छत्तीसगढ़

कहां तो तय था चिरागाँ हर एक घर के लिये…. कहां चिराग मयस्सर नहीं शहर के लिये….

Ghoomata Darpan

कहां तो तय था चिरागाँ हर एक घर के लिये.... कहां चिराग मयस्सर नहीं शहर के लिये....

18वीं लोकसभा के लिये ओम बिरला दूसरी बार अध्यक्ष बने हैं,ओम बिरला अब लोकसभा अध्यक्ष बनने वाले नेता बलराम जाखड़, जीएम बालयोगी और पीए संगमा की सूची में शामिल हो गए।अगर बिरला अपना दूसरा कार्य काल पूरा कर लेते हैं तो जाखड़ के बाद ऐसा करने वाले दूसरे नेता होंगे। दूसरी बार कई नेता लोकसभा अध्यक्ष बनें, लेकिन पूरे 5-5 साल का कार्यकाल पूरे नहीं करपाए। सिर्फ जाखड़ ने ही 1980 से 1985 और 1985 से 1989 तक अपने दोनों कार्यकाल पूरे किया ।

राहुल बने लोकसभा
में नेता प्रतिपक्ष….

पहली बार राहुल गांधी ने संसद में संवैधानिक पद लिया है।पहली बार यह भी है,जब साथ लोकसभा में उनकी माँ सोनिया गांधी नहीं होंगी।सोनिया गांधी, राज्यसभा सांसद बन गई हैं और उन्हीं की परम्परागत सीट रायबरेली से राहुल गांधी चुने गए हैं। इस बार उनके साथ प्रियंका गांधी के लोक सभा में उनके साथ होने की संभावना हैं, वे वानयाड सीट से उप चुनाव लड़ेंगी। राहुल केरल के वायनाड से भी चुनाव जीते थे लेकिन उन्होंने राय बरेली से सांसद रहना चुना। वैसे नेता प्रतिपक्ष शैडो प्रधानमंत्री होता है। पूरे विपक्ष का ना सिर्फ़ वो नेतृत्व करता है बल्कि कई ज़रूरी नियुक्तियों में पीएम के साथ बैठता है। चुनाव कैंपेन में पीएम मोदी -राहुल गांधी के बीच देखा गया है, कि दोनों एक-दूसरे पर तीखी बयानबाज़ी करते हैं।ऐसे में पीएम के साथफ़ैसले लेना,काम चलाऊ रिश्ते कायम कर पाना राहुल के लिए चुनौती होगी,अगर वो ख़ुद को एक परिपक्व नेता के तौर पर और भी मज़बूत करना चाहते हैं तो उन्हें ये करना होगा।

पेपरलीक से इनको
क्या फर्क पड़ेगा ……!

कहां तो तय था चिरागाँ हर एक घर के लिये.... कहां चिराग मयस्सर नहीं शहर के लिये....

विदेश में पढ़ते या पढ चुके भाजपा नेताओं के बच्चे हैं… इसलिये देश में पेपर लीक से उन्हें कोई फ़र्क़ ही नहीं पड़ता है?सरकार में पेपर लीक होना अब आम बात हो गई है। परीक्षा में धांधली, पेपर लीक ने होन हार बच्चों के भविष्य के सामने बहुत बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। मॉं- बाप अपना पेट काटकर बच्चों को पढ़ाते हैं ताकि वो कुछ बन सके, लेकिन भाजपा सरकार लाखों करोड़ों परिवारों के सपनों को एक झटके में कुचल देती है। असल में भाजपा नेताओं को कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता, अधिकांश नेताओं के बच्चों का तो विदेश में पढ़ाकर भविष्य सुरक्षित है लेकिन वहीं देश के करोड़ों बच्चों का भविष्य पेपरलीक से बर्बाद किया है। शिवराज सिंह चौहान-इस केन्द्रीय मंत्री के दो बेटे हैं। दोनों की पढ़ाई अमेरिका से हुई है। वसुंधरा राजे सिंधिया- राजस्थान की पूर्व सीएम के बेटे दुष्यंत की पढ़ाई नौकटेल स्विट्ज़रलैंड से पूरी हुई है। राजनाथ सिंह-केन्द्र में मंत्री के बेटे नीरज सिंह ने यूके की लीड्स यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है। पियूष गोयल-केंद्रीय मंत्री की बेटी राधिका,बेटे ध्रुव ने हावर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है। प्रकाश जावड़ेकर-पूर्व केंद्रीय मंत्री के बेटे अपूर्व, बोस्टन यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है। निर्मला सीतारमण- इस केन्द्रीय मंत्री की बेटी वांगमयी परकला ने नॉर्थ वेस्टर्न यूनिवर्सिटी से ही पढ़ाई की है। एस.जय शंकर- इस केंद्रीय मंत्री के बेटे ध्रुव ने अमेरिका जॉर्ज टाउन यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है। वहीं बेटी मेघा ने डेनिसन यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है। रविशंकर प्रसाद-पूर्व केन्द्रीय मंत्री के बेटे आदित्य ने कॉर्नेल यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है। हर्षवर्धन- पूर्व केन्द्रीय मंत्री के बेटे सचिन ने मेलबर्न के मोनाश यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है ।गजेन्द्र सिंह शेखावत-केंद्रीयमंत्री की बेटी सुहासिनी ने ऑक्स फ़ोर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है। जितेंद्र सिंह- मोदी सरकार में राज्यमंत्री रहे सिंह के बेटे अरुणोदय ने ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है। संजय धोत्रे- मोदी सरकार में संचार राज्य मंत्री रहे धोत्रे के बेटे नकुल ने कैलिफ़ोर्निया यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है। हरदीप सिंह पुरी-इस केंद्रीय मंत्री की बेटी तिलोत्तमा ने वारविक यूनिवर्सिटीकॉलेज ऑफ़ लंदन से पढ़ाई की है। ज्योतिरादित्य सिंधिया- केंद्र के इस मंत्री के बेटे महाआर्यमन ने अमेरिका के शिकागो से पढ़ाई की है। स्मृति ईरानी-पूर्व केन्द्रीय मंत्री की बेटी शनैल ने वाशिंगटन डीसी से पढ़ाई की है।बेटे ज़ोहर ने वारविक यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है।

नीट पेपर लीक, छ्ग के
आईएएस सुबोधसिंह…

कहां तो तय था चिरागाँ हर एक घर के लिये.... कहां चिराग मयस्सर नहीं शहर के लिये....

नीट पेपर लीक को लेकर विवादों में घिरी एनटीए में बड़ा बदलाव किया गया है।केंद्र सरकार ने एनटीए के डीजी सुबोध कुमार सिंह को हटा दिया,उनकी जगह पर अब आईएएस प्रदीप सिंह खरोला को एनटीए का नया डीजी बनाया गया है।नीट को लेकर सुबोध सिंह चर्चा में आए थे।साल 1997 बैच के छत्तीसगढ़ कैडर के आईएएस सुबोध सिंह यूपी के कानपुर के रहने वाले हैं।सुबोध सिंह के पिता कानपुर में प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक थे सिंह ने स्कूली शिक्षा के बाद आई आईटी रुड़की से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीई की पढ़ाई की है,इसके बाद यहीं से एमई किया, फिर इग्नू से एमबीए की पढ़ाई की।सुबोध‍ आईएएस की ट्रेनिंग के बाद 2018 में पहली पोस्टिंग मंडला जिले में बतौर असिस्टेंट कलेक्टर पद पर हुई, इसके बाद वह कोरिया के एसडीओ बनाए गए। छत्तीसगढ़ राज्य गठन होने के बाद वह बस्तर के पहले जिला पंचायत सी ईओ बनाए गए थे।इसके बाद साल 2002 में उनकी नियुक्ति रायगढ़ डीएम के रूप में की गई, रायपुर, बिलासपुर के भी डीएम रह चुके हैं। जून 2023 में आईएएस सुबोधसिंह को एनटीए का महानिदेशक बनाया गया था।इसके बाद से वह इस पद पर बने हुए थे,पहले केंद्रीय खाद्य मंत्रालय में एडिशनल सेक्रेटरी के पद पर कार्यरत थे।

4 अफसरों की दोस्ती,
2 हो गये हैं पावरफूल..

कहां तो तय था चिरागाँ हर एक घर के लिये.... कहां चिराग मयस्सर नहीं शहर के लिये....

छग में सीएम के सचिव दयानन्द पी (आईएएस) और आयुक्त,जनसंपर्क मयंक श्रीवास्तव(आईपी एस)एक ही बैच के हैं,पर दयानन्द अब अधिक पावर फूल हो गये हैं। वहीं सीएम सचिवालय में पदस्थ राहुल भगत(आईपीएस)और सोनमणि वोरा(आईएएस) दोनों अच्छे मित्र हैं, दिल्ली में दोनों एक ही हास्टल में ऱह चुके हैं। वोरा यूपीएस सी के पहले चयनित हो गये और राहुल बाद में।दोनों को छ्ग कॉडर मिला,संयोग था की राहुल,केंद्र में संचालक, श्रम थे तब सोनमणि सचिव श्रम छ्ग थे।चलो अफसरों की दोस्ती का लाभ छ्ग को मिल सकेगा।पर एक बात तो है कि पहले और अब में अंतर है,अब दयानन्द, राहुल भगत छग में काफ़ी पावरफूल हो गये हैं, इस लिये पहले जैसी स्थिति बनी रहेगी या नहीं यह देखना है…?

और अब बस

  • छ्ग सरकार का कोई मंत्री ड्राप हो सकता है?विष्णु कैबिनेट में अभी सरगुजा संभाग से 4, बिलासपुर से 3 मंत्री हैं. रायपुर और बस्तर से 1-1 मंत्री ही हैं।
  • माना जा रहा है कि इस बार बस्तर, रायपुर से प्रति निधित्व बढ़ाया जा सकता है।
  • नक्सल मामले में छ्ग में अच्छी सफलता के बाद भी नया कार्यवाहक डीजी बनाने की चर्चा है …?क्या बस्तर आईजी को भी बदला जा रहा है?

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