: डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती मनाई थी
Fri, Jul 7, 2023
मनेन्द्रगढ़ । एम सी बी। भारतीय जनता पार्टी जिला मुख्यालय सहित अन्य मंडलो मे डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी जयंती मनाई गई तथा पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ताओ के द्वारा जयंती के अवसर पर जीवनी पर प्रकाश डाल कार्यकर्ताओ को बताया गया की गया की डाक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी का जन्म 6 जुलाई, 1901 को एक संभ्रांत परिवार में हुआ था। महानता के सभी गुण उन्हें विरासत में मिले थे। उनके पिता आशुतोष बाबू अपने जमाने ख्यात शिक्षाविद् थे। डॉ. मुखर्जी ने 22 वर्ष की आयु में एमए की परीक्षा उत्तीर्ण की तथा उसी वर्ष आपका विवाह भी सुधादेवी से हुआ। उनको दो पुत्र और दो पुत्रियां हुईं। वे 24 वर्ष की आयु में कोलकाता विश्वविद्यालय सीनेट के सदस्य बने। उनका ध्यान गणित की ओर विशेष था। इसके अध्ययन के लिए वे विदेश गए तथा वहां पर लंदन मैथेमेटिकल सोसायटी ने उनको सम्मानित सदस्य बनाया। वहां से लौटने के बाद डॉ. मुखर्जी ने वकालत तथा विश्वविद्यालय की सेवा में कार्यरत हो गए। डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी ने कर्मक्षेत्र के रूप में 1939 से राजनीति में भाग लिया और आजीवन इसी में लगे रहे। उन्होंने गांधीजी व कांग्रेस की नीति का विरोध किया, जिससे हिन्दुओं को हानि उठानी पड़ी थी।
एक बार आपने कहा- 'वह दिन दूर नहीं जब गांधीजी की अहिंसावादी नीति के अंधानुसरण के फलस्वरूप समूचा बंगाल पाकिस्तान का अधिकार क्षेत्र बन जाएगा।' उन्होंने नेहरूजी और गांधीजी की तुष्टिकरण की नीति का सदैव खुलकर विरोध किया। यही कारण था कि उनको संकुचित सांप्रदायिक विचार का द्योतक समझा जाने लगा। वंही अगस्त 1947 को स्वतंत्र भारत के प्रथम मंत्रिमंडल में एक गैर-कांग्रेसी मंत्री के रूप में उन्होंने वित्त मंत्रालय का काम संभाला। डॉ. मुखर्जी ने चितरंजन में रेल इंजन का कारखाना, विशाखापट्टनम में जहाज बनाने का कारखाना एवं बिहार में खाद का कारखाने स्थापित करवाए। उनके सहयोग से ही हैदराबाद निजाम को भारत में विलीन होना पड़ा।
1950 में भारत की दशा दयनीय थी। इससे डॉ. मुखर्जी के मन को गहरा आघात लगा। उनसे यह देखा न गया और भारत सरकार की अहिंसावादी नीति के फलस्वरूप मंत्रिमंडल से त्यागपत्र देकर संसद में विरोधी पक्ष की भूमिका का निर्वाह करने लगे। एक ही देश में दो झंडे और दो निशान भी उनको स्वीकार नहीं थे। अतः कश्मीर का भारत में विलय के लिए डॉ. मुखर्जी ने प्रयत्न प्रारंभ कर दिए। इसके लिए उन्होंने जम्मू की प्रजा परिषद पार्टी के साथ मिलकर आंदोलन छेड़ दिया।
अटलबिहारी वाजपेयी (तत्कालीन विदेश मंत्री), वैद्य गुरुदत्त, डॉ. बर्मन और टेकचंद आदि को लेकर आपने 8 मई 1953 को जम्मू के लिए कूच किया। सीमा प्रवेश के बाद उनको जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया। 40 दिन तक डॉ. मुखर्जी जेल में बंद रहे और 23 जून 1953 को जेल में उनकी रहस्यमय ढंग से मृत्यु हो गई।
