजलि योग समिति से अधिक से अधिक महिलाओं से जुड़ने की अपील की। अप्सरा बुटीक की संचालिका श्रीमती इरा कर ने महिलाओं के स्वालंबन पर विचार व्यक्त किया। श्रीमती बबली सिंह ,श्रीमती हर्षलता खियानी ने योग एवं प्राणायाम से लाभ से जुड़े संस्मरण को सुनाया। योग साधिका हर्षलता ने बताया कि मैं योग को अपना कर ही किडनी जैसे गंभीर बीमारी से मुक्त हो चुकी हूं। संपूर्ण कार्यक्रम का संचालन पतंजलि योग समिति के वरिष्ठ योग प्रशिक्षक सतीश उपाध्याय ने किया। आयुर्वेदिक औषधालय घुटरा के संचालक डॉ संदीप चंदेल द्वारा आयुर्वेद औषधि एवं प्राणायाम में सूर्य नमस्कार से संबंधित पत्रक , एवं आयुर्वेदिक दवाइयां का वितरण भी किया गया। आमंत्रित अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए श्री उपाध्याय ने जानकारी दी की सरस्वती शिशु मंदिर के प्रांगण में प्रतिदिन प्रातः 6:00 बजे से योग प्राणायाम की नियमित कक्षा लगाई जा रही है। शीघ्र ही पतंजलि योग समिति के सौजन्य से डायबिटीज एवं हृदय रोग में विशेष उपयोगी योग एवं प्राणायाम से संबंधित शिविर का संचालन किया जाएगा।


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