: श्री शुक्ल बहुमुखी प्रतिभा के साहित्यकार हैं उन्होंने कविता, कहानी,उपन्यास आदि सभी विधाओं में लिखा है-अनामिका चक्रवर्ती
Sun, Mar 12, 2023
मनेन्द्रगढ़/( मृत्युन्जय सोनी ) हमारा आज का फाग फुहार कार्यक्रम छत्तीसगढ़ के साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल को समर्पित है हमारे लिए यह गौरव का विषय है कि विनोद कुमार शुक्ल को अमेरिका में दुनिया के सर्वोच्च सम्मानों से एक पेन अमेरिका व्लादिमीर नाबाकोव सम्मान से सम्मानित किया जा रहा है.
कोरिया साहित्य एवं कला मंच के अध्यक्ष रितेश कुमार श्रीवास्तव के निवास पर आयोजित कार्यक्रम फाग फुहार की शुरुआत करते हुए संस्था की संस्थापक सदस्य और क्षेत्र की सुपरिचित साहित्यकार अनामिका चक्रवर्ती ने कहा कि आज की नई पीढ़ी की तो बात ही छोड़िए नए और तथाकथित साहित्यकार भी अपने सिवाय दूसरे के बारे में न तो जानते हैं और न ही पढ़ते हैं श्री शुक्ल बहुमुखी प्रतिभा के साहित्यकार हैं उन्होंने कविता, कहानी,उपन्यास आदि सभी विधाओं में लिखा है उनकी एक कविता है.."जितने सभ्य होते हैं
उतने अस्वाभाविक ।
आदिवासी जो स्वाभाविक हैं
उन्हें हमारी तरह सभ्य होना है
हमारी तरह अस्वाभाविक"
इसके बाद उन्होंने अपनी रचना --"आलू टिक्की और गर्म तवा" के माध्यम से सज्जन से दिखने वाले सज्जन पुरुषों की ओढ़ी हुई सज्जनता का चित्रण किया इसी तारतम्य में
सरिता तिवारी ने अपनी रचना सुनाई.."प्रीत से सराबोर मेरा मन, तुम्हें कौन सा रंग लगाऊं पिया" इसके बाद मंच संचालन में सिद्धहस्त वीरांगना श्रीवास्तव ने अपना गीत सुनाया.."कान्हा के संग खेलती होली सखियां आज"
इसके बाद कोरिया साहित्य एवं कला मंच के संरक्षक और कार्टूनिस्ट, व्यंग्यकार जगदीश पाठक ने अपने व्यंगों से कार्यक्रम का वातावरण बदल दिया. इसी तारतम्य में क्षेत्र के वरिष्ठ साहित्यकार गंगा प्रसाद मिश्र ने अपने गीत सुनाए तत्पश्चात संस्था के संस्थापक सदस्य मृत्युन्जय सोनी ने अपनी रचना पढ़ी--"स्त्री है तो खुशी है, स्त्री है तो उत्सव है, स्त्री सोख लेती है सारे दुख,दर्द और ऊग आती है हरियाली"
इसी तारतम्य में नगर के सुरीले गीतकार नारायण प्रसाद तिवारी ने बसंत पर अपना गीत सुनाया-"दिल हारे जब संत कोई,मानो आया अब बसंत है" इसके बाद संस्था के वर्तमान अध्यक्ष रितेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा-" होली का त्यौहार आया मन में रंग गुलाल लाया खूब खिले टेसू वन में वन में खूब बहार लाया" इसके बाद नवोदित साहित्यकार कु.पूर्णिमा जायसवाल ने अपनी कविता सुनाई तत्पश्चात गौरव अग्रवाल ने फागुन पर अपना गीत सुनाया... "आया होली का त्योहार, मैं तो रंग लगाउंगा" इसके बाद संस्था की ज्योतिमाला श्रीवास्तव ने अपनी कविता पढ़ी-"यहीं कहीं था, केसरिया रंग वाला पलाश" इसके बाद लगभग ढाई साल से अपने घंटनाद के लिए चर्चित अधिवक्ता विजय प्रकाश पटेल और ग्रीनवैली के अध्यक्ष नरोत्तम शर्मा ने अपने फिल्मी गीतों से समां बांधा तत्पश्चात सरिता श्रीवास्तव ने अपनी कविताएं सुनाईं इसी तारतम्य में कवित्त के लिए प्रसिद्ध एस.एस.