वरिष्ठ पत्रकार शंकर पांडे की कलम से..*(कॉलम 21 सालों से लगातार) : कुछ न कुछ बोलते रहो हमसे..... चुप रहोगे तो लोग सुन लेंगे......
Praveen Nishee Fri, May 15, 2026
पीएम नरेंद्र मोदी की सोना 1 साल नहीं खरीदने, पेट्रोल डीजल औऱ रसोई गैस का उपयोग कम करने, विदेश यात्रा टालने आदि की अपील अब चर्चा में है तो वे विपक्षी दलों के निशाने पऱ है। शादी विवाह में सोने का मंगलसूत्र या चैन देने की परम्परा है पऱ वह तो डेढ़ लाख रूपये तोला होने से वैसे भी सोना आम आदमी से दूर हो गया है...? सवाल तो यह भी उठ रहा है कि सोना व्यवसाय से जुड़े 50 लाख लोगों का अब क्या होगा.... जिसमें अधिकांश बंगाली, ओड़िसा से जुड़े कारीगर हैँ, क्या उन्हें भी कोरोना काल में बेरोजगार हुये युवाओं की तरह ही भगवान भरोसे छोड़ दिया जाएगा..? जहां तक पेट्रोल डीजल के कम उपयोग की बात है तो बढ़ी दर से वह भी कुछ कम हो गया है। विपक्ष सवाल उठा रहा है कि अपील के बाद ही सोमनाथ मंदिर के कार्यक्रम में 100-150 वाहनों के साथ मोदी के रोड शो में क्या वाहन पानी से चलाये गये थे? पीएम कार्यक्रम में बिना रोड शो के भी शामिल हो सकते थे? अब सार्वजानिक वाहनों के उपयोग की बात है तो मोदी सरकार ने बुजुर्गों की रेल रियायत पहले ही समाप्त कर दी है...? रेल किराये में भारी वृद्धि से लोग रेल में बैठने से डरते हैँ। हवाई चप्पल पहनने वाले विमान में सफऱ करना, यह भी जुमला ही साबित हो गया है। विदेशयात्रा टालने की अपील पऱ कहा जा सकता है, अपील सामान्य लोगों से की गई है, पीऍम मोदी स्वयं 5 देशों की यात्रा में निकल गये हैं, निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पीएम नरेंद्र मोदी 15-17 मई यूएई नींदरलेंड, 17 मई स्वीडन, 17से 19 मई नार्वे, 19-20 मई इटली के दौरे पऱ रहेंगे...?खैर अब पीएम, गृह, रक्षा मंत्री सहित कुछ भाजपा राज्यों केसीऍम, कई मंत्रियोँ ने अपनी सुरक्षा में लगे वाहन हटा दिये हैं यह स्वागतयोग्य कदम हैं।
शपथग्रहण का मजमून
कहां से लिया गया है....

देश के पीएम,केंद्र के मंत्री, प्रदेशों के सीएम, मंत्री, सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट के न्यायाधीशोँ के शपथ ग्रहण में एक ही मजमून होता हैं, आखिर वह कहां से लिया गया है। संविधान 1948 के मसूदे की तीसरी अनुसूची (भारत के संविधान 1950 की तीसरी अनुसूची) पर 26 अगस्त, 16 अक्टूबर 1949 को संविधान सभा में चर्चा हुई थी। केंद्रीय मंत्री, राज्यमंत्री,संसद सदस्य, राज्य विधानमंडल, सर्वोच्च और उच्च न्यायालय के न्याया धीशों के पद पर आसीनलोगों द्वारा ली जाने वाली प्रतिज्ञाएँ और शपथें शामिल हैं। इस सारणी में संविधान सभा में कुछ बहस छेड़ दी गई - मुख्य रूप से शपथ,प्रतिज्ञाओं में ईश्वर के नाम का उल्लेख करने के मुद्दे पर। ड्राफ्ट की समिति के अध्यक्ष ने एक संशोधन पेश किया जिसमें लोगों में 'ईश्वर' के नाम पर शपथ लेने का विकल्प दिया गया। एक सदस्य ने नैतिक, धार्मिक आधार पर इस कदम का विरोध किया। ब्रांड की बात यह है कि सदस्य जॉक डेक ने कहा कि ईश्वर विधान सभा के सदस्य नहीं हैं, न ही उनकी सहमति ली गई है, इस लिए शपथ में 'ईश्वर' शब्द को शामिल नहीं किया जा सकता है। एक अन्य सदस्य ने कहा इन सबसे पहले ईश्वर का नाम लेंगे, लेकिन शपथ नहीं लेंगे। यह तर्क दिया राजनीति में अधार्मिक कार्य भी फिल्माए जाते हैं, इसलिए 'ईश्वर' का समावेश अनुचित है।विधान सभा के कुछ सदस्य इस बात पर विशेष जोर दे रहे थे शपथ ग्रहण से पहलेही 'ईश्वर' का उल्लेख न हो। उनका मानना था 'ईश्वर' को बाद में रखने से संकेत मिलता है कि उनका महत्व किसी भी प्रकार कम है। एक सदस्य ने इस बदलाव के लिए पुरजोर पैरवी की,इस बात पर अड़े रहे भारतीय जनता की पसंद के मुताबिक संविधान में ऐसी शपथ होनी चाहिए जो 'ईश्वर' के नाम पर शपथग्रहण से शुरू हो।अंततः इस बदलाव को सुनिश्चित करने वाले संशोधन को स्वीकार कर लिया गया। 26 अगस्त 1949 को विधान मंडल द्वारा तीसरी अनुसूची को संविधान में जोड़ा गया था।16अक्टूबर1949 को ग्राफ़ि क्स पर चर्चा के लिए पुनः प्रकाशित किया गया था, कोई महत्वपूर्ण परिवर्तन नहींकिया गया था।
पहली बार के विधायक कोर ग्रुप में
9 बार जीतने वाले बाहर.....
