: श्री हनुमान जन्मोत्सव का पावन पुनीत धार्मिक कार्यक्रम सम्पन्न
Fri, Apr 7, 2023
श्री श्री हनुमान जन्मोत्सव का पावन पुनीत धार्मिक कार्यक्रम जे के डी रोड स्थित श्री हनुमान मंदिर में अत्यंत हर्ष उल्लास के साथ मनाया गया इस अवसर पर प्रातः भव्य कलश यात्रा बैंड बाजे के साथ निकली जिस दौरान जनमानस का उत्साह देखते ही बनता था जोकि जेके रोड मंदिर से साईं तिराहा विवेकानंद चौक गांधी चौक राम मंदिर फवारा चौक होते हुए वापस मंदिर पहुंचकर विसर्जित हुई इस कलश यात्रा में श्री राम दरबार झांकी ने मन मोह लिया तत्पश्चात दोपहर को 1:00 बजे से विशाल भंडारे का आयोजन हुआ एवं रात्रि सुंदरकांड पाठ किया गया तत्पश्चात महा आरती के बाद इन सभी धार्मिक आयोजनों की समाप्ति हुई भव्य कलश यात्रा के दौरान विधायक डॉक्टर विनय जयसवाल विधायक प्रतिनिधि बलवीर सिंह नपा उपाध्यक्ष कृष्ण मुरारी तिवारी ब्लॉक कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष राजेश शर्मा नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष राजू केसरवानी पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष धर्मेंद्र पटवा पार्षद श्याम सुंदर पोद्दार नरेंद्र अरोड़ा नागेंद्र जयसवाल अशोक अग्रवाल पंडित रमाकांत संजय अग्रवाल पंकज गोयल विनोद सोनी पिंटू गुप्ता श्याम श्रीवास आदि सहित भारी संख्या में जनमानस की उल्लेखनीय उपस्थिति रही इस संपूर्ण धार्मिक आयोजन मैं हनुमान सेवा समिति के सभी सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा
: हर्षोल्लास के साथ मनाई गई महावीर जयंती
Mon, Apr 3, 2023
मनेन्द्रगढ़ । हर साल चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को महावीर जयंती मनाई जाती है। इस साल महावीर जयंती 03 अप्रैल को मनाई गई। जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर महावीर स्वामी का जन्म बिहार के कुंडग्राम में हुआ था। भगवान महावीर के बचपन का नाम वर्धमान था। भगवान महावीर जैन धर्म के चौबीसवें और अंतिम तीर्थकर माने जाते है। इन्होंने लोगों को हमेशा सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया था। भगवान महावीर स्वामी के जन्मदिन को लोग महावीर जयंती के रूप में मनाते है। 30 वर्ष की आयु में इन्होंने राज महलों के सुख को त्याग कर सत्य की खोज में जंगलों की ओर चले गए। घने जंगलों में रहते हुए इन्होंने बारह वर्षों तक कठोर तपस्या की, जिसके बाद ऋजुबालुका नदी के तट पर साल वृक्ष के नीचे उन्हें कैवल्य ज्ञान की प्राप्ति हुई थी।
भगवान महावीर ने समाज के सुधार और लोगों के कल्याण के लिए उपदेश देना शुरू कर दिया था। उन्होनें अपने उपदेशों में सत्य, असत्य, अहिंसा, अपरिग्रह और ब्रह्मचर्य पर बहुत अधिक जोर दिया था और साथ ही अहिंसा परमो धर्म: के संदेश को भी लोगों तक फैलाया था।महावीर जयंती के उपलक्ष में मंदिरों में विशेष पूजा अर्चना की गई तत्पश्चात विशाल शोभायात्रा श्री पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर से शहर के मुख्य मार्गो से होते हुए श्री शांतिनाथ जिनालय मंदिर तक गई एवं वहां श्री जी का अभिषेक पूजन किया गया शोभा यात्रा का जगह-जगह भव्य स्वागत किया गया एवं पूरा शहर जियो और जीने दो के नारे से गुंजायमान हुआ। एवं संध्या को विशेष महा आरती का आयोजन श्री पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर प्रांगण में किया गया। इस दौरान जैन समाज के अनुयाई बड़ी संख्या में मौजूद रहे।