छत्तीसगढ़

किसने दस्तक दी,दिल पे, ये कौन है…… आप तो अन्दर हैं,फिर बाहर कौन है……

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किसने दस्तक दी,दिल पे, ये कौन है...... आप तो अन्दर हैं,फिर बाहर कौन है......

अंतरात्मा… इस शब्द की गूंज काफी सुनाई दी,राज्य सभा चुनाव के दौरान सुबह से नतीजे आने तक इसकी चर्चा होती रही।उप्र में सपा और हिमाचल में कॉंग्रेसी विधायकों द्वारा भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने को लेकर भाजपा नेताअंतरात्मा की आवाज, राममंदिर प्राण प्रतिष्ठा के विरोध से भाजपा के पक्ष में मतदान से जोड़ रहे हैं…?जबकि पर्दे के पीछे क्या हुआ यह किसी से छिपा नहीं है…!आम बोलचाल की भाषा में भी लोग कहते हैं कि अंतरात्मा कीआवाज सुन लो..? अंतरात्मा का मतलब यह समझा जाता है कि आप अपनी आत्मा की आवाज सुनकर वोट दें,चाहे कोई भी पार्टी याउम्मीदवार हो! इसका मतलब है कि आप सिर्फ अपने नैतिक मूल्यों और सिद्धांतों के आधार पर वोट दें।मतदाता के अंतरात्मा की बात हुई लेकिन नेताओं के लिए इस अंतरात्मा के अलग-अलग मायने हैं।जब उनके वोट करने की बारी आती है तो इसके अलग मायने होते हैं।उदाहरण के तौर पर यूपी में सपा के कुछ विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की,उनकीओर से यह बयान आया कि वह पार्टी से नाराज नहीं,लेकिन अंतरात्मा की आवाज से वोट दिया।राजनीति में इस शब्द की पहली बार गूंज तब सुनाई दी,ज़ब इसका प्रयोग इंदिरा गांधी ने किया था।लंबा वक्त बीत जाने के बाद एक बार फिर इसशब्द की गूंज काफी सुनाई दी।जब इंदिरा ने अंतरात्मा की आवाज पर वोट देने की अपील की।एक वक्त ऐसा भी आया,तब पीएम इंदिरा गांधी ने अपनी ही पार्टी के घोषित प्रत्याशी के खिलाफ अपना राष्ट्रपति प्रत्याशी दे दिया था।1969 में ज़ब,तब राष्ट्रपति डॉ.जाकिर हुसैन के निधन के बाद,इंदिरा गांधी ने संसदीय दल की बैठक में एन.संजीव रेड्डी को प्रत्याशी घोषित किया ,लेकिन इंदिरा वीवी गिरि को समर्थन देना चाहती थीं। वीवी गिरि को पर्चा भरने के लिए तैयार किया, खुद उनकी प्रस्तावक बनकर यह संदेश दिया कि वह वीवी गिरि के पक्ष में ही मतदान चाहती हैं। एमपी ऍमएलए सेअंतरात्मा की आवाज पर वोट देने की अपील की।परिणाम आया, वी.वी.गिरी ने नीलम संजीव रेड्डी को हराया भी था।

2 महीने में 13 हजार करोड़ का कर्ज
बनाम 5 साल में 50 हजार करोड़ ….?

छत्तीसगढ़ कभी भूपेश सरकार पर कर्ज लेने के मामले में भाजपा निशाना बनाती थी,अब कांग्रेस, विष्णुदेव सरकार को 2 माह के कार्यकाल में13 हजार करोड़ के कर्ज लेने पर सवाल उठा रही है।प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा लिए गए कर्ज पर विपक्ष ने गंभीर सवाल खड़े किये हैँ, पूछा है कि भाजपा,छग को कहां लेकर जाना चाहती है? पूर्व मंत्री खरसिया से कांग्रेस के विधायक उमेश पटेल ने कहा है कि हमारी सरकार ने पिछले 5 साल में 50 हजार करोड़ का कर्ज लिया। उस समय कोरोना काल भी आया,प्रतिवर्ष हमने 8 हजार करोड़ का औसत कर्ज लिया।लेकिन भाजपा कि विष्णु सरकार को मात्र 2 महीने हुए हैं।अब तक 13 हजार करोड़ कर्ज लिया जा चुका है। साल के अंत तक 20 हजार करोड़ का कर्ज हो जाएगा।राज्य सरकार के कर्ज लेने पर वित्तमंत्री पूर्व आईएएस ओपी चौधरी का जवाब भी आया..हमने13 हजार करोड़ का कर्ज लिया है युवा,महिला,किसान ग्रामीणों के लिये कर्ज लिया है,हम कर्ज कांग्रेस सरकार की तरह नहीं ले रहे हैं,पूर्व सरकार तो दिल्ली की एटीएम थी,कांग्रेस सरकार में हर जगह माफिया राज था।

एक पूर्व आईएएस
अफसर ऐसा भी….

किसने दस्तक दी,दिल पे, ये कौन है...... आप तो अन्दर हैं,फिर बाहर कौन है......

अब एक सेवानिवृत आईएएस की चर्चा करना भी जरुरी है,सरकारी पद सम्हालने के दौरान महात्मा गाँधी की प्रतिमा स्थापना, ऑफिस में बापू का भजन अनिवार्य करने को लेकर चर्चा में रहे गणेश शंकर मिश्रा,शराब बेचने के विभाग के मुखिया रहे… पर शराब दुकानेँ बंद कराने की मुहिम भी चलाते रहे, जनसम्पर्क मुखिया के पद में रहते हुए छ्ग की देवी मंदिरों का सरकारी कैलेंडर आज भी चर्चा में है।सेवा निवृत होने के बाद हिन्दुराष्ट्र समर्थक भाजपा के सदस्य बने,पर सक्रिय राजनीति में उन्हें उतारने में भाजपा का राज्य स्तरीय नेतृत्व क्यों तैयार नहीं हुआ?जबकि उनके अनुभवों का लाभ लिया जा सकता था ? इधर मिश्रा जी कभी ब्राह्मण,कभी सवर्णों तथाअन्य समाज के लोगों को छ्ग में संगठित करने लगे रहते हैँ।हाल ही में रायपुर से लगे धरसीवां के ग्राम मुरा में विशाल हिंदू राष्ट्र धर्मसभा का आयोजन किया।जिसमें हजारों की संख्या में लोगों ने पुरीपीठ के शँकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती सेआशीर्वाद लिया स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पं. लखन लाल मिश्रा की पुण्य भूमि ग्राम मुरा में हुए इस आयोजन के सूत्रधार गणेश शंकर मिश्रा न सिर्फ धर्म से जुड़े कामों को लेकर क्षेत्र में सक्रिय हैं,बल्कि चुनाव से पहले सामाजिक कुरीति के रूप में प्रचलित शराब को बंद करने को लेकर भी मुहिम चला रहे हैं,शराब बंदी बड़ा मुद्दा तो बना ही था बहुत से गांव में शराब बिकना पूरी तरह से बंद भी हो गया है।

आईएएस,आईपीएस
या गिरोहबंदी…..?

किसने दस्तक दी,दिल पे, ये कौन है...... आप तो अन्दर हैं,फिर बाहर कौन है......

छत्तीसगढ़ में मुख्य सचिव रहे विवेक ढांड शायद पहले आईएएस होंगे जिनके घर कभी भी छापा मारा जाता है,हाल ही में कांग्रेस की सरकार के समय हुए शराब घोटाला को लेकर एसीबी ने छापा मारा,पहले भी उनके घर छापा मारा गया था …? दूसरे रिटायर आईएएस अनिल टुटेजा के घर भी पहले नान घोटाले फिर अभी शराब घोटाला में एसीबी ने छापा मारा,पहले ईडी भी छापा मार चुकी है,गिरफ्तारी से बचने तो वे सुप्रीम कोर्ट जा चुके हैँ।आय से अधिक सम्पत्ति के मामले में आईपीएस तथा पूर्व एडीजी गुरविंदर पाल सिंह पहले निलंबित किये गये,बाद में उनकी अनि वार्य सेवानिवृति हो चुकी है, आईपीएस पूर्व एडीजी मुकेश गुप्ता कुछ मामलों में अभी जाँच का सामना कर रहे हैं,हालांकि सेवा निवृत हो चुके हैं,उनकी पेंशनशुरू नहीं हो सकी है।कोयला मामले में आईएएस रानू साहू,समीर विश्नोईऔर प्रशासनिक सेवा की अफसर सौम्या चौरसिया अभी जेल में है तो कुछ आईपीएस ईडी की जाँच के दायरे में हैं, कुछ अफसर पीएससी मामले को लेकर सीबीआई की जाँच का सामना करेंगे।सीबीआई को एक मामले में रिश्वत की पेशकश करनेवाले आईए एस बाबूलाल अग्रवाल सेवा से बर्खास्त हैं,इस मामले में भूमिका निभानेवाले एक मिडियामैन अभी भी सक्रिय हैं।कुछ कांग्रेसी विधायक तथा कुछ नेता भी जाँच के दायरे में हैं।

और अब बस…

0महादेव सट्टा मामले में चर्चा में रहे किस एसपी का जिला अभी भी सलामत हैं,उसे कौन बचा रहा है?
0किस एसपी को विस चुनाव में आयोग ने हटाया था,वो नई सरकार में फिर एसपी बनने में सफल रहे?


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