छत्तीसगढ़

थोड़ी भीतर हरियाली हो,  और कहीं हो ताजापन , दिल में कहीं बचा कर थोड़ा ,रखना साथी अपनापन।

वरिष्ठ साहित्यकार सतीश उपाध्याय की कलम से

Ghoomata Darpan

बैचैन कांग्रेस पार्टी
थोड़ी भीतर हरियाली हो,  और कहीं हो ताजापन , दिल में कहीं बचा कर थोड़ा ,रखना साथी अपनापन।

विधानसभा में कांग्रेस की बुरी हार हुई  , इससे छत्तीसगढ़ की राजनीति पर एक नया मोड़ आ गया । कांग्रेस का मजबूत  किला ढह गया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी अभी तक इस अप्रत्याशित हार को पचा नहीं पा रही है ।इधर फिर  भी दीपक बैज गरज रहे हैं कि- छत्तीसगढ़  में भाजपा के दस पीढ़ी भी कांग्रेस को समाप्त नहीं कर सकती। वे कह  रहे हैं कि-” कांग्रेस एक विचारधारा है “जो आजादी की लड़ाई के साथ ही भारत की आत्मा में रची बसी है।

यह विचारधारा लोकसभा में कितनी फलीभूत होती  है,यह आने वाला समय ही बताएगा ।अभी कांग्रेस के शीर्ष नेता अपने कार्यकर्ताओं में आत्मविश्वास और जोश भर रहे हैं उनको अभी तक समझ में नहीं आ रहा है कि भूपेश सरकार ने जनहित का जो काम किया, आखिर इसका प्रतिफल क्या मिला? बस्तर से लेकर सरगुजा तक हर जाति, धर्म ,वर्ग समुदाय के लिए पिटारा खोल दिया था। स्वास्थ्य ,शिक्षा ,मूलभूत आवश्यकताओं को गरीबों तक पहुंचाया  गया,पूरे छत्तीसगढ़  किसनों की ऋण माफी ,समर्थन मूल्य में धान खरीदी, फसलों का समर्थन मूल्य ,वन उपज का भी समर्थन मूल्य ,तमाम ऐसी जनहितकारी  योजनाओं को लागू करने के बाद भी आखिर किस कारण से छत्तीसगढ़ की जनता को कांग्रेस  को नकार दिया? अब  कांग्रेस पार्टी को कौन बताएं कि कांग्रेस को अपना भ्रष्टाचार एवं दंभ से भरा चेहरा दिखाई नहीं दिया। पूरे छत्तीसगढ़ में 700 से अधिक आत्मानंद स्कूल खोले गए,  इसका भी पार्टी को कोई लाभ नहीं मिला ।देखना  यह है  कि कांग्रेस की वर्तमान  विचारधारा  जो  राम नाम  की भी विरोधी  ही नजर आ रही है , ऐसी विचारधारा कैसे आने वाले समय में राजनीति पर पुनः अपनी पुरानी साख  को हासिल कर  सकती है?

