भाजपा की प्रेस वार्ता : 1975 को लगाया गया आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय है, जिसे देश कभी नहीं भूल सकता-कृष्ण बिहारी जायसवाल
Praveen Nishee Wed, Jun 24, 2026
मनेन्द्रगढ़। भाजपा जिला कार्यालय में बुधवार को आयोजित प्रेस वार्ता में भाजपा के प्रदेश कार्य समिति सदस्य कृष्ण बिहारी जायसवाल ने कांग्रेस शासनकाल में लगाए गए आपातकाल को लोकतंत्र पर सबसे बड़ा कुठाराघात बताते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 25 जून 1975 को लगाया गया आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय है, जिसे देश कभी नहीं भूल सकता।
कृष्ण बिहारी जायसवाल ने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने सत्ता बचाने के लिए देश पर आपातकाल थोप दिया था। इस दौरान लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता को कुचला गया, विपक्षी नेताओं को जेल में डाल दिया गया और प्रेस की स्वतंत्रता पर भी गंभीर प्रतिबंध लगाए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने राजनीतिक हितों के लिए संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी की थी।
उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान लाखों लोगों के मौलिक अधिकार छीन लिए गए थे। विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए दमनकारी नीतियां अपनाई गईं और देश में भय का माहौल बनाया गया। भाजपा नेता ने कहा कि आज भी कांग्रेस लोकतंत्र और संविधान की बात करती है, लेकिन इतिहास गवाह है कि लोकतांत्रिक मूल्यों को सबसे अधिक नुकसान कांग्रेस शासन में ही पहुंचा था।
जायसवाल ने कहा कि भाजपा देश की जनता को आपातकाल की वास्तविकता से अवगत कराने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर रही है, ताकि नई पीढ़ी लोकतंत्र की रक्षा के महत्व को समझ सके। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए नागरिकों को सतर्क और जागरूक रहना आवश्यक है।
प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा नेताओं ने कांग्रेस की वर्तमान राजनीतिक कार्यशैली पर भी सवाल उठाए और कहा कि कांग्रेस आज भी परिवारवाद और सत्ता केंद्रित राजनीति से बाहर नहीं निकल पाई है। उन्होंने कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक मूल्यों, पारदर्शिता और सुशासन के प्रति प्रतिबद्ध है तथा देशहित सर्वोपरि रखने की नीति पर कार्य कर रही है।
इस अवसर पर भाजपा जिला प्रवक्ता जमुना पाण्डेय, जिला मीडिया प्रभारी रामचरित द्विवेदी, पूर्व जिला कोषाध्यक्ष राहुल सिंह, जिला पंचायत सदस्य उजित नारायण सिंह एवं कार्यालय मंत्री रमेश यादव सहित पार्टी के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रेस वार्ता में आपातकाल की बरसी के अवसर पर लोकतंत्र सेनानियों के योगदान को भी स्मरण किया गया।

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