: जटायु शिला,रावण से युद्ध और बस्तर में राम का वनागमन..
Tue, Mar 11, 2025
आश्रम में वापस आकर, व्याकुल राम और लक्ष्मण सीता की तलाश में दंडक वन में खोजबीन करने लगे। उस खोज के दौरान,उनकी मुलाकात मरते हुए जटायु से हुई। पक्षीराज जटायु, जिसने सीता के अपहरण की बात राम को बताने के लिए अपनी जान बचाई थी, कैसे रावण ने सीता का अपहरण किया था। जटायु ने बताया कि उसने सीता को बचाने की पूरी कोशिश की, उसने राम को बताया कि कैसे उसने रावण के रथ और उसे खींचने वाले शक्ति शाली खच्चरों को नष्ट कर दिया। हालाँकि,जब राम ने जटायु से पूछा कि सीता कहाँ हो सकती है, सवाल का जवाब देने से पहले ही पक्षी मर गया।क्या छ्ग में रहते थे जटायु, क्या यहां आए थे श्रीराम...!फरस गांव के आगे करीब दो किमी दूर जगदलपुर रोड पर हाईवे 30से नीचे उतर कर दायीं ओर जंगल में 600 मीटर भीतर यह स्थान है,जिसे जटायु शिला कहते हैं। जटायु वही विशालकाय पक्षी है, जिन्होंने रावण के चंगुल से सीता को छुड़ाने का प्रयास करते अपना बलिदान दिया था। माना जाता है कि जिस जगह जटायु रहते थे,जहां रावण से युद्ध हुआ था, वह जगह तब कोशल प्रदेश के दण्डकारण्य और अब के छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में मौजूद है। फरस गांव करीब दो किलोमीटर दूर यह स्थान है,जिसे जटायु शिला कहते हैं।जंगल से घिरे इस क्षेत्र में विशालकाय चट्टान, उस पर अनेक बड़े पत्थर रहस्यमयी ढंग से एक-दूसरे से सटे या खड़ी बनावट में देखने को मिलते हैं। यहां का रास्ता कोई बताता नहीं,यहां कोई संकेतक भी नहीं लगा है। घने जंगल में खोजते आगे बढऩा पड़ता है। यह जंगल में एक ऐसी जगह है, जहां दिन में भी जाने में डर लगे। लोग यहां समूह में ही जाना पसंद करते हैं।घने वन और मनोरम घाटी के बीच छोटी पहाड़ी पर एक सपाट-सी बहुत बड़ी शिला है, विशाल शिला पर अनेक विशाल पत्थर एक दूसरे से सटा कर रखे लगते हैं। देखने से ऐसा लगता है, किसी समय जटायु जैसे बड़े पक्षियों के छिपने के लिए यह जगह गुफा की तरह इस्तेमाल होती होगी।अगर यह शिला जटायु से जुड़ी है, तो यहीं रावण से उनका युद्ध हुआ होगा और यहीं उन्होंने प्राण त्याग होंगे। रामायण में यह विवरण है कि जटायु ने राम की गोद में प्राण त्याग थे, भक्त जटायु का अंतिम संस्कार श्रीराम- लक्ष्मण ने ही किया था।जटायु शिला के दूसरी ओर खाई की दिशा में मां दंतेश्वरी का एक मंदिर भी है। इसे स्थानीय लोग मां दंतेश्वरी की 6 बहनों में से एक मानते हैं, लेकिन इसे भी मां दंतेश्वरी ही कहा जाता है। स्थापित प्रतिमा की खासियत यह है कि मां दंतेश्वरी रूप में विराजमान हैं। मंदिर में महाशिवरात्रि के दिन विशेष पूजा-अर्चना होती है,यहां मेला लगता है। वहीं मुख्य सड़क की ओर एक शिवलिंग भी स्थापित है,जहां मंदिर निर्माणाधीन है। शिवलिंग को स्थानीय निवासी भैरव बाबा के तौर पर भी पूजते हैं। यहां मंदिर का निर्माण जनसहयोग से किया जा रहा है, जटायु शिला के पास ही बसे गांव में पजारीपारा है। जहां रहने वाला पोयाम परिवार जटायु शिला स्थित मां दंतेश्वरी की पूजा के लिए अधिकृत है। यही परिवार शिव मंदिर (भैरव बाबा) की पूजा भी करता है। यहां आदिवासी जटायु शिला के बारे में सुनते जरूर आए हैं,लेकिन कोई ठोस जानकारी नहीं दे पाते हैं।
: भगत सिंह तिराहे में ईडी का पुतला दहन कांग्रेस के द्वारा किया गया
Tue, Mar 11, 2025
मनेंद्रगढ़।एमसीबी। जिला मुख्यालय मनेंद्रगढ़ में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर जिला कांग्रेस कमेटी के द्वारा ईडी के द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के घर हुई कार्यवाही के विरोध में मनेंद्रगढ़ के भगत सिंह तिराहे में ईडी का पुतला दहन का कार्यक्रम जिला कांग्रेस कमेटी के द्वारा किया गया जिसमें जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं मौजूद रहे । कांग्रेस कार्यकर्ताओं के द्वारा ईडी के पुतले को आग लगा दी गई जहा पुलिस विभाग के कर्मचारी पानी फेक कर पुतले को अपने कब्जे में कर लिया व कांग्रेस ले कार्यकर्ताओ ने जम कर नारे बाजी की ।