बाज आए भ्रष्टाचारी तो बेहतर
थोड़ी भीतर हरियाली हो,  और कहीं हो ताजापन , दिल में कहीं बचा कर थोड़ा ,रखना साथी अपनापन।
छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल में वित्त मंत्री ओ  पी चौधरी ने कहा है कि” -शासन के काम में लापरवाही बरतने  वाले और अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होगी, वहीं उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को पुरस्कृत  भी किया जाएगा ।” इसी मिशन के तहत प्रशासनिक सर्जरी कर दी गई है। वाणिज्य कर विभाग पर सर्वप्रथम गाज गिरी है विभाग  पर  22000 करोड़ का लक्ष्य रखा गया था जिसमें 15000 करोड़ ही अर्जित किए गए। लक्ष्य पूरा नहीं होने पर यह प्रशासनिक सर्जरी की गई। पता नहीं प्रशासनिक सर्जरी के तहत मनेद्रगढ़ का नंबर कब आएगा ?जहां कई विभागों में  अंगद की पैर की तरह अधिकारी ,लेखपाल एवं अन्य  भ्रष्ट अफसर जमें  हुए हैं। जो  प्रशासन को खोखला कर रहे हैं। ऐसे जमे हुए पुराने अफसरों, लेखापालों  को भी स्थानांतरित कर देना चाहिए
नक्सलवाद  उन्मूलन के लिए समर्पित सरकार
बीजेपी सरकार जब से काबिज हुई है तब से निरंतर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अमन चैन के लिए निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं।अब शासन को चाहिए कि नक्सलवाद के उन्मूलन के लिए शासन द्वारा जारी पुनर्वास नीति एवं आत्मसमर्पण अभियान को तेज किया जाए एवं आत्म समर्पित नक्सलियों को शासन की नक्सलवाद उन्मूलन नीति के तहत सहायता राशि के साथ सरकारी नौकरी एवं अन्य सुविधाओं की भी घोषणा की जाए। नक्सलियों पर लगाए जा रहे नकेल  का  नतीजा ही है कि, दक्षिण बस्तर के  बीजापुर जिले के सीमा पर विगत दिनों सुरक्षा सैनिकों के कैंप में 150 से अधिक नक्सलियों ने घात लगाकर हमला किया जिनमें से तीन जवान शहीद हो गए । कोबरा बटालियन के जवानों के फिर भी हौसले कम नहीं हुए हैं यह इलाका नक्सली बटालियन ,कमांडर हिड़मा का इलाका माना जाता है ।इस इलाके में नक्सली बटालियन की हमेशा मौजूदगी रहती है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुकमा जिले में हुई मुठभेड़ में तीन जवानों की शहादत को नमन किया है । यह तो तय है कि नए कैंप बनाए जाने से नक्सली बौखलाए हुए हैं, और ऐसी कायराना हरकत कर रहे हैं ।विश्वास है आज नहीं तो कल बीजेपी सरकार के इस कंक्रीटी संकल्प के आगे नक्सली नतमस्तक होंगे और एक दिन पूरा छत्तीसगढ़ नक्सली मुक्त हो जाएगा। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने  भी छत्तीसगढ़  से नक्सलियों के उन्मूलन के लिए विशेष अभियान चलाने के मंशा जाहिर की थी । गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार नेपाल, बांग्लादेश कुछ दूसरे दक्षिण एशियाई देशों से नक्सलियों को हथियार गोला बारूद और उपकरण निरंतर मिल रहे हैं और बाकायदा वे आतंक का प्रशिक्षण भी प्राप्त कर रहे हैं। अबूझमाड़ से मिली खबरों के अनुसार नक्सली सुरंग बनाकर सुरक्षा बलों पर हमले कर छुपाने का इस्तेमाल कर रहे हैं। चुनौती बड़ी है ,लेकिन बीजेपी सरकार लगी हुई है यह अच्छी बात है।

मनेद्रगढ़ में मेडिकल कॉलेज

यह अच्छी खबर है कि मनेद्रगढ़ में मेडिकल कॉलेज खुलने की प्रक्रिया पुनः शुरू कर दी गई है ।विगत दिनों  टीम ने और इंडस्ट्रियल पार्क परसगढी एवं अन्य क्षेत्रों का मुआइना किया। जानकारी के अनुसार वर्ष 2012 में कोल इंडिया के फंड से मनेद्रगढ़ में मेडिकल कॉलेज खोला जाना  था उसे समय करीब 200 करोड़ की स्वीकृति भी मिली थी ।तत्कालीन कोयला मंत्री श्री प्रकाश जायसवाल ने मनेद्रगढ़ में मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा की थी ,वहीं 2011 में तत्कालीन केंद्रीय कोयला राज्य मंत्री  ने  भी लोकसभा में सवाल उठाने पर जवाब में चार नए मेडिकल कॉलेज खोलने  जाने के तहत मनेद्रगढ़  में भी मेडिकल कॉलेज  प्रस्तावित होने की बात कही थी। मेडिकल कॉलेज में 90 फ़ीसदी केंद्र सरकार और 10 फीसदी  राज्य सरकार को राशि खर्च करनी थी ।इसके पहले सेंट्रल हॉस्पिटल मनेद्रगढ़ का कई बार सर्वे  हो चुका है मनेद्रगढ़ में मेडिकल कॉलेज खोलने को लेकर वर्ष 2012 से लेकर आज तक दर्जनों पर जमीन का निरीक्षण किया गया। यह टीम रिपोर्ट बनाकर राज सरकार को सौंपेगी ,फिर न जाने कब काम हो पाएगा? कुछ कहा नहीं जा सकता।

