छत्तीसगढ़

जो उड़ गये परिंदे, उनका क्या अफसोस करें…. यहां तो पाले हुये परिंदे भी, गैर की छत पर उतरते हैं….

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जो उड़ गये परिंदे, उनका क्या अफसोस करें.... यहां तो पाले हुये परिंदे भी, गैर की छत पर उतरते हैं....

साल 2014 में अंतागढ़ विधानसभा में उपचुनाव में कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी मन्तुराम पवार ने नाम वापस ले लिया था तब आसानी से भाजपा के भोजराज नाग विजयी हुए, नाग अभी कांकेर लोस के भाजपा प्रत्याशी हैं… और मंतुराम पवार ने हाल ही में भाजपा की सदस्यता ले ली है…?
पडोसी राज्य मप्र के इंदौर लोकसभा से कांग्रेस उम्मीद वार अक्षय कांति बम ने अपना नामांकन वापस ले लिया है।अक्षय बम,भाजपा में शामिल भी हो गये हैं। इस खबर के बाद छ्ग की ही एक ऐसी ही घटना की याद ताज़ा हो गई है।छ्ग में विस उपचुनाव 2014 में कॉंग्रेस प्रत्याशी ने अपना नामांकन वापस ले लिया था और यही घटना अजीत जोगी, अमित के कॉंग्रेस से बाहर होने का प्रमुख कारण भी बनी….? सन 2014 में अंतागढ़ विधानसभा उप चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मंतुराम पवार ने नामांकन वापसी के एक दिन पहले ही नामांकन वापस लेकर भूमिगत हो गये थे। तब राजनीतिक गलियारे में तरह- तरह के कयास लगाये जा रहे थे। भाजपा इसके पीछे हारने का डर और कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी को कारण बता रही थी, कांग्रेस, भाजपा की साजिश बता रही थी, कांग्रेसी मंतुराम पवार लगातार कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ रहे थे। 1998 से 2003 तक राज्य के गठन के समय विधायक रहे,2008, 20 13 में जरुर उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा था। 2008 के विस चुनाव में तो मंतूराम पवार की हार मात्र 108 मतों से विक्रमउसेण्डी से हुई थी,2013 के विस चुनाव में मंतूराम पवार को 5171 मतों से पराजित किया था। बाद में विक्रम उसेण्डी के लोस चुनाव जीतने के बाद रिक्त हुई अंतागढ़ सीट में उपचुनाव हो रहा था। छग की संसदीय परंपरा में वह पहली राजनीतिक घटना थी जिसमें कांग्रेस जैसे पुराने दल के अधिकृत प्रत्याशी ने अपना नामांकन वापस ले लिया
था वैसे छ्ग राज्य बनने के बाद संसदीय परंपरा को क्षति पहुंचाने की कई घट नाएं हुई है। अजीत जोगी के लिए भाजपा के विधायक द्वारा मरवाही विस सीट रिक्त करना, भाजपा के 12 विधायकों का दलबदल कर कांग्रेस में प्रवेश, विधायकों की खरीद-फरोख्त का प्रयास आदि ने नये राज्य की संसदीय परंपरा को आहत जरूर किया था। उस समय भी सवाल यह उठ रहा था कि मंतूराम पवार के नामांकन वापसी के पीछे आखिर कारण क्या थे? तब संगठन खेमा, पूर्व सीएम अजीत जोगी के बीच 36 का आंकड़ा किसी से छिपा नहीं था, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजीत जोगी, मोती लाल वोरा से अंतागढ़ विस उपचुनाव के प्रत्याशी चयन में राय नहीं ली गई, नामांकन के लिए भी संगठन ने आमंत्रित नहीं किया यह आरोप अजीत जोगी का था। उनका यह भी कहना था कि मंतूराम पवार चुनाव लडऩा ही नहीं चाहते थे.. ? यही कहना मंतूराम पवार की पत्नी का भी था। फिर जब संगठन खेमे ने जोगी के 250 नामों में किसी को भी संगठन में शामिल नहीं किया था तो जोगी समर्थक को उपचुनाव के प्रत्याशी बनाना भी क्या जरूरी था? लगातार हारने वाले मंतूराम को प्रत्याशी बनाने की क्या मजबूरी थी? ऐसे में प्रदेश की सरकार और भाजपा नेताओं की इस मामले में भूमिका से भी इंकार नहीं किया जा सकता था।खैर बाद में सीडी आई, कुछेक अखबारों में भी छपा, थाने में रिपोर्ट भी दर्ज हुई..तथा कथित लेनदेन की बड़ी चर्चा हुई।कॉंग्रेस,भाजपा नेताओं के नाम भी चर्चा में आए, कॉंग्रेस कमेटी ने अमित जोगी को पार्टी से निकाल भी दिया और कालांतर में अजीत जोगी का कांग्रेस छोड़कर नई पार्टी बनाने का सन्दर्भ बना,पर आज तक यह खुलासा नहीं हो सका है कि मंतुराम पवार ने नामांकन वापस क्यों लिया था और इसके पीछे कौन- कौन लोग थे। खैर मंतूराम पवार के नामांकन वापसी के बाद तब के प्रदेशकांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल और टीम की नेतृत्व क्षमता पर सवाल भी उठा था।

जनवरी से अभी तक 95 नक्सली मारे गये…

जो उड़ गये परिंदे, उनका क्या अफसोस करें.... यहां तो पाले हुये परिंदे भी, गैर की छत पर उतरते हैं....

