वरिष्ठ पत्रकार शंकर पांडे की कलम से...{ कॉलम 20 सालों से लगातार } : दर्द देंगे वे सिसकियाँ देंगे, हम हैं कागज वो कैँचियां देंगे.... जुगनूओं ने शराब पी ली है, अब ये सूरज को गलियां देंगे.
Praveen Nishee Sat, Nov 29, 2025
अभी देश के नागरिक अपनी असली समस्याएँ भूलकर एसआईआर में उलझे हुए हैं। छात्र, अपने शिक्षकों को ढूँढ़ रहे हैं,तो शिक्षक उनके माँ बाप को?जनता बीएलओ को ढूँढ रही है,पुराने वोटर-लिस्ट के पन्ने पलट अपने ही नाम का पता लगा रही है।नागरिक, देश में नागरिकता साबित करने की लाइन में खड़े हैं, चुनाव आयोग,चुनाव कराने से ज़्यादा अब नागरिकता जाँच का विभाग बन गया है।‘अच्छे दिन’आए हैं,ऐसा करने का साहस पहले किसी भी सरकार ने नहीं दिखाया था, जनता को उलझा देना हमेशा आसान होता है,सशक्त बनाना नहीं! छ्ग सहित 12 राज्यों में एसआईआर प्रक्रिया जारी है।एसआईआर से जुड़े कई सवाल लोगों के मन में हैं।कई लोग चिंता भी कर रहे हैं उनका नाम वोटर लिस्ट में नहीं मिला तो क्या देश से बाहर ही निकाल दिया जाएगा...?आपको बता दें -एसआई आर का किसी नागरिक की नागरिकता से कोई संबंध नहीं है।इसका उद्देश्य सिर्फ और सिर्फ मतदाता सूचीको अपडेट करना तथा मौजूद गलतियों को सुधारना ही है। गलत सूचनाओं- अफवाहों के कारण लोग भ्रमित हो रहे हैं।
युद्ध विराम की अपील
नक्सलियों द्वारा....
खूंखार नक्सली हिडमा के मारे जाने के बाद छग में नक्सलियों की कमर टूटगई है।सुरक्षाबलों का ऑपरेशन लगातार जारी है। नक्सली सहम गए हैं। ऑपरेशन रोकने के लिए गुहार लगाई है। नक्सलियों ने तीन राज्यों के सीएम से अपील की है, 15 फरवरी 26 तक ऑपरेशन रोक दें। इस दौरान नक्सली भी कुछ नहीं करेंगे। युद्ध विराम के दौरान कोई गोलीबारी नहीं हो,असल में हिडमा के मारे जाने के बाद नक्सली संगठन दहशत में हैं। अब माओवादी संगठन ने एक पत्र जारी किया है। साथ ही 15 फरवरी 2026 तक युद्धविराम की अपील की है। मप्र,महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ स्पेशल जोनल कमेटी ने बयान जारी कर कहा है कि तीनों राज्यों की सरकारें 15 फरवरी 2026 तक युद्धविराम करें। प्रेस नोट में नक्सलियों ने कहा कि हाल में सीसीएम सदस्य युद्धैया सहित कई नेताओं के निधन के बाद संगठन आंतरिक पुनर्गठन की प्रक्रिया से गुजर रहा है। सरकारों से अनुरोध है कि 15 फरवरी 2026 तक सभी सैन्य/कम्बिंग ऑपरेशन रोकें जाएं। संगठन का कहना है कि यदि सरकारें गोलीबारी रोकती हैं तो वे भी इस अवधि में पीएल जीए गतिविधियाँ बंद रखेंगे। संगठन ने यह भी लिखा कि सरकार युद्धविराम मानती है तो आगे बातचीत के लिए भी तैयार हैं।
दिल्ली में नक्सली हिंडमा
के पक्ष में नारेबाजी.....