निगम ने अपने कवित्त सुनाए तत्पश्चात अपने योग के लिए प्रसिद्ध सतीश उपाध्याय ने अपने साहित्यिक गुरु बीरेंद्र श्रीवास्तव को प्रणाम करते हुए अपनी रचनाओं का पाठ किया.बिरेन्द्र श्रीवास्तव व अनिल जैन ने भी अपनी कविताओं का पाठ किया कार्यक्रम के अंत में जगदीश पाठक ने सभी को होली की उपाधियां दीं और संस्था अध्यक्ष रितेश कुमार श्रीवास्तव ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया इस अवसर पर मृत्युन्जय सोनी, अनामिका चक्रवर्ती, रितेश कुमार श्रीवास्तव, नीलम सोनी, संजय ताम्रकार, विनोद तिवारी, जगदीश पाठक, सरिता श्रीवास्तव, रोमेश श्रीवास्तव,ज्योतिमाला श्रीवास्तव, गंगा प्रसाद मिश्र, विजय प्रकाश पटेल, नरोत्तम शर्मा, गौरव अग्रवाल, बिरेन्द्र श्रीवास्तव, वीरांगना श्रीवास्तव, डा.सुरभि श्रीवास्तव, सरिता तिवारी, नारायण प्रसाद तिवारी,अनिल जैन, ऊषा श्रीवास्तव, एस.एस.निगम,पूर्णिमा जायसवाल उपस्थित रहे
: राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर महाविद्यालय में विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन
Thu, Mar 2, 2023
मनेन्द्रगढ़ । शासकीय विवेकानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय मनेन्द्रगढ़ में विगत 28 फरवरी को भारत के महान वैज्ञानिक नोबेल पुरस्कार प्राप्त डॉ सी वी रमन के जन्मदिन एवं राष्ट्रीय विज्ञानं दिवस पर प्राचार्य डॉ सरोजबाला श्याग बिश्नोई के संरक्षण, मार्गदर्शन में तथा प्राणीशास्त्र, भूगर्भ शास्त्र एवं वनस्पति शास्त्र के संयुक्त संयोजन तथा आई क्यु ए सी के तत्वाधान में विज्ञानं प्रदर्शनी का आयोजन किया गया I इस अवसर पर महाविद्यालय के विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों द्वारा चार्ट मॉडल इत्यादि का प्रदर्शन किया गया
इसमें उल्लेखनीय थे मानव शरीर के विभिन्न ऊतकों एवं अंत कंकाल की मॉडल, मानव नेत्र की आतंरिक संरचना, मलेरिया के परजीवी का संक्रमण पद्धति, नाइट्रोजन चक्र, खाद्य श्रृंखला, ग्लोबल वार्मिंग, भूपर्पटीय संरचना, जीवाश्म अध्ययन इत्यादि रोचक विषयों पर ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी मॉडल प्रदर्शित किया गया I प्राचार्य डॉ बिश्नोई ने डॉ सी वी रमन के प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त करते हुए विज्ञान के क्षेत्र में उनके द्वारा किये गए कार्यो को स्मरण करते हुए छात्र-छात्राओं को उनसे प्रेरणा ग्रहण करने के लिए कहा एवं उनके द्वारा प्रस्तुत प्रदर्शनियों की सराहना की I
महाविद्यालय में प्रायोगिक परीक्षाओं के दौरान बाह्य परीक्षक के रूप में उपवस्थित ऋषभ बोरकर, सहायक प्राध्यापक प्राणीशास्त्र एवं वीरेंद्र कुमार साहू सहायक प्राध्यापक वनस्पति शास्त्र ने प्रदर्शनियों के अवलोकन उपरांत सराहना करते हुए छात्र-छात्राओं को बधाई दी I इस दौरान महाविद्यालय के प्राध्यापकगण डॉ अरुणिमा दत्ता, भीमसेन भगत एवं श्रीमती रेखा सिंह द्वारा प्रदर्शनी हेतु विद्यार्थियों का सतत मार्गदर्शन किया गयाI प्रदर्शनी को सफल बनाने में महाविद्यालय के प्राध्यापक सुशील कुमार तिवारी, श्रीमती अनूपा तिग्गा एवं अतिथि वख्याता राजेश कुमार सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारियों का सहयोग सराहनीय रहा I