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28th June 2026

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: गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर हिंदी साहित्य भारती द्वारा काव्य गोष्ठी आयोजित

मनेद्रगढ़।एमसीबी । गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर , साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं वैचारिक मंच के लिए गठित हिंदी साहित्य समिति जिला इकाई द्वारा भारतीय संविधान न , एवं नारी शक्ति विषय पर स्थानीय कलाकारों एवं कवियों के द्वारा प्रतिनिधि देश प्रेम के गीत एवं कविताओं का पाठ किया गया। कार्यक्रम का प्रारंभ कबीर कोहिनूर सम्मान से सम्मानित मंजुला कौरव" अंशिवा" की कविताओं से किया गया।इस अवसर पर हिंदी साहित्य समिति के जिला अध्यक्ष वरिष्ठ साहित्यकार सतीश उपाध्याय ने कहा कि- काव्य गोष्ठी में उपस्थित कबीर कोहिनूर सम्मान से सम्मानित मंजुला कौरव की साहित्यिक उपलब्धि से नगर गौरवान्वित हुआ है। श्री उपाध्याय ने बतलाया कि- मंजुला कौरव को दिल्ली में "कबीर कोहिनूर सम्मान "से सम्मानित किया जाएगा ।दिव्या प्रेरक कहानियां मानवता अनुसंधान द्वारा एवं देश भर से चयनित 100 उम्मीदवारों में प्रदेश से मंजुला काचयन इस सम्मान के लिए किया गया है। गोष्ठी में संविधान निर्माण में महिलाओं की अहम भूमिका पर केंद्रित उनकी कविता -मै भारत मां की बेटी हूं ,हर फर्ज निभाने आई हूं "एवं उग रहा है सूरज मगर कुछ कुम्हलाया सा' नारी सशक्तिकरण को रेखांकित की। विभिन्न साहित्यिक सांस्कृतिक गतिविधियों में अपनी विशिष्ट छाप छोड़ने वाली युवा कवयित्री खैरून हाशमी ने अपनी ज्ञेय कविता में जाति धर्म की झगड़ों को भुलाने एवं भगत, सुभाष तिलक जैसे क्रांतिकारी से सीख लेने की बात कही। कार्यक्रम के संयोजक एवं वरिष्ठ साहित्यकार सतीश उपाध्याय ने संविधान एवं कर्तव्यों की याद दिलाते हुए प्रभावी दोहे पढ़ें - लिए तिरंगा आ गया ,भारत का गणतंत्र,सारे मजहब एक हैं ,फूंक रहा यह मंत्र। योग साधक विष्णु प्रसाद कोरी ने भारत के गणतंत्र को देश की अखंडता एवं सद्भाव से जोड़ते हुए भारत के संविधान को वैश्विक पहचान निरूपित किया। देश प्रेम की भावना से जुड़े हुए गीतों को शासकीय विवेकानंद महाविद्यालय की छात्र नंदिनी ने अपने मधुर स्वर में प्रस्तुत किया। स्वरांजलि म्यूजिक ग्रुप से जुड़े एवं विजय हायर सेकेंडरी विद्यालय के गायक उपकार शर्मा ने-" जब जीरो दिया मेरे भारत ने गाकर" कार्यक्रम को ऊंचाइयां प्रदान की। स्वरांजलि म्यूजिक ग्रुप के अगली प्रस्तुति गायिका दीक्षा सेन ने प्रस्तुत की। हिंदी साहित्य समिति के द्वारा गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर उपस्थित कार्यक्रम के उत्कृष्ट प्रस्तुति के लिए नंदिनी एवं दीक्षा सेन को पुरुस्कृत किया गया ।यह पुरस्कार मंजुला कौरव ने दोनों उभरती गायिकाओं को प्रदान किया गया। संपूर्ण कार्यक्रम का संचालन हिंदी साहित्य समिति के जिला प्रभारी सतीश उपाध्याय के द्वारा किया गया एवं आभार प्रदर्शन विष्णु प्रसाद कोरी ने किया।

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