देश की राजधानी दिल्ली में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब नक्सलियों के समर्थन में नारेबाजी हुई, इंडिया गेट में नक्सली लीडर माड़वी हिड़मा और नक्सलियों के समर्थन में नारे लगे, यहाँ वायु प्रदूषण के खिलाफ प्रदर्शन में हिड़मा अमर रहे के नारे लगाए।नारेबाजी पर विवाद गहराता जा रहा है, इस मामले में अब तक 23 लोग गिरफ्तार किए गए हैं जबकि 12 से ज्यादा छात्रों के खिलाफ केस दर्ज किया है।दिल्ली में युवाओं का समूह इंडिया गेट पर बढ़ते प्रदूषण,जहरीली हवा को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।इसी बीच प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आंध्र के मुठभेड़ में मारे गए नक्सली हिड़मा, नक्सलियों के समर्थन में नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने 'माडवी हिडमा अमर रहें' नारे भी लगाए। इतना ही नहीं कुछ हाथ में नक्सली लीडर का एक पोस्टर पकड़े हुए नजर आये।लिखा था'बिरसामुंडा से लेकर माडवी हिडमातक हमारे जंगलोंऔर पर्यावरण का संघर्ष जारी रहेगा'माओ वादी नारे लगाने के साथ प्रदर्शनकारियों ने हिड़मा, माओवादियों की नीति को सही बताया नक्सलियों के समर्थन में लगाए , वीडियो में देखा गया, नक्सली हिड़मा, माओवादियों के समर्थन में नारे लगा रहे हैं साथ ही हिड़मा का पोस्टर पकडे हुए हैं। इसे लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है, पुलिस ने मामले में माओ वादी नारे लगाने वाले 12 से ज्यादा छात्रों के खिलाफ धाराएं 74,79,105 (2), 132, 221, 223और 6 (2) के तहत कार्रवाई की गई है, 23 लोग गिरफ्तार किए गए हैं।इसके अलावा अन्य नारे लगाने वालों की पहचान की जा रही है।
36 वरिष्ठ एएसपी को
प्रवर श्रेणी वेतनमान
राज्य पुलिस सेवा के 36 सीनियर एएसपी को प्रवर श्रेणी वेतनमान देने का निर्णय लिया गया है।अब सभीएसपी,कमांडेंट या इसी स्तर पर पदस्थ हो सकेंगे।साय सरकार के इस ऐतिहासिक फैसले से जिनको इसका लाभ मिलेगा उनमें यू बी एस चौहान,पंकज शुक्ला, रोहित झा, तारकेश्वर पटेल,अंशुमान सिसोदिया, श्रीमतीअर्चना झा,दीपमाला कश्यप,वर्षा मिश्रा,उमेश कश्यप, लखन पाटले, अभिषेक वर्मा,जेपीबढ़ई, अमृता सोरी, दौलतराम पोर्ते,मिर्जा जियारत बेग आदि के नाम शामिल हैं।
सौम्या के 'कालेधन' पर
अब डकैतों की नजर..
पूर्व सीएम की उपसचिव रहीं सौम्या चौरसिया की मुंहबोली पुत्री के पिता के घर 20 डकैतों के गिरोह ने धावा बोलकर परिवार के 11 लोगों को रस्सी से बांध, सौम्या के कालाधन को घर में गड़ा कर रखने की बात कहते हुए सब्बल से पूरे घर के फर्श को ही खोद डाला। तराईडांड गांव के किसान शत्रुध्न महंत की कोरबा में रहने वाले सौम्या चौरसिया के परिवार से निकटता थी। बेटी बबीता,सौम्या के घर रह कर पली बढ़ी। सौम्या ज़बअधिकारी बनीं, बबीता को साथ ले गईं, लालन- पालन भी किया। भिलाई में बबीता को एमबीए कराया । 3 साल पहले विवाह हुआ और वर्तमान में वह अपने पति एवं बच्चे के साथ कुस मुंडा के एक गांव में रहती है।
और अब बस......
0 छ्ग में पहली बार डीजी आईजी कॉन्फ्रेंस हो रही है।
01जनवरी को बड़ी संख्या में नक्सलियों के आत्म समर्पण करने की चर्चा...
0छग में आवारा कुत्तों के प्रबंधन,जानकारी स्थानीय निकाय को देने शिक्षकों की ड्यूटीलगाई गई है,संचालक लोक शिक्षण ने इस आदेश जारी किया है।
0छग सरकार ने जमीन रजिस्ट्री की नई गाइडलाइन जारी कर दी है,शहरी क्षेत्रों में 20-40% ग्रामीण क्षेत्रों में 50-400%तक की वृद्धि दर्ज की गई है।
0अमानका चौपाटी हटाने के पीछे क्या एक पूर्व मंत्री का ईगो था... चर्चा तेज है।
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