दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल, मनेंद्रगढ़ में : हर्षोल्लास के साथ मनाया गया अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस
Praveen Nishee Sat, May 2, 2026
मनेंद्रगढ़ । एमसीबी। दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल मनेंद्रगढ़ में धूमधाम के साथ अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस मनाया गया।विद्यालय के बहुउद्देशीय सभागार में सभी बच्चों के उपस्थिति में अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस बड़े ही गरिमामय एवं भावपूर्ण वातावरण में मनाया गया। विद्यालय के बहुउद्देशीय सभागार में आयोजित विशेष सभा में समस्त समर स्पार्क ( समर कैंप) के प्रतिभागियों एवं शिक्षकों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्राचार्य डॉ बसंत कुमार तिवारी द्वारा सभी अधीनस्थ कर्मचारियों के स्वागत के साथ किया गया तत्पश्चात् गायत्री मंत्र एवं प्रार्थना ने संपूर्ण वातावरण को भक्तिमय कर दिया। इसी क्रम में विद्यालय के प्राचार्य महोदय द्वारा दीप प्रज्वलन एवं माँ सरस्वती के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यक्रम को औपचारिक रूप से प्रारंभ किया गया
इस अवसर पर विद्यालय के अधीनस्थ कर्मचारियों का समर स्पार्क के प्रतिभागी छात्र- छात्राओं द्वारा हस्तनिर्मित कार्ड एवं पुष्प भेंट कर सम्मान किया गया। यह दृश्य सभी के हृदय को भावुक कर गया और श्रम के प्रति सम्मान का संदेश दे गया। शिक्षकों के समूह द्वारा प्रस्तुत प्रेरणादायक गीत “मेहनत से न घबराना” ने पूरे वातावरण में ऊर्जा और उत्साह का संचार कर दिया।
कार्यक्रम में श्रम के महत्व को दर्शाती प्रभावशाली कविता का वाचन विद्यालय की हिंदी शिक्षिका श्रीमती रंजना सिन्हा द्वारा किया गया एवं विद्यालय की शिक्षिका सुश्री प्रिया श्रीवास्तव द्वारा आज के दिन महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्रेरणादायक भाषण प्रस्तुत किया। शिक्षकों द्वारा प्रस्तुत नाटक “मेहनत का मान” ने सभी को श्रमिकों के संघर्ष, समर्पण और समाज निर्माण में उनके अमूल्य योगदान का एहसास कराया। उपस्थित विद्यार्थियों ने तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। इस विशेष अवसर पर प्राचार्य डॉक्टर बसंत कुमार तिवारी ने अपने व्याख्यान में कहा कि
आज का यह दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि श्रम, समर्पण और मानवता के गौरव का अभिनंदन है। अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस हमें यह स्मरण कराता है कि संसार की प्रत्येक उपलब्धि के पीछे किसी न किसी कर्मयोगी के श्रम की तपस्या छिपी होती है। चाहे वह खेतों में अन्न उगाने वाला किसान हो, भवन निर्माण करने वाला मजदूर, विद्यालय को स्वच्छ एवं व्यवस्थित रखने वाला सहयोगी कर्मचारी अथवा राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाला प्रत्येक कर्मशील व्यक्ति — सभी समाज की वास्तविक शक्ति हैं।
आज जब विद्यार्थियों ने अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को सम्मान अर्पित किया, तब यह केवल एक औपचारिकता नहीं थी, बल्कि संवेदनशीलता, कृतज्ञता और संस्कारों की सुंदर अभिव्यक्ति थी। यही संस्कार एक श्रेष्ठ समाज की नींव रखते हैं। हमें सदैव उन लोगों के प्रति सम्मान का भाव रखना चाहिए, जिनके अथक प्रयासों से हमारा जीवन सुचारु रूप से चलता है।
इस विशेष अवसर पर संस्था की निदेशिका श्रीमती पूनम सिंह ने विद्यालय परिवार को संबोधित करते हुए कहा कि श्रम केवल हाथों की गतिविधि नहीं, बल्कि आत्मा की साधना है। जो व्यक्ति अपने परिश्रम से जीवन को गढ़ता है, वही वास्तव में समाज और राष्ट्र के भविष्य का निर्माता कहलाता है। इतिहास साक्षी है कि जिन राष्ट्रों ने श्रम का सम्मान किया, उन्होंने प्रगति और समृद्धि के नए आयाम स्थापित किए। इसलिए हमें यह समझना होगा कि कोई भी कार्य छोटा या बड़ा नहीं होता; प्रत्येक कार्य अपनी उपयोगिता और गरिमा में श्रेष्ठ होता है।
विद्यालय प्रबंधन द्वारा अधीनस्थ कर्मचारी श्री राजेश,श्रीमती रिंकू, श्रीमती पुष्पा, श्रीमती विवियाना, श्रीमती सरोज, दुर्गा श्रीमती दुर्गा, श्री संतलाल, श्री रूपनारायण, श्री आरती दास, श्री अरविंद, श्री उमेश, श्री अजय ओझा, श्री जय सिंह, श्री रवि, श्री साहिल इत्यादि को सम्मानपूर्वक स्वल्पाहार एवं विविध उपहार भेंट स्वरूप दिए गए एवम् उनके अमूल्य योगदान पर आभार व्यक्त किया गया।
कार्यक्रम का सफ़ल संचालन प्राथमिक वर्ग की हिंदी शिक्षिका श्रीमती प्रतिभा सिंह द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रगान के साथ सभा का समापन हुआ।

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