छत्तीसगढ़

अगले वर्ष से कक्षा 1 से 10 तक सिलेबस बदलेगा विभाग ने एससीईआरटी ने शुरु की तैयार

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रायपुर। नई शिक्षा नीति के अनुरूप राज्य में भी स्कूली पाठ्यक्रम तैयार किए जाएंगे। इसके लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने तैयारी शुरु कर दी है। संभवतः अगले साल 2025 से कक्षा 1 से 10 तक सभी पाठ्य पुस्तकों में बदलाव किया जाएगा। पाठ्य पुस्तक निर्माण करने विषय विशेषज्ञों का पैनल तैयार करने नाम मंगाए गए हैं। नई सरकार ने प्रदेश में नई शिक्षा नीति लागू करने की घोषणा की है। सरकार की मंशा के अनुरूप नई शिक्षा नीति को लेकर शिक्षा विभाग ने तैयारियां भी प्रारंभ कर दी हैं। पाठ्यक्रम तैयार करने की जिम्मेदारी एससीईआरटी पर है। बालवाड़ी और कक्षा पहली से लेकर 10वीं तक विषयवार पाठ्यक्रम तैयार करने विशेषज्ञों का अलग-अलग पैनल तैयार किया जाएगा। एससीईआरटी ने पैनल के लिए नाम मांगे हैं। राज्य विषय विशेषज्ञ समिति में लोक शिक्षण संचालनालय, समग्र शिक्षा, एससीईआरटी, माशिमं के विशेषज्ञ प्रतिनिधि, अनुसूचित जाति जनजाति विकास विभाग के विशेषज्ञ प्रतिनिधि तथा शासकीय एवं निजी विश्वविद्यालय अंग्रेजी, इतिहास, व्यावसायिक मैनेजमेंट, विधि, शारीरिक शिक्षा किए जाएंगे। अगले साल से पाठ्य पुस्तकों जाएगा। इसकी रही है।

विशेषज्ञ समितियों के अकादमिक दायित्व

संकाय जैसे हिन्दी, संस्कृत, छत्तीसगढ़ी, समाज शास्त्र, राजनीति शास्त्र, अर्थशास्त्र, मनोविज्ञान, दर्शनशास्त्र, संगीत, ललित कला, रसायन, भौतिक, वनस्पति शास्त्र, जीव विज्ञान, गणित, भूगर्भशास्त्र, कृषि विज्ञान, अभियांत्रिकी, शिक्षा, कॉमर्स, लाइब्रेरी विज्ञान एवं के विशेषज्ञ शामिल जानकारी के अनुसार कक्षा 1 से 10 तक में बदलाव किया अभी से तैयारी चल रही है ।

विभिन्न विषयों की विशेषज्ञ समितियों के अकादमिक दायित्व भी तय किए गए हैं

इसमें पूर्व प्राथमिक कक्षाओं से लेकर कक्षा 10वीं तक की पाठ्य विषय वस्तु का निर्धारण, एससीईआरटी-राज्य शासन को पाठ्य पुस्तक निर्माण एवं लेखन से संबंधित परामर्श, पाठ्यवस्तु का चयन एवं पाठ्य पुस्तकों के लेखन सहयोग, विषयवार पाठ्यक्रम एवं शिक्षण अधिगम सामग्री का निर्माण, पाठ्यक्रम की मूल अनिवार्यताओं में कमी का निराकरण, शिक्षक मार्गदर्शिका निर्माण में सहयोग शामिल है।

कौन-कौन हो सकते हैं विषय वस्तु विशेषज्ञ

एससीईआरटी द्वारा सभी विषयों के पाठ्य पुस्तक निर्माण, शिक्षक संदर्शिका निर्माण, सहायक/पूरक सामग्री निर्माण तथा इसके अलावा राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यों के संपादन हेतु निम्नांकित अनुभवी विशेषज्ञ (स्कूल शिक्षा विभाग में कार्यरत अधिकारी एवं शिक्षक) हो सकते हैं। संबंधित विषय में न्यूनतम 15 वर्ष का अध्यापन कार्य, संबंधित विषय में न्यूनतम 10 राष्ट्रीय अथवा राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशालाओं में प्रशिक्षक के रूप में कार्यानुभव, न्यूनतम 5 राष्ट्रीय अथवा राज्य स्तरीय पाठ्य पुस्तक/सहायक सामग्री/पूरक सामग्री निर्माण व लेखन कार्यशालाओं में लेखक के रूप में अनुभव, स्वंतत्र लेखक, जिनके अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय, राज्य स्तरीय पत्र- पत्रिकाओं में न्यूनतम 10 आलेखों का प्रकाशन तथा ऐसे पीएचडी धारक जिन्होंने किसी विषय के किसी भी डोमेन में शोध पूर्ण किया हो।


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