मनेंद्रगढ़। एमसीबी। बरसात के मौसम में डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया जैसी मच्छर जनित बीमारियों के फैलने की आशंका के चलते मौसमी बीमारियों से आमजन के बचाव के लिए कलेक्टर डी राहुल वेंकट के निर्देशानुसार एडवाइजरी जारी की है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.अविनाश खरे ने बताया कि वर्षाकाल में मुख्यतः दूषित पेयजल एवं भोजन से उल्टी दस्त एवं मच्छरों की संख्या में वृद्धि होने से मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया आदि मच्छर जनित बीमारियां होती हैं। उल्टी दस्त मुख्य रूप से दूषित हाथों, दूषित भोजन, दूषित पेय ग्रहण करने से होती है। इनसे बचाव करने हेतु खाने एवं पीने के लिये स्वच्छ अथवा उबला हुआ पानी का उपयोग करें, भोजन को अच्छी तरह से पकायें, भोजन पकाने, खाने व परोसने से पूर्व हाथों को अच्छी तरह साबुन से धोंये। ताजा बना हुआ भोजन व खाद्य वस्तु का सेवन करें, ज्यादा देर का बना भोजन व बासी भोजन का सेवन न करें सदैव पानी, भोजन एवं अन्य खाद्य सामग्रियों को उचित ढक्कन से ढक कर रखें। सडे कटे एवं गले फलों को न खरीदें एवं बाजार में खुले हुए खाद्य पदार्थों का सेवन न करें, उल्टी दस्त होने पर चिकित्सीय सलाह लेवें।
मलेरिया, डेंगू से बचने आवश्यक उपाय अपनाएं
जिला नोडल अधिकारी डॉ.अतीक कुमार सोनी ने बताया कि बारिश के दिनों में मच्छरों के काटने से मलेरिया, डेंगू चिकनगुनिया, मच्छर जनित बीमारियां होती हैं, इन रोगों से बचाव के लिए मच्छरों से बचाव आवश्यक है। मच्छर पैदा न हो इसके लिये घर के आसपास पानी जमा न होने दे यदि पानी जमा है तो उसकी निकासी करें, निकासी संभव न हो तो रूके हुये पानी पर जले आयल या मिट्टी के तेल का छिडक़ाव करें, प्रति सप्ताह कूलर, टंकी, टायर, गमलों में जमा पानी खाली करें, पानी के बर्तनों को ढककर रखें, मच्छरों से बचाव के लिये खिडक़ी एवं दरवाजों पर मच्छर रोधी जाली लगाएं, पूरी बांह के कपड़े पहने, सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें, मच्छरों को भगाने वाली क्वाईल, क्रीम या लिक्विड का इस्तेमाल करें, नीम की पत्तियों का धुआं करें, मच्छरों को मारने के लिए इलेक्ट्रिक रैकेट का इस्तेमाल करें, बाहर जाए तो पूरे कपड़े पहन कर जायें।
स्वास्थ्य विभाग भी है अलर्ट मोड पर
मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे ने बताया कि मौसमी बीमारियों लेकर सभी खंड चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए गए है। इसमें एन्टोमोलोजिकल सर्विलेंस के आधार पर एंटीलार्वल रिडक्शन की गतिविधियां की जाएगी। एंटीलार्वल सोर्स रिडक्शन के काम आने वाले स्प्रे पम्प, फोगिंग मशीन आदि उपकरणों की स्थिति और आवश्यक इन्सेक्टीसाइड की उपलब्धता, लॉजिस्टिक के लिए भी निर्देश दिए गए हैं।
सरकारी चिकित्सा संस्थानों में डेंगू, चिकनगुनिया की जांच, एलाइजा आधारित एनएस वन, आईजीएम किट, आईजीजी किट की उपलब्धता के साथ-साथ प्रत्येक संस्थान द्वारा मलेरिया, डेंगू, चिकगुनिया की समय पर रिपोर्टिंग के निर्देश दिए गए है। वहीं आपात स्थिति से निपटने के लिए आकस्मिक योजना के तहत डेंगू वार्ड की पहचान की जाए इसके साथ ही केस प्रबंधन के लिए आवश्यक दवाइयां उपलब्ध रहे इसके लिए चिकित्सा अधिकारी पूरी तरह से ध्यान रखे। एडवाइजरी के अनुसार मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए प्रभावित क्षेत्रों में समय पर तैनाती की जाए तो वहीं बीमारियों की रोकथाम व बचाव के लिए की जाने वाली गतिविधियों की मॉनिटरिंग व सुपरविजन भी किया जाए। उन्होंने बताया कि इस दौरान नगर निकायों द्वारा नालियों व गन्दे पानी के स्त्रोतों एमएलओ डालना, घर के बाहर पानी की नालियों व अन्य पानी की साफ-सफाई करवाना, नालियों की सफाई,फोगिंग कार्य करवाए जाएंगे साथ ही शिक्षा विभाग द्वारा विद्यार्थियों को प्रार्थना सत्र के दौरान मौसमी बीमारियों के बचाव के उपाय बताए जाएंगे।