छत्तीसगढ़

ये सियासत के चश्मे कुछ धुंधले हो गये हैं…. चुनावी वादेआजकल सिर्फ जुमले हो गये हैं….

वरिष्ठ पत्रकार शंकर पांडे की कलम से

Ghoomata Darpan

ये सियासत के चश्मे कुछ धुंधले हो गये हैं.... चुनावी वादेआजकल सिर्फ जुमले हो गये हैं....

ये सियासत के चश्मे कुछ धुंधले हो गये हैं.... चुनावी वादेआजकल सिर्फ जुमले हो गये हैं....

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के परिणाम 3 दिसम्बर को आएंगे पर अभी से अगली सरकार बनाने का दावा किया जा रहा है। सीएम भूपेश बघेल फिर से कांग्रेस की सरकार बनने के प्रति आशान्वित हैं तो पूर्व सीएम डॉ रमन सिंह पूर्ण बहुमत से भाजपा की सरकार बनाने का अभी से दावा कर रहे हैं। इन दावों के पीछे कांग्रेस और भाजपा के तर्क भी अलग अलग हैं। कांग्रेस की मानें तो ग्रामीण क्षेत्रों में अच्छा मतदान कांग्रेस के पक्ष में गया है तो शहरी क्षेत्रों में कम मतदान भाजपा के खिलाफ गया है. किसान, मजदूर, महिलाओं ने कांग्रेस को समर्थन दिया,महिलाओं ने भूपेश सरकार की 15 हजार सालाना योजना को पसंद किया है। इधर भाजपा का तर्क है कि 50 से अधिक विधान सभाओं में महिलाओं ने अधिक मतदान किया है…. ये मतदान भूपेश सरकार की शराब बंदी नहीं करने के खिलाफ है तो महिला वंदन योजना में 12 हजार सालाना देने की घोषणा, मोदी सरकार की महिलाओं को 33%आरक्षण देने के पक्ष में है और भाजपा को पूरा आशीर्वाद दिया है।वैसे एक चर्चा यह भी है कि इस चुनाव में कोई अंदर करेंट है….!इसलिये बार्डर में ही सीटें लाकर ही अगली सरकार बनेगी। यानि सरकार बनाने वाली पार्टी को 50 के आसपास सीटें मिलेंगी?अभी तक भाजपा, कांग्रेस सरकार के एकमात्र मुस्लिम मंत्री मो. अकबर के पराजित होने का दावा कर रही थी पर अब मंत्री रविंद्र चौबे, कवासी लखमा, रूद्र गुरु, अमरजीत भगत के पराजित होने का दावा भाजपा के एक बड़बोले प्रवक्ता ने किया है यानि अब अकबर जीत रहे हैँ? इधर कॉंग्रेसी राजेश मुणत,प्रेमप्रकाश पांडे, अमर अग्रवाल, धरम लाल कौशिक,नारायण चंदेल,शिवरतन शर्मा, अजय चंद्राकर और धर्मजीत सिंह के पराजित होने की संभावना व्यक्त कर शर्त लगाने को तैयार है। सवाल यही है कि राजनीतिक पार्टी दावा कर रहीं हैं पर मतदाता शांत है,मतदान करने के बाद भी उससे कोई टोह नहीं मिल रही है…? वैसे कई न्यूज़ चैनलों ने अपने सर्वे में कांग्रेस की ही सरकार छ्ग में बनने की बात की थी,भाजपा के चुनाव घोषणापत्र और पीएम, गृह मंत्री,उप्र के सीएम आदि के आने के बाद अगर कोई चमत्कार हो गया होगा तो अलग बात है।वैसे महादेव ऐप को लेकर सीएम पर एक ड्राइवर के बयान के आधार पर आरोप मढ़ने से भी भाजपा उत्साहित हैँ पर इसका असर आम मतदाताओं पर पड़ा होगा ऐसा लगता तो नहीं है?कुल मिलाकर 3दिसम्बर को ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी….?

छ्ग में सीएम के कितने
हो गये हैं दावेदार…….

अभी छ्ग विधानसभा के परिणाम नहीं आए हैं, किस पार्टी की सरकार बनेगी यह कयास ही लगाये जा रहे हैं और अभी से कांग्रेस भाजपा में अगला सीएम कौन बनेगा यह चर्चा आम लोगों के बीच तेज है। कांग्रेस की सरकार बनती है तो स्वाभाविक तौर पर भूपेश बघेल सबसे ऊपर हैं तो लाइन में डिप्टी सीएम टी एस सिंहदेव ‘बाबा’ और डॉ चरणदास महंत लगे हैं।इधर बहुमत नहीं आने पर एक चर्चा महाराष्ट्र की शिंदे सरकार की तर्ज पर भी खरीदी बिक्री कर छ्ग में अगली सरकार बनने की भी कई लोग चर्चा कर रहे हैं यदि भाजपा की सरकार बनती है तो कांग्रेस से अधिक सीएम के दावेदार भाजपा में हैं। पीएम नरेंद्र मोदी के करीबी गौतम अडानी,भाजपा सरकार में प्रभावशाली नौकरशाह रहे अमनसिंह (आजकल अडानी के साथ) के मार्फत डॉ रमनसिंह का नाम सबसे ऊपर है,इनके अलावा पिछड़ा वर्ग से अरुण साव,धरम लाल कौशिक,नारायण चंदेल, पूर्व आईएएस ओपी चौधरी,आदिवासी वर्ग से विष्णु देव साय,राम विचार नेताम, केदार कश्यप भी उम्मीद पाले हुए हैं तो सुश्री सरोज पांडे का भी छ्ग में पहली महिला सीएम का दावा भी सामने आ सकता है?

झीरम घाटी : मामले की जाँच अब छ्ग पुलिस कर सकेगी…

ये सियासत के चश्मे कुछ धुंधले हो गये हैं.... चुनावी वादेआजकल सिर्फ जुमले हो गये हैं....

झीरम घाटी नक्सली हमले में छत्तीसगढ़ पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। इस हमले की जांच कर रही केंद्रीय जांच एजेंसी एनआईए की याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। इससे एनआईए को बड़ा झटका लगा है। अब इस मामले की जांच छ्ग की पुलिस कर सकेगी। राज्य सरकार इस मामले की जांच करा सकेगी। कोर्ट ने एनआईए की याचिका को खारिज करते हुए छत्तीसगढ़ पुलिस को मामले की जांच करने की अनुमति दे दी है। कोर्ट ने कहा है हम इस मामले में दखल नहीं देंगे।इस फैसले के बाद सीएम भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर ट्वीट कर लिखा कि ‘झीरम कांड पर सुप्रीम कोर्ट का आज का फैसला छत्तीसगढ़ के लिए न्याय का दरवाज़ा खोलने जैसा है। झीरम कांड दुनिया के लोकतंत्र का सबसे राजनीतिक हत्याकांड था। इसमें हमने दिग्गज कांग्रेस नेताओं सहित 32 लोगों को खोया था। कहने को एनआईए ने इसकी जांच की, एक आयोग ने भी जांच की, लेकिन इसके पीछे के वृहत राजनीतिक षडयंत्र की जांच किसी ने नहीं की। छग पुलिस ने जांच शुरु की तो एनआईए ने इसे रोकने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था। आज रास्ता साफ़ हो गया है। अब छत्तीसगढ़ पुलिस इसकी जांच करेगी। किसने किसके साथ मिलकर क्या षडयंत्र रचा था। सब साफ हो जाएगा।

और अब बस

0 किस पार्टी की सरकार बनेगी इसको लेकर मंत्रालय में अफसर कयास लगा रहे हैं।
0छ्ग की गुप्तचर शाखा के हिसाब से तो कांग्रेस की सरकार बन रही है।
0सरकार किसी भी पार्टी की बने…..एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल होना तय है?
0सरकार का चेहरा चमकाने वाले एक विभाग की भूमिका पर अब सवाल उठ रहे हैं?


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