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हिंद मजदूर सभा ने : एसईसीएल हसदेव क्षेत्र की दो इकाइयों के कर्मचारियों के बच्चों से स्कूल बस सुविधा क्यों छीनी गई-अख्तर जावेद उस्मानी

Praveen Nishee Thu, Aug 6, 2026

हिंद मजदूर सभा के नेता अख्तर जावेद उस्मानी ने प्रबंधन से पूछा—जब सभी कर्मचारियों को सुविधा मिल रही है तो सेंट्रल हॉस्पिटल और माइन्स रेस्क्यू स्टेशन मनेंद्रगढ़ को ही क्यों किया गया वंचित?

मनेंद्रगढ़। एमसीबी। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) की सेंट्रल हॉस्पिटल मनेंद्रगढ़ एवं माइन्स रेस्क्यू स्टेशन मनेंद्रगढ़ में कार्यरत लगभग 150 अधिकारियों एवं कर्मचारियों के बच्चों के लिए स्कूल बस सुविधा बंद किए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है।

कोल इंडिया लिमिटेड के सेफ्टी बोर्ड में हिंद मजदूर सभा के प्रतिनिधि एवं हिंद खदान मजदूर फेडरेशन के उप महासचिव अख्तर जावेद उस्मानी ने इस मुद्दे को एसईसीएल के निदेशक (मानव संसाधन), अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक तथा हसदेव क्षेत्र के महाप्रबंधक के समक्ष प्रमुखता से उठाया है।

उस्मानी ने सवाल किया है कि जब एसईसीएल अपने अन्य सभी क्षेत्रों के कर्मचारियों एवं अधिकारियों के बच्चों को स्कूल बस सुविधा उपलब्ध करा रहा है, तब केवल सेंट्रल हॉस्पिटल मनेंद्रगढ़ और माइन्स रेस्क्यू स्टेशन के कर्मचारियों को इस सुविधा से वंचित क्यों रखा गया है? उन्होंने पूछा कि इन दोनों इकाइयों का ऐसा कौन-सा अपराध है, जिसके कारण वर्षों से मिल रही सुविधा अचानक समाप्त कर दी गई।

उन्होंने कहा कि पहले इन दोनों संस्थानों के कर्मचारियों के बच्चों के लिए स्कूल बस संचालित होती थी, लेकिन बिना किसी स्पष्ट सूचना या आदेश के यह सुविधा वापस ले ली गई। अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि किस सक्षम अधिकारी के निर्देश पर यह निर्णय लिया गया और इसके पीछे क्या कारण हैं।

उस्मानी ने बताया कि केंद्रीय चिकित्सालय एवं खान बचाव केंद्र दोनों ही आकस्मिक एवं अत्यावश्यक सेवाओं से जुड़े संस्थान हैं। ऐसे में डॉक्टर, तकनीशियन और रेस्क्यू कर्मियों को 24 घंटे सेवा के लिए उपलब्ध रहना चाहिए, लेकिन स्कूल बस सुविधा समाप्त होने के कारण उन्हें स्वयं अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने और वापस लाने में समय देना पड़ रहा है, जिससे उनकी सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं।

उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में कर्मचारियों को पहले से ही विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे समय में बच्चों के आवागमन की अतिरिक्त जिम्मेदारी उनके लिए मानसिक एवं आर्थिक बोझ बन गई है।

अख्तर जावेद उस्मानी ने एसईसीएल प्रबंधन से मांग की है कि स्कूल बस सुविधा तत्काल पुनः शुरू की जाए तथा जब तक नियमित व्यवस्था बहाल नहीं होती, तब तक कर्मचारियों द्वारा बच्चों के आवागमन पर किए गए वैकल्पिक खर्च की प्रतिपूर्ति भी की जाए। साथ ही उन्होंने इस मामले में शीघ्र स्पष्ट निर्णय लेकर कर्मचारियों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित करने की मांग की है।

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