दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल में : सात दिवसीय “समर स्पार्क” समर कैंप का रंगारंग समापन
Praveen Nishee Mon, May 4, 2026
मनेंद्रगढ़। एमसीबी। दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल, मनेंद्रगढ़' में आयोजित सात दिवसीय “समर स्पार्क” समर कैंप का आज अत्यंत उत्साह, उल्लास एवं रचनात्मक ऊर्जा के साथ भव्य समापन हुआ।
विद्यालय परिसर पूरे सप्ताह बच्चों की हंसी, रचनात्मक गतिविधियों और नई सीख से सराबोर रहा। इस विशेष शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ उनकी छिपी प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना था।
समर कैंप के दौरान विद्यार्थियों के लिए अनेक ज्ञानवर्धक, मनोरंजक एवं कौशल आधारित गतिविधियों का आयोजन किया गया। प्रत्येक दिन की शुरुआत प्रार्थना, योग एवं डांस-जुम्बा जैसी ऊर्जावान गतिविधियों से हुई, जिसने बच्चों में सकारात्मकता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संचार किया।
कैंप में आर्ट एंड क्राफ्ट, पॉटरी मेकिंग, म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट्स, मेहंदी डिजाइन, स्केटिंग, तीरंदाजी (आर्चरी), कराटे, इंडोर गेम्स, फायरलेस कुकिंग तथा पर्सनैलिटी डेवलपमेंट एवं कम्युनिकेशन स्किल्स जैसी गतिविधियों ने विद्यार्थियों को नई सीख और अनुभव प्रदान किए। बच्चों ने न केवल इन गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया, बल्कि अपनी कल्पनाशीलता, आत्मविश्वास एवं रचनात्मकता का अद्भुत प्रदर्शन भी किया।
विशेष रूप से फायरलेस कुकिंग गतिविधि में बच्चों ने स्वादिष्ट एवं स्वास्थ्यवर्धक व्यंजन तैयार कर सभी को आश्चर्यचकित कर दिया। वहीं योग एवं कराटे सत्रों ने बच्चों को अनुशासन, आत्मरक्षा और मानसिक संतुलन का महत्व समझाया। आर्ट एंड क्राफ्ट तथा पॉटरी मेकिंग में विद्यार्थियों की कलात्मक प्रतिभा देखते ही बन रही थी।
समर स्पार्क के अंतिम दिवस पर विशेष सभा का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए। इसके पश्चात विद्यालय में पॉटलक पार्टी आयोजित की गई, जहाँ बच्चों एवं शिक्षकों ने मिलकर विभिन्न व्यंजनों का आनंद लिया। पूरा वातावरण उल्लास, आत्मीयता और उत्सव के रंगों से सराबोर दिखाई दिया।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र वितरित कर उनके उत्साह एवं सहभागिता की सराहना की गई। विद्यार्थियों के चेहरे पर प्रमाण-पत्र प्राप्त करने की खुशी स्पष्ट झलक रही थी।
विद्यालय के प्राचार्य डॉ बसंत कुमार तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे शिविर विद्यार्थियों के मानसिक, शारीरिक एवं रचनात्मक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षा केवल पुस्तकों के पृष्ठों तक सीमित नहीं होती, अपितु वह जीवन को समझने, स्वयं को पहचानने और अपने भीतर छिपी संभावनाओं को जागृत करने की कला है। ‘समर स्पार्क’ इसी भावना का जीवंत स्वरूप रहा, जहाँ बच्चों ने योग से आत्मसंयम, नृत्य से अभिव्यक्ति, संगीत से संवेदनशीलता, खेलों से अनुशासन तथा कला से सृजनशीलता का अमूल्य पाठ सीखा।
“समर स्पार्क” का यह सात दिवसीय शिविर बच्चों के लिए सीख, मनोरंजन, रचनात्मकता और यादगार अनुभवों का अनुपम संगम बनकर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

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