अभी केवल जीवन के आधे ही क्षण व्यतीत हो पाए थे कि हमारी भारतीय संस्कृति के नक्षत्र अखिल भारतीय जनसंघ के संस्थापक तथा राजनीति व शिक्षा के क्षेत्र में सुविख्यात डॉ. मुखर्जी की 23 जून, 1953 को मृत्यु की घोषणा की गईं। बंगाल ने कितने ही क्रांतिकारियों को जन्म दिया है, उनमें से एक महान क्रांतिकारी डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी थे। बंगभूमि से पैदा डॉ. मुखर्जी ने अपनी प्रतिभा से समाज को चमत्कृत कर दिया था
: निर्माणाधीन पत्रकार भवन के पास वन महोत्सव के आयोजन किया गया
Thu, Jul 6, 2023
मनेन्द्रगढ़। एमसीबी जिला मुख्यालय चैनपुर में निर्माणाधीन पत्रकार भवन के पास वन महोत्सव के आयोजन किया गया जिसमे मुख्य रूप से भरतपुर क्षेत्र के विधायक गुलाब कमरो जिले के कलेक्टर नरेंद्र दुग्गा व जिले के पुलिस अधीक्षक सिदार्थ तिवारी , जिला पंचायत सदस्य ऊषा करियाम , जन जनपद अध्यक्ष डॉ विनय शंकर सिंह , नपाध्यक्ष प्रभा पटेल सहित प्रतिनिधि सहित ग्रीन वेली के सदस्य गण वृक्षारोपण कार्यक्रम में पहुँचे ।
जहा जन प्रतिनिधियों व अधीकारियो के द्वारा पौधा तुंहर द्वारा के तहत वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया जिसमे कई प्रकार के पौधे है जो ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में लोगो को निशुल्क पौधा प्रदान किया जाएगा ।
वन महोत्सव कार्यक्रम में पहुचे विधायक गुलाब कमरो सहित जिले के अधीकारियो के द्वारा निर्माणाधीन पत्रकार भवन के पास विभिन्न प्रजाति के पौधों का रोपण किया गया ।
वही विधायक गुलाब कमरो के द्वारा कहा गया कि हमारा क्षेत्र हर भर है और आज हम लोग वन महोत्सव कार्यक्रम मना रहे है हमे हमेशा पौधा लगाना चाहिये और छत्तीसगढ़ की सरकार द्वारा सभी समाज के लोगो को भवन प्रदान किया है वही कलेक्टर नरेंद्र दुग्गा के द्वारा कहा गया कि बहुत ही अच्छी पहल है एमसीबी प्रेस क्लब के साथियों की आगे चल कर इनको इनका भवन जल्द मिलेगा और ये जो कार्यक्रम का आयोजन किया गया है इसके लिये मैं इनको बधाई देता हूं ।
वही वन मंडला अधिकारी लोकनाथ पटेल के द्वारा कहा गया कि वन महोत्सव के तहत आज एमसीबी प्रेस क्लब के द्वारा पौधा रोपण का कार्यक्रम किया गया वही आज यह से पौधा तुंहर द्वारा को भी हरि झंडी दिखाई गई है जो शहर व ग्रामीण क्षेत्रो में जाकर निशुल्क पौधे प्रदान किया जायेगा इस कार्यक्रम को लेकर एमसीबी प्रेस क्लब के साथियों को बधाई देता हु ।
: विवादित पटवारी कौशल यादव को राजस्व पटवारी संघ छत्तीसगढ़ ने किया निष्कासित
Wed, Jul 5, 2023
रायपुर/बिलासपुर:- राजस्व पटवारी संघ छत्तीसगढ़ प्रदेश के पटवारीयों का बड़ा संगठन है जो राजस्व पटवारी हित की लड़ाई समय समय में करते रहता है अभी हाल ही में पटवारी संघ ने कुछ मांगो को लेकर आंदोलन महीनो चला जिसमे प्रदेश के सभी जिलों में आंदोलन धरना चला और सरकार ने पटवारियों की मांग को माना एकता में ताकत होती है ये बात दिखाई दी,लेकिन हमेशा विवादो में रहने वाