कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई : केल्हारी में बीज और कीटनाशक दुकानों पर औचक छापा, नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों को कारण बताओ नोटिस जारी!
Praveen Nishee Sat, Jun 6, 2026
कलेक्टर के निर्देश पर जिला स्तरीय उड़नदस्ता और राजस्व दल की संयुक्त दबिश, बिना दस्तावेज अवैध भंडारण और एक्सपायरी डेट की दवाइयां बेचने वाले प्रतिष्ठानों में मचा हड़कंप।
मनेन्द्रगढ़। एमसीबी। खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही किसानों को नकली और अमानक कृषि आदानों (खाद, बीज, कीटनाशक) से बचाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एम.सी.बी.) के कड़े रुख और उप संचालक कृषि के मार्गदर्शन में शनिवार को जिला स्तरीय उड़नदस्ता एवं राजस्व विभाग के संयुक्त दल ने केल्हारी क्षेत्र में ताबड़तोड़ औचक निरीक्षण किया। इस औचक कार्रवाई से अवैध रूप से कृषि व्यवसाय करने वाले बिचौलियों और व्यापारियों में हड़कंप मच गया है। जांच दल द्वारा रवि बीज भंडार केल्हारी, गोविंद बीज भंडार केल्हारी, रूमान कृषि केंद्र केल्हारी एवं केल्हारी एफपीओ का निरीक्षण किया गया।
केल्हारी फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी में भारी अनियमितता, बिक्री पर एवं प्रतिबंध
निरीक्षण दल जब मेसर्स केल्हारी फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड (सेमरिया) पहुंचा, तो वहां नियमों की जमकर धज्जियां उड़ती मिलीं। मौके पर प्रोपराइटर दिनेश साहू द्वारा न तो स्टॉक पंजी दिखाई गई, न बीज टेस्ट रिपोर्ट और न ही पैकेजिंग अनुज्ञप्ति के दस्तावेज प्रस्तुत किए गए।
जांच में पाया गया कि फर्म द्वारा अवैध रूप से और बिना प्राधिकृत लाइसेंस के भारी मात्रा में हाइब्रिड एवं रिसर्च (TL) धान व सरसों के बीजों की अनधिकृत पैकेजिंग और भंडारण किया जा रहा था। अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 168 बोरी (कुल 71.40 क्विंटल) संदिग्ध बीज जब्त कर बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है और 03 दिवस के भीतर जवाब तलब किया है।
कीटनाशक दवाओं के स्टॉक में भी मिली गंभीर खामियां
बीज के साथ-साथ कीटनाशक औषधि विक्रय केंद्रों की जांच में भी गंभीर लापरवाही उजागर हुई है। कई कीटनाशक दवाओं के स्टॉक में भी गंभीर लापरवाही उजागर हुई है। निरीक्षण के दौरान दुकानों में कई ऐसी प्रतिबंधित और गंभीर अनियमितताएं पाई गईं जो सीधे तौर पर किसानों के साथ धोखाधड़ी की ओर इशारा करती हैं।
निरीक्षण में पाई गईं मुख्य अनियमितताएं:
अवैध भंडारण व विक्रय: बिना किसी वैध स्रोत के कीटनाशकों का भण्डारण और अवैध रूप से विक्रय किया जा रहा था।
बिलिंग में हेराफेरी: खरीदारों (किसानों) को निर्धारित प्रपत्र में पक्का बिल (कैश मेमो) जारी नहीं किया जा रहा था।
स्टॉक और रेट लिस्ट गायब: दुकान के मुख्य स्थान पर न तो स्टॉक पंजी का संधारण मिला और न ही मूल्य सूची (रेट लिस्ट) प्रदर्शित की गई थी।
एक्सपायरी डेट की दवाइयां: सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि प्रतिष्ठान में अवसान तिथि (Expired) वाली कीटनाशक औषधियों का भंडारण व धड़ल्ले से विक्रय किया जा रहा था, जो फसलों के लिए बेहद नुकसानदायक है।
सुरक्षा नियमों का उल्लंघन: बिना पैकिंग व लेबल के कीटनाशकों का भंडारण मिला, साथ ही जहाँ कीटनाशक रखे थे, वहीं मानव और पशुओं के खाने योग्य खाद्य सामग्री भी भंडारित पाई गई, जो नियमों का गंभीर उल्लंघन है।
इन गंभीर धाराओं के तहत थमाया 'कारण बताओ नोटिस'
कृषि विभाग के अधिकारियों ने इसे कीटनाशी अधिनियम 1968, कीटनाशक नियम 1971 और बीज नियंत्रण आदेश 1983 का स्पष्ट उल्लंघन माना है। विभाग ने संबंधित प्रतिष्ठानों को 03 दिवस के भीतर सारे वैध दस्तावेजों के साथ लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का कड़ा निर्देश दिया है। तय समय सीमा में संतोषजनक जवाब न मिलने पर लाइसेंस निरस्तीकरण और एफआईआर (FIR) जैसी सख्त वैधानिक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उड़नदस्ता दल में जिला स्तरीय निरीक्षक एवं नोडल अधिकारी महेश पैकरा (सहायक भूमि संरक्षण अधिकारी, मनेन्द्रगढ़), जिला स्तरीय निरीक्षक जयंत पैकरा (सहायक संचालक कृषि), वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी मनेन्द्रगढ़ रवि गुप्ता, बीज निरीक्षक जितेंद्र झा तथा क्षेत्रीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी ओमप्रकाश श्रीवास राजस्व विभाग से तहसीलदार केल्हारी सतरूपा साहू, राजस्व निरीक्षक रामप्रताप सिंह क्षेत्रीय पटवारी सरस्वती गुप्ता शामिल रहे, जिन्होंने संयुक्त रूप से निरीक्षण कार्यवाही संपादित की।

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