जंगली सूअर का शिकार करने वाले ओडिशा के 3आरोपी गिरफ्तार : टाइगर रिजर्व में धड़ल्ले से चल रही थी भरमार बंदूक! उदंती-सीतानदी में
Praveen Nishee Thu, Feb 12, 2026
गरियाबंद । (रोशनलाल अवस्थी ) उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में अवैध शिकार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए वन विभाग ने ओडिशा के तीन फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी भरमार बंदूक से जंगली सूअर का शिकार कर रहे थे। गुप्त सूचना के आधार पर की गई सटीक कार्रवाई में वन अमले ने आरोपियों को धर दबोचा और उनके पास से अवैध हथियार भी जब्त किए।
वन परिक्षेत्र दक्षिण उदंती अंतर्गत पी.ओ.आर. क्रमांक 51/09, दिनांक 15.01.2026 के तहत दर्ज प्रकरण में 10 फरवरी 2026 को यह गिरफ्तारी की गई। मुख्य आरोपी गुलतराम फरसराम (42 वर्ष), निवासी टांगापानी, ओडिशा, तथा उसके साथियों भद्रुसम (40 वर्ष) एवं राजमन (30 वर्ष) को जंगली सूअर के अवैध शिकार के आरोप में पकड़ा गया। आरोपियों ने पूछताछ में कबूल किया कि शिकार के लिए दो भरमार बंदूकों का इस्तेमाल किया गया था।
”घर और बाड़ी में दबिश, भरमार बंदूक बरामद”
जांच के दौरान वन परिक्षेत्र रायघर (ओडिशा) एवं उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व की संयुक्त टीम ने चेयराम बासनी (50 वर्ष), निवासी मेटपारा, ओडिशा के घर एवं बाड़ी में सर्च वारंट के आधार पर तलाशी ली। तलाशी के दौरान एक भरमार बंदूक बरामद हुई, जिसे मौके पर जब्त कर लिया गया। जब्त हथियार को विधिवत वन परिक्षेत्र अधिकारी दक्षिण उदंती के सुपुर्द किया गया।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कड़ी धाराएँ—
मामले की विवेचना अधिकारी धर्मेंद्र सिंह सोनवानी (वनपाल) द्वारा की जा रही है। आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 की धारा 9, 27, 29, 31, 34, 50 एवं 51 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों को 12 फरवरी 2026 को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गरियाबंद (छत्तीसगढ़) के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जिला जेल गरियाबंद भेज दिया गया।
”संयुक्त टीम की बड़ी सफलता”
इस कार्रवाई में गरियाबंद पुलिस के साइबर सेल प्रभारी सतीश यादव, उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व की टीम के गोपाल कश्यप (एंटी-पोचिंग टीम नोडल अधिकारी), चंद्रबली ध्रुव (परिक्षेत्र अधिकारी दक्षिण उदंती), वन रक्षक वीरेंद्र ध्रुव, सूर्यदेव जगतवंशी, श्रीमती ललिता मरकाम, पामेश्वरी नेताम, परचोतम, उदयराम यादव, अनूप जांगड़े, शाहरुख खान (वाहन चालक) तथा रायघर (ओडिशा) वन परिक्षेत्र के अमले का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
‘रेड कॉरिडोर’ से ‘टाइगर कॉरिडोर’ की ओर
उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में लगातार चलाए जा रहे शिकार-रोधी अभियानों के चलते वन्यजीव तस्करों और शिकारियों पर शिकंजा कसता जा रहा है। वन विभाग की सक्रियता से यह स्पष्ट है कि संरक्षित क्षेत्र में अवैध गतिविधियों के लिए अब कोई स्थान नहीं है।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि टाइगर रिजर्व क्षेत्र में अवैध शिकार करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगा।

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