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शा. नवीन कन्या महाविद्यालय में कथा–कविता संवाद कार्यक्रम आयोजित : साहित्यकार अनामिका चक्रवर्ती की पुस्तक “एक अरसे बाद” का हुआ विमोचन

Praveen Nishee Sun, Jan 4, 2026

मनेन्द्रगढ़। एमसीबी। शासकीय नवीन कन्या महाविद्यालय में साहित्यिक चेतना को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कथा–कविता संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण प्रसिद्ध साहित्यकार अनामिका चक्रवर्ती की नवीन कृति “एक अरसे बाद” का विमोचन रहा, जो गरिमामय एवं साहित्यिक वातावरण में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजसेवी इंद्रा सेंगर ने की। मुख्य वक्ता के रूप में सूरजपुर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. ब्रजलाल साहू, कन्या महाविद्यालय मनेन्द्रगढ़ के प्राचार्य राम किंकर पाण्डेय तथा लेखिका अनामिका चक्रवर्ती मंचासीन रहे। कार्यक्रम का कुशल और प्रभावशाली संचालन वीरांगना श्रीवास्तव ने किया।

अपने उद्बोधन में वक्ताओं ने साहित्य को समाज का दर्पण बताते हुए कहा कि कथा और कविता मानवीय संवेदनाओं को अभिव्यक्त करने का सशक्त माध्यम हैं। ऐसे साहित्यिक आयोजन विद्यार्थियों में संवेदनशीलता, विचारशीलता एवं रचनात्मक दृष्टि विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। लेखिका अनामिका चक्रवर्ती ने अपनी पुस्तक के सृजन क्रम, विषयवस्तु और लेखन अनुभवों को साझा करते हुए छात्राओं को सतत अध्ययन और लेखन के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के दौरान साहित्य, संवेदना और सृजनात्मक अभिव्यक्ति पर सार्थक संवाद हुआ। छात्राओं एवं उपस्थित साहित्यप्रेमियों ने कथा और कविता के माध्यम से अपने विचार साझा किए तथा रचनात्मक लेखन की बारीकियों को निकट से समझने का अवसर प्राप्त किया। छात्राओं की उत्साहपूर्ण सहभागिता और रचनात्मक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को जीवंत बना दिया।

इस अवसर पर चंद्रकांत पारगिल, मनोज सिंह, सम्वर्त कुमार रूप, रामचरित द्विवेदी, नयन दत्ता, संजय सिंह सेंगर, पुष्कर तिवारी, क़ासिम फूलवाला, एस.एस. निगम, मृत्युंजय सोनी, डॉ. अमूल्य चंद्र झा, इशिता सिंह, गौतम शर्मा, सुशांत चक्रवर्ती,सरदार हरमहेन्द्र सिंह, रितेश श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे।

कुल मिलाकर यह आयोजन न केवल महाविद्यालयीन छात्राओं के लिए प्रेरणास्रोत सिद्ध हुआ, बल्कि क्षेत्र में साहित्यिक गतिविधियों को सशक्त करने की दिशा में एक सराहनीय पहल के रूप में भी देखा गया।

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