13 मई 2026 को छत्तीसगढ़ भाजपा ने कोरग्रुप में बड़ा फेरबदल करते हुए डिप्टी सीएम विजय शर्मा,मंत्री ओपी चौधरी और वरिष्ठ नेता अमर अग्रवाल को शामिल किया है,जबकि छ्ग के लगभग चेहरा रहे बृजमोहन अग्रवाल, रामविचार नेताम, ननकीराम कंवर, गौरीशंकर अग्रवाल जैसे दिग्गजों को बाहर कर दिया गया है।यह बदलाव 20 28 की रणनीति के तहत युवा व सक्रिय चेहरों को मौका देने के लिए किया गया है।मौजूदा सदस्यों में सीएम विष्णुदेव साय,अरुण साव, विजय शर्मा, ओपी चौधरी,किरण सिंहदेव डॉ.रमनसिंह,धरम लालकौशिक,नारायण चंदेल, सरोजपांडे, रेणुकासिंह आदि शामिल हैं बाहर करने वालों में बृजमोहन अग्रवाल, राम विचार नेताम, गौरीशंकर अग्रवाल आदि शामिल हैं। लगातार 8 बार के विधायक, वर्तमान में सांसद बृजमोहन अग्रवाल 10 साल तक कोर ग्रुप में काम किया है। सवाल तो उठता ही है पहली बार जीते विधायक कोर ग्रुप में औऱ लगातार 9 चुनाव जीतने वाले अजातशत्रु बृजमोहन बाहर क्यों.....?
डीसी नरोन्हा, बस्तर और
उल्लेखनीय कार्य ...?
1953 में आदिवासी अंचल बस्तर में डीसी यानि डिप्टी कमिश्नर (कलेक्टर) के पद पर आर.व्ही.पी.नरोन्हा (तब आईसीएस) पदस्थ थे उस समय बस्तर में आवागमन तथा प्रकाश आदि की भी समुचित व्यवस्था नहीं थी। वहीं उच्च शिक्षा की भी समुचित व्यवस्था नहीं थी। तब बस्तर हाईस्कूल में बरसों बाद 2 छात्र प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए थे। दोनों छात्र धनंजय, धन साय को भौतिक - रसा यन में विशेष योग्यता हासिल हुई थी, दोनों के परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि जगदलपुर से बाहर जा कर आगे की पढ़ाई करे। मई 1953 में किसी दिन बस्तर हाईस्कूल के हेडमास्टर वी. पी. श्रीवास्तव को डीसी साहब का बुलावा आया। एक छात्र को भी साथ लाने कहा गया था। नरोन्हा साहब ने नाम पूछने के बाद कहा किसके साथ रहते हो, पिता की मृत्यु 4 साल की उम्र में हो गई थी और नाना अर्जीनवीस है उन्हीं के साथ रहने की बात की । बाद में नरोन्हा साहब ने नाना को बुलवाकर कहा- लड़के को किसी कालेज में दाखिला करवा दो, बाकी सब हम देख लेंगे। बस्तर छोडऩे के बाद दोनों छात्रों के लिए विशेष छात्रवृत्ति की व्यवस्था ही नहीं कराई बल्कि खोज- खबर भी लेते रहते थे। बाद में छात्र धनंजय ने पढ़ाई के बाद नरोन्हा साहब को एक पुस्तक भेंट कर कृतज्ञता ज्ञापित की तो नरोन्हा साहब का जवाब था धनंजय मैने तुम पर कोई एहसान नहीं किया, तुम दोयम दर्जे के होते तो क्या मैं तुम्हारी कुछ मदद कर पाता... यू डीजव्र्ड माई ब्वाय.... तुम काबिल थे। काबिल तो बहुत से होते हैं, प्रदेश और देश में बिखरे और भरे पड़े हैं पर कितनों पर नरोन्हा साहब जैसे किसी मानवीय प्रशासक की कृपा दृष्टि होती है। यह तो नहीं कहा जा सकता है छग जैसे नवोदित राज्य में आज कितने कमिश्नर -कलेक्टर ऐसे हैं जिन्हें इस बात की चिंता है कि उनके क्षेत्र में हाई स्कूल से कितने मेघावी छात्र -छात्रा ऐसे हैं जिनमें योग्यता तो है, आर्थिक हालात आगे पढऩे की अनुमति नहीं देते हैं।
औऱ अब बस.....
0 अगले सप्ताह तक स्थायी पुलिस महानिदेशक की नियुक्ति की संभावना है।
0 साय मंत्रिमंडल के किन 2 सदस्यों को संगठन में लिया जा रहा है?
0 पेट्रोल-डीजल 3 ₹ लीटर महंगा हुआ....सीएनजी की दर 2 ₹प्रति किलो बढ़ी..।
0 पदोन्नति में भेदभाव को लेकर सीधे सीएम को पत्र देनेवाले कवर्धा एसपी को किसका संरक्षण है?
0 साय मंत्रिमंडल में क्या किसी महिला को डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है?
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