छत्तीसगढ़

जीवन क्या है सूरज जैसा,  शाम हुई तो ढलना है  पथ हो चाहे कांटों का इसमें सब को चलना है

Ghoomata Darpan

राशन कार्डों का नवीनीकरण
जीवन क्या है सूरज जैसा,  शाम हुई तो ढलना है  पथ हो चाहे कांटों का इसमें सब को चलना है
छत्तीसगढ़ में इन दिनों खाद्य विभाग बहुत व्यस्त है।  प्रकाशित एक आंकड़े के अनुसार छत्तीसगढ़ में लगभग 76 लाख से अधिक  लोगों के पास राशन कार्ड है ,जिन्हें अब अपने राशन कार्ड का नवीनीकरण करना पड़ेगा। खाद्य विभाग के तय कार्यक्रम के अनुसार यह नवीनीकरण मोबाइल ऐप के माध्यम से भी होगा ।15 फरवरी तक राशन कार्डों के नवीनीकरण का कार्य संपादित किया जाना है; । समय सीमा पर काम हो इसके लिए जिला प्रशासन को  चाहिए कि इसका व्यापक प्रचार ,प्रसार करे एवं वार्ड प्रभारी नियुक्त करे, पार्षदों के माध्यम से भी इस समय सीमा के राशन कार्ड नवीनीकरण का काम संपादित किया जाए तो सुविधा होगी ।राशन कार्डों का नवीनीकरण के लिए प्रक्रिया को काफी सरल किया गया है फिर भी निराश्रित निशक्त जन, शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्तियों को नगर पालिका ,राशन कार्डों के नवीनीकरण में मदद करें तो अच्छा। अब निराश्रित ,निशक्तजन और सामान्य राशन कार्ड सबका नवीनीकरण होगा। एमसीबी जिले में, लगभग 1लाख 76 हजार से ऊपर कार्ड का नवीनीकरण होगा। नवीनीकृत राशन कार्ड वितरण करने के समय सीमा 29 फरवरी तक निर्धारित की गई है यह तभी संभव है जब बैनर पोस्टर एवं गांव में इसका व्यापक प्रचार प्रसार कर इसे प्रचारित किया जाएगा
ब्लड बैंक का अभाव
जीवन क्या है सूरज जैसा,  शाम हुई तो ढलना है  पथ हो चाहे कांटों का इसमें सब को चलना है
मनेद्रगढ़ के सरकारी अस्पताल में ब्लड स्टोरेज यूनिट तो है में कई वर्षों से तत्काल ब्लड उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।  आपातकालीन स्थिति में मरीज को ब्लड नहीं मिल पाता ,उसे बैकुंठपुर ब्लड बैंक रेफर कर दिया जाता है। अब तो मनेद्रगढ़ विधानसभा के विधायक  ही छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य मंत्री  हैं। मंत्री जी के विशेष प्रयास से अब यह सुविधा मनेद्रगढ़ सरकारी अस्पताल में आसानी से उपलब्ध हो सकती है।उनके संज्ञान में मनेद्रगढ़ ब्लड बैंक स्थापना के लिए उनके निकट के लोगों को  भी पहल करनी चाहिए। मनेद्रगढ़ के कुछ  युवा  एक समय मुहिम चला कर ब्लड बैंक की स्थापना पर काफी जोर दिया था। परंतु आज भी मनेद्रगढ़ ब्लड बैंक यूनिट में आपातकालीन स्थिति में ब्लड  की सुविधा नहीं है, यह अजीब विडंबना की बात है।
लंबित राजस्व प्रकरण
राज्य में 1 लाख 54हजार  से ज्यादा राजस्व के केस पेंडिंग पड़े हैं ।मनेद्रगढ़ में भी राजस्व के सैकड़ों केस पेंडिंग पड़े हैं ।उन्ही प्रकरणों पर सुनवाई होती है जहां संबंधित व्यक्ति ,आर .आई .और और पटवारी को मोटी रकम  देते हैं। मनेद्रगढ़ के राजस्व प्रकरण को शीघ्र निपटारे के लिए जिला प्रशासन को एक विशेष पहल करनी चाहिए ।इसके लिए राजस्व के शिविर लगाकर संबंध राजस्व अधिकारियों को समय सीमा में प्रकरण निपटाने का कड़ा निर्देश दिया जाए, एवं लापरवाही राजस्व अधिकारियों पर दंडात्मक कार्यवाही भी हो, तभी मनेद्रगढ़, तहसील कार्यालय में लंबित राजस्व प्रकरण को गति मिल सकेगी।
विधायक रेणुका सिंह की उत्कृष्ट पहल
जीवन क्या है सूरज जैसा,  शाम हुई तो ढलना है  पथ हो चाहे कांटों का इसमें सब को चलना है
पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री और भरतपुर सोनहत विधायक रेणुका सिंह ने उत्कृष्ट शैक्षिक उपलब्धि के लिए एक बालिका को प्रोत्साहित किया। जनजाति वर्ग की यह बालिका को एक दिन का विधायक बनाया । अंजलि बैगा नामक बालिका जनजाति वर्ग में प्रदेश में 12वीं कक्षा में विज्ञान विषय में पहला स्थान हासिल किया है। यह  रेणुका सिंह के  कार्य करने का नवीन ढंग है उनके इस पहल से आने वाले समय में यह बच्ची को काफी प्रोत्साहन मिलेगा एवं बच्ची को आगे बढ़ाने की काफी प्रेरणा मिलेगी विधायक रेणुका सिंह ने 12वीं में विशेष पिछड़ी जनजाति में से प्रदेश में टॉप करने वाले छात्र अंजलि को विधायक बनकर उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।
चले बुलडोजर
जीवन क्या है सूरज जैसा,  शाम हुई तो ढलना है  पथ हो चाहे कांटों का इसमें सब को चलना है