उफ़! उबड़- खाबड़ सड़क  एवं  सूखी जमीन पर विद्यालय 
मनेद्रगढ़ के निकट  तेंदूडांड़ ग्राम पंचायत में कई जगह वर्षों से पानी की विकराल समस्या है । और इसी जगह  तेंदुडांड़ ग्राम पंचायत में  “एकेडमी हाइट्स पब्लिक स्कूल” एवं “बचपन प्ले स्कूल “संचालित है,  विगत दिनों विद्यालय ने अपना बहुत ही प्रभावी वार्षिक  कार्यक्रम प्रस्तुत किया, जिसमें छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य मंत्री के साथ ,मध्य प्रदेश  के राज्य मंत्री एवं अन्य विशिष्ट अतिथि सम्मिलित हुए। कार्यक्रम के संचालकों  ने ग्राम पंचायत में विद्यालय में विकराल पानी के संकट के बारे में बताया और  अटल चौक से लेकर विद्यालय तक 500 मी बहुत ही खराब सड़क के लिए  सहायता मांगी है। अभी   निकली हुई गिट्टी एवं भारी गड्ढे के कारण विद्यालय आने-जाने में भारी सुविधा होती है । संचालकों ने स्वास्थ्य मंत्री से भी इन समस्याओं से निजात देने की गुहार लगाई है ।स्वास्थ्य मंत्री ने जल्दी ही जलप्रदाय की 20 लाख के प्रोजेक्ट के समय एकेडमिक हाइट  स्कूल तक  एक अलग पाइपलाइन की व्यवस्था का आश्वासन दिया , और 500 मीटर खराब सड़क बनवाने का वादा  भी किया ।उम्मीद है आने वाले समय में एकेडमिक हाइट्स पब्लिक स्कूल जो अपने शैक्षिक उपलब्धियां के लिए चर्चित है   में जल्द ही खराब सड़क एवं पेयजल समस्या से निजात  पा सकेगा ।
कश्मीर का शिकारा अब कोरिया में
थोड़ी भीतर हरियाली हो,  और कहीं हो ताजापन , दिल में कहीं बचा कर थोड़ा ,रखना साथी अपनापन।
विगत दिनों मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में झुमका डैम में दो दिवसीय महोत्सव का आयोजन हुआ। मुख्यमंत्री ने जहां कोरिया के विभिन्न कार्यों के लिए 75 करोड रुपए की सौगात दी वही झुमका डैम में शिकारा भी आकर्षण का केंद्र रहा ।जम्मू और कश्मीर की डल झील में दिखने वाला शिकारा अब एमसीबी जिले के पड़ोसी कोरिया जिले में भी   नजर आ रहा है। अब जिले के लोग अपने परिवार के साथ इसका भी आनंद ले सकते हैं। शिकारा का उद्घाटन  मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन ने इसका लुत्फ उठाया कर किया।
पूछते हैं सब सवाल ?
  • छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले के मामले में   70 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज है। छत्तीसगढ़ में 2161 करोड़ रुपए के शराब घोटाले के तहत हर महीने 50 लाख रुपए की अवैध कमाई  छत्तीसगढ़ के  किस पूर्व मंत्री को दी जाती थी?
  • इंडियन मेडिकल एसोसिएशन मनेद्रगढ़  ने  स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल  से बायोमेडिकल वेस्ट के निष्पादन की व्यवस्था हेतु “इंसीनरेटर “की मांग की है। वैसे तो
  •  इंसीनरेटर “में कोई भारी भरकम खर्च नहीं होने वाला है । आपको क्या लगता है “इंसीनरेटर “प्रत्येक नगर पालिका में कब तक लग पाएगा?

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