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: प्रगतिशील डेयरी किसान अमरचंद जैन हाइटेक डेयरी फार्म से युवाओं के लिए मिसाल

Admin Fri, Oct 18, 2024

मनेन्द्रगढ़। एमसीबी।  मनेन्द्रगढ़ विकासखण्ड के ग्राम बेलबहरा में प्रगतिशील डेयरी किसान अमरचंद जैन की डेयरी किसान डेयरी फार्मिंग के बिजनेस में आने वाले युवाओं के लिए मिसाल है। आज करीब 40 से 50 गायों से अधिक का डेयरी फार्म चला रहे है। श्री जैन ने बताया कि 2019 में व्यावसायिक रूप से पशुपालन और दुग्ध उत्पादन का कार्य शुरू किया था। उनके हाईटेक डेयरी फार्म में एचएफ गिर गाय व जर्सी गाय के नस्ल मौजूद है। उन्होंने दूध के उत्पादन के सवाल पर बताया कि वह प्रतिदिन एक गाय से 10 से 15 लीटर दूध प्राप्त कर लेते है। जिसे वह मार्केट में 60 रुपये प्रति लीटर के दाम से बेचते है। ऐसे में वह सुबह-शाम मिलाकर 40 से 50 गायों से 700 - 800 लीटर दूध का उत्पादन करते है। दुग्ध उत्पादन के साथ ही शुद्ध घी व पनीर, मक्खन, लस्सी जैसे कई उत्पादों का उत्पादन करते है। जिसका डिस्ट्रीब्यूट वह अपने जिले एवं प्रदेश भर में अपने मोबाइल एप्प के माध्यम से व अपनी स्वचालित वाहनों के माध्यम से करते है। पूरी तरह ऑटोमैटिक है डेयरी फार्म अमरचंद जैन ने बताया कि दूध की सप्लाई ग्राहकों समेत लोकल डेयरी वालों को करते है। श्री जैन ने बताया कि वह अपने गायों के लिए स्वयं ही चारा तैयार करते हैं। क्योंकि उनकी गौशाला लगभग 5 एकड़ में फैला हुआ है, जहाँ वह ग्रीन फ़ूडर नामक हरा आहार खाकर पूरी तरह प्राकृतिक वातावरण में उन्मुक्त विचरण करती एवं गायों को हरे चारे के साथ जड़ी बुटिया जैसे सतावर, जीवती, गिलोय, हल्दी, आँवला, मुलेठी आदि उनके आहार में शामिल किया जाता है। जिससे रोगमुक्त गायें रोग प्रतिरोधक क्षमता से भरपूर दूध प्रदान करती है। वहीं इनकी गोशाला पूरी तरह ऑटोमैटिक है, मशीनों के जरिए गायों से दूध निकाला जाता है व पैकिंग एवं वितरण के समय अत्याधुनिक जर्मन तकनीक की मशीनों द्वारा टेस्टिंग की जाती है जिसका पूरा सेटअप हमारी गौशाला में लगा हुआ है। गायों के गोबर से कम्पोस्ट खाद का निर्माण, किसानों को हो रहा है लाभ स्थानीय गौशाला द्वारा गायों के गोबर से कम्पोस्ट खाद का निर्माण किया जा रहा है, जो क्षेत्र के किसानों के लिए अत्यधिक लाभकारी साबित हो रहा है। यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ कृषि उत्पादकता को भी बढ़ावा दे रही है।गौशाला के प्रबंधक ने बताया कि गायों के गोबर को विशेष तकनीक से कम्पोस्ट खाद में परिवर्तित किया जाता है, जो जैविक खेती के लिए अत्यंत उपयोगी होती है। इससे किसानों को रासायनिक खादों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल रही है और वे कम लागत में अपनी फसलों की पैदावार बढ़ा पा रहे हैं। डेयरी उद्योग में युवाओं और किसानों के लिए नए रोजगार के अवसर आर्थिक विकास में बढ़ावा दूध डेयरी में न केवल आस पास के किसानों, बल्कि युवाओं के लिए भी नए रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, पैकेजिंग, और विपणन जैसे क्षेत्रों में अनेक रोजगार प्रदान किये गए हैं। इसके अलावा, दूध से बने उत्पादों की मांग बढ़ने के कारण बटर, पनीर, घी और अन्य डेयरी उत्पादों के निर्माण से संबंधित रोजगार भी दिए गए हैं। कुल मिलाकर जिले के आर्थिक विकास में योगदान दे रही है, बल्कि रोजगार सृजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस क्षेत्र में सही मार्गदर्शन और संसाधनों के साथ लोगों के लिए स्थायी और लाभकारी रोजगार के अवसर पैदा किये हैं।

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