राज्य सरकार ने कड़ा एक्शन लेते हुए कवर्धा में एक  मुख्य आरोपी की दुकान और मकान के आगे अवैध अतिक्रमण को शक्ति से बुलडोजर के माध्यम से हटा दिया ,अभी की  इस रणनीति से तो ऐसा समझ में आ रहा है कि राज्य शासन भय मुक्त शासन देने के वादे पर चल रही है एवं अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर चलते हुए प्रदेश में अमन चैन स्थापित करने का प्रयास कर रही है। अभी तक हम उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बुलडोजर की कार्यवाही का प्रतीक मानते थे लेकिन छत्तीसगढ़ में भी कवर्धा एवं पंखाजूर में बुलडोजर की कार्यवाही की गई इससे अपराधियों में दहशत  होगा, अतिक्रमण करने वाले ऐसी कार्रवाई से डरेंगे  एवं राज्य में तेजी से हो रहे अतिक्रमण पर रोक भी लग सकती है।
 देशद्रोह कानून
संसद में तीन नए कानूनो को पारित कर दिया गया है इस कानून से गणतंत्र को मजबूती मिलेगी। न्याय संहिता में राजद्रोह और देशद्रोह को विभक्त कर दिया गया है। राजद्रोह जहां अब दंडनीय अपराध नहीं है परंतु देशद्रोह दंडनीय अपराध होने के साथ-साथ इसके लिए 7 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास का प्रावधान रखा गया है ।सीआरपीसी की धारा 41 ए के स्थान पर धारा 35 एक प्रभावकारी धारा है जिसमें यह व्यवस्था है कि कोई भी गिरफ्तारी बिना वरिष्ठ अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना संभव नहीं हो पाएगी।
आबकारी नीति
जीवन क्या है सूरज जैसा,  शाम हुई तो ढलना है  पथ हो चाहे कांटों का इसमें सब को चलना है
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कैबिनेट ने नई आबकारी नीति का अनुमोदन किया है। जिसके तहत यह निर्णय लिया गया है कि आगामी वित्तीय वर्ष में नई शराब की दुकान नहीं खोली जाएगी। राज्य में करीब 650 के आसपास देसी मदिरा की दुकानें हैं ,ये दुकानें तो चलती रहेगी लेकिन नई  शराब दुकानें अब नहीं खुल पाएगी ।  आबकारी विभाग मुख्यमंत्री के पास है इस दृष्टिकोण से आबकारी नीति में अब कसावट लाने के प्रयास किया जा रहे हैं ।आने वाले समय, नई आबकारी नीति के तहत 1 अप्रैल 2024 से प्रभावशील होगी। अभी दो माह तक पुरानी शराब शराब नीति के तहत शराब दुकान संचालित होगी।
कर्तव्य पथ पर मुरिया दरबार
जीवन क्या है सूरज जैसा,  शाम हुई तो ढलना है  पथ हो चाहे कांटों का इसमें सब को चलना है
गणतंत्र की 75वीं वर्षगांठ में इस बार दिल्ली में जनजाति कला एवं संस्कृति का उत्कृष्ट प्रदर्शन हुआ छत्तीसगढ़ से इस बार मुरिया दरबार पर केंद्रीय झांकी को वैश्विक स्तर पर पहचान मिली ।8 मार्च 1876 को इसकी शुरुआत हुई थी ।यह बस्तर दशहरा का अभिन्न अंग है। मुरिया दरबार में पहले राजा और रियासत के अधिकारी कर्मचारियों की बातें सुना करते थे और तत्कालीन प्रशासन से उन्हें हल करने की पहल होती थी ।आजादी के बाद मुरिया दरबार का स्वरूप बदल गया। रक्षा मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ की मुरिया दरबार को अपनी सहमति प्रदान की। इससे छत्तीसगढ़ का वैश्विक स्तर पर मान बढ़ा।  इसके लिए विष्णु देव साय  सरकार को बहुत-बहुत बधाई।  इस बार धुर नक्सली इलाके में भी धूमधाम से गणतंत्र दिवस मनाया गया बस्तर के कई नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बलों के कैंप खुलने के कारण, इस वर्ष गणतंत्र दिवस पर नक्सली कोई व्यवधान उत्पन्न नहीं कर पाए आजादी के बाद यहां पहली बार ध्वजारोहण हुआ।
* पूछते हैं सब सवाल ?
1-अटल आवास का आकस्मिक निरीक्षण  कर कैबिनेट मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल जी ने 15 दिन का समय स्थानीय नगर पालिका मनेद्रगढ़ को दिया है अटल आवास की दुर्दशा को बहाल करने के लिए क्या नगर पालिका इस अवधि में कुछ बेहतर कर सकेगी? पूछता है मनेद्रगढ़।
2- ईडी के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो( एसीबी )भी अब शराब और कॉल स्कैम की जांच करेगी । ईडी के प्रतिवेदन के आधार पर किस पूर्व कांग्रेसी विधायक का नाम शामिल होने की चर्चा है?

Ghoomata Darpan

Ghoomata Darpan

घूमता दर्पण, कोयलांचल में 1993 से विश्वसनीयता के लिए प्रसिद्ध अखबार है, सोशल मीडिया के जमाने मे आपको तेज, सटीक व निष्पक्ष न्यूज पहुचाने के लिए इस वेबसाईट का प्रारंभ किया गया है । संस्थापक संपादक प्रवीण निशी का पत्रकारिता मे तीन दशक का अनुभव है। छत्तीसगढ़ की ग्राउन्ड रिपोर्टिंग तथा देश-दुनिया की तमाम खबरों के विश्लेषण के लिए आज ही देखे घूमता दर्पण

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button