दुर्ग-धमधा रोड हत्याकांड का 48 घंटे में खुलासा : 100 से अधिक सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर सूचना के आधार पर पुलिस ने सुलझाई ब्लाइंड मर्डर व लूट की गुत्थी
Praveen Nishee Wed, Aug 5, 2026
दुर्ग। दुर्ग-धमधा रोड पर लूट के दौरान हुई हत्या के बहुचर्चित मामले का दुर्ग पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार करने के साथ तीन विधि से संघर्षरत बालकों को अभिरक्षा में लिया है। आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, धारदार हथियार, पाइप, डंडा तथा लूटी गई नगदी बरामद कर जब्त कर ली गई है।
पुलिस के अनुसार 2 अगस्त 2026 को ग्राम तुमाकला निवासी चोवाराम लोधी अपने परिचित भूषण पटेल एवं प्रकाश सिंह कश्यप के साथ मोटरसाइकिल से शंकराचार्य अस्पताल जा रहे थे। देर रात लगभग 2 बजे दुर्ग-धमधा रोड स्थित जय गजानंद ट्रक श्रृंगार के सामने काले रंग की डिस्कवर मोटरसाइकिल पर सवार चार युवकों ने उनकी बाइक रोक ली और विवाद शुरू कर दिया।
इसके बाद आरोपियों ने डंडों से हमला कर तीनों के साथ मारपीट की तथा मोबाइल और नगदी लूटने का प्रयास किया। विरोध करने पर एक आरोपी ने प्रकाश सिंह कश्यप पर धारदार हथियार से लगातार वार कर दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस ने उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद आरोपी लगभग चार हजार रुपये लूटकर फरार हो गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए चौकी जेवरा सिरसा एवं एसीसीयू की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल से लेकर दुर्ग, भिलाई और धमधा मार्ग तक लगे 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का गहन विश्लेषण किया। तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर तंत्र और वैज्ञानिक विवेचना के आधार पर संदिग्धों की पहचान कर एक आरोपी आदर्श उर्फ लाल (19 वर्ष), निवासी कादम्बरी नगर, मोहन नगर, दुर्ग को गिरफ्तार किया गया तथा तीन विधि से संघर्षरत बालकों को अभिरक्षा में लिया गया।
पूछताछ में आरोपियों ने अपराध स्वीकार कर लिया। उनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, धारदार हथियार, पाइप, डंडा और लूटी गई नगदी बरामद कर जब्त कर ली गई है। पुलिस ने बताया कि आरोपी देर रात सुनसान मार्गों पर राहगीरों को रोककर विवाद करते थे और फिर मारपीट कर लूटपाट की वारदात को अंजाम देते थे। विरोध करने पर उन्होंने हत्या कर दी।
प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1), 311 एवं 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, वाहन अथवा आपराधिक गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। समय पर मिली सूचना अपराधों की रोकथाम और अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है तथा सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

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