छ्ग में भाजपा सरकार बनने के बाद नक्सली प्रभावित बस्तर में लगातार सुरक्षाबलों को बड़ी सलता मिली है,कभी नक्सल माम ले में आईपीएस कल्लूरी का कोई विकल्प नहीं था, पर अब सुंदरराज ने बखूबी नक्सलीक्षेत्र को सम्हाल रखा है बल्कि बस्तर में पद स्थापना,नक्सलियों को चुन -चुन कर मारने का भी रिकार्ड बनाया है।आईजी , बस्तर रेंज सुन्दरराज पी. ने बताया वर्ष 2024 में अब तक प्रतिबंधित, गैर कानूनी सीपीआई, माओवादी संगठन के विरूद्ध संचालित अभियानों के परिणाम स्वरूप बस्तर रेंज अंतर्गत कुल 95 माओवादियों के शव बरामद करने,अत्याधुनिक हथियार,एलएमजी -02, एके 47- 04,एसएल आर -01, इंसास – 03,30 3 रायफल-04, 9एमएम पिस्टल – 04 सहित बहुता यत संख्या में अन्य आर्म्स एम्युनेशन, विस्फोटक  सहित अन्य नक्सल सामग्री बरामद किया गया है।

आईपीएस सिंह की बहाली…? सुको जाएगी नहीं छ्ग सरकार…..?

जो उड़ गये परिंदे, उनका क्या अफसोस करें.... यहां तो पाले हुये परिंदे भी, गैर की छत पर उतरते हैं....

अनिवार्य सेवानिवृत्त आईपीएस जीपी सिंह को केंद्रीय प्रशासनिक अधिक रण(कैट) दिल्ली से बहाली मिल गई है। कैट ने 4 हफ्तों के अंदर सिंह से जुड़े सभी मामलों को निराकृत कर बहाली का आदेश दिया है।चूँकि कैट, हाई कोर्ट के सम तुल्य होता है इसलिये यदि छ्ग की राज्य सरकार इस फैसले से सहमत नहीं है तो सुप्रीम कोर्ट जा सकती है पर मौजूदा छ्ग की भाजपा सरकार ऐसा करेगी, लगता तो नहीं है?1994 बैच के आईपीएस जीपी सिंह को राज्य सरकार की अनुशंसा पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पिछली सरकार के कार्य काल में बर्खास्त कर दिया था।एक जुलाई 2021 को ईओडब्लू ,एसीबी ने जीपी सिंह के खिलाफ दर्ज एफ आईआर के आधार परकार्र वाई शुरू की थी।आय से अधिक संपत्ति का माम ला दर्ज किया गया था। रायपुर के सरकारी बंगले से लेकर ओड़िशा तक के ठिकानों पर छापेमारी हुई थी।सर कारी बंगले में दस्तावेज मिले थे।सरकार केखिलाफ साजिश जैसी बातें सामने आई थी। इस दौरान इन्हें राज्य सरकार ने निलंबित कर दिया था।जनवरी 22 में जीपी सिंह को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया था। करीब 4 माह जेल में रहने के बाद उन्हें जमानत मिली थी।जुलाई 23 में केंद्रीयगृह मंत्रालय ने छ्ग सरकार की अनिवार्य सेवानिवृत्ति की अनुशंसा को स्वीकार करते हुए रिटायर्ड कर दिया था।

ईडी ने जब्त की करीब
205 करोड़ की सम्पत्तियाँ….

ईडी ने छत्तीसगढ़ के शराब घोटाले से जुड़े आरोपियों की लगभग 205.49करोड़ की संपत्ति अटैच कर दी है। अटैच संपत्तियों में होटल, बहुमंजिली इमारतें शामिल हैं। बताया गया है कि, इन संपत्तियों में से ज्यादातर रायपुर के स्टेशनरो, शंकर नगर जैसे महंगे इलाके में हैं। जब्त सम्पतियों की कीमत लगभग 205 करोड़ बताई गई है।उक्त जानकारी ईडी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स में पोस्ट करके दी है। ईडी ने उसमें लिखा है कि,इन संपत्तियों में 18 चल,161 अचल संपत्तियां हैं।इसका संबंध पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा, अनवर ढेबर और शराब घोटाले से जुड़े अन्य लोगों से है।

और अब बस…..

0 राहुल गाँधी इस बार रायबरेली से भी चुनाव लड़ रहे हैं तो अमेठी से केएल शर्मा कॉंग्रेस से उम्मीदवार बनाये गये हैं।
0महंगाई…महंगाई… महंगाई….कौन कहता है महंगाई है,10 साल पहले 15 लाख खाते में आने का जुमला था?अब 5 किलो अनाज मिल रहा है, तो महंगाई घटी है न…?
0लोकसभा चुनाव-24 की आचार संहिता लगने के बाद छग में अब तक 119. 70 करोड़ नगद ,शराब, ड्रग्स और सामग्री जब्त की जा चुकी है।
0भाजपा सरकार ने छग के मीसाबंदियों की पेंशन शुरू करने का वादा पूरा किया है।पेंशन के साथ पिछले 5 साल का बकाया भुगतान भी हो रहा है।
0अम्बिकापुर पुलिस की साइबर सेल यूनिट ने चाइल्ड पोर्नोग्राफी से जुड़े मामलों में कार्रवाई करते हुए एक नाबालिग समेत आठ को गिरफ्तार किया है


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