कांग्रेस के जिला अध्यक्ष के द्वारा कहा गया कि ईडी ने कल हमारे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के यहाँ छापा मारा था केंद्र में बैठी भारतीय जनता पार्टी की सरकार बदनाम करने के लिए दबाव बनाने के लिये ईडी का उपयोग कर रही है जिसके विरोध में हमने आज पुतला दहन का कार्यक्रम रखा था और आगे हम लोग सड़क की लड़ाई लड़ेंगे जो कांग्रेस के नेताओ को बदनाम करने की कोशिश करती रहेगी और अगर प्रशासनिक संस्थाओं का दुरुपयोग करने बंद नहीं करेंगे हम ये लड़ाई आगे भी लड़ेंगे ।
कांग्रेस के युवा नेता वेंकटेश सिंह ( प्रदेश अध्यक्ष ) लीगल सेल , कांग्रेस ने कहा कि हमारे पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ जो ईडी ने कार्यवाही की है उसके विरोध में हमने आज पुतला दहन का कार्यक्रम किया है । ईडी एक संस्था है जिसका दुरुपयोग किस तरह से भाजपा लार रही है इसको हम लोग शुरू से देखते आ रहे है । अगर ईडी कार्यवाही करती है तो वो खुलासा क्यो नही करती किस चीज की कार्यवाही की है उनके यह क्या मिला है ये केवल हमारे नेताओं को सत्ता शासन का डर दिखाने व जो विरोध करते है उसे रोकने के लिये इस लिए आज हम लोगो ने इसका विरोध कर प्रदर्शन किया है ।
: श्रद्धा महिला मंच द्वारा विश्व महिला दिवस मनाया गया
Tue, Mar 11, 2025
मनेंद्रगढ़। एमसीबी। सिरौली में सुप्रसिद्ध सामाजिक संस्था श्रद्धा महिला मंच - सिरौली द्वारा विश्व महिला दिवस का विशेष हर्षोल्लास के साथ आयोजन किया गया।कार्यक्रम को मुख्य अतिथि की आसंदी से संबोधित करते हुए सेवानिवृत्त प्रधान पाठक एवं वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती शशिकला श्रीवास्तव ने इस अवसर पर कहा कि आज महिलायें चुल्हा चौका से लेकर मेट्रो ट्रेन तक तथा हवाई जहाज से शासन प्रशासन तक का महिलाओं द्वारा सफलतापूर्वक संचालन करते हुए अपनी प्रतिभा व हुनर दोनों का ही
बखूबी परिचय दिया जा रहा है। जो काफी गर्व एवं संतोष का विषय है। उन्होंने महिलाओं को जीवन के हर क्षेत्र चाहे वह शिक्षा हो, स्वास्थ्य हो, नशा उन्मूलन हो,या बाल विवाह, छुआछूत ,जादुटोना हो,हर क्षेत्र में
महिलाओं को सामने आकर अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज करानी चाहिए।ताकि एक बेहतर समाज का निर्माण किया जा सके।कार्यक्रम अध्यक्ष सरपंच सिरौली श्रीमती जुगुम बाई ने सभा को संबोधित करते हुए उपस्थित समस्त नारी शक्तियों को विश्व महिला दिवस की शुभकामनायें देकर गांव और समाज के विकास में आगे आने का आव्हान किया।कार्यक्रम को अति विशिष्ट अतिथि पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष मनेंन्द्रगढ श्रीमती प्रभा पटेल ने सभा को संबोधित करते कहा कि आजादी के समय महिलाओं की स्थिति अत्यंत दयनीय थी। सरकारी प्रयासों एवं जन जागरुकता के कारण हीआज महिलाएं शिक्षित स्वावलंबी और आत्मनिर्भर होकर जीवन के हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका का निर्वहन कर रही हैं।
उन्होंने श्रद्धा महिला मंच को इस अभूतपूर्व आयोजन के लिए बहुत बहुत बधाई शुभकामनायें देकर उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम को सुप्रसिद्ध समाजसेवी एवं सेवानिवृत्त शिक्षक परमेश्वर सिंह, पूर्व जिला पंचायत सदस्य शरण सिंह व सेवानिवृत्त ब्याख्याता आर सी राजवाडे ने भी संबोधित कर उपस्थित मातृशक्तियों को विश्व महिला दिवस की बधाई देकर परिवार समाज और राष्ट्र के विकास के लिए सामने आने का आव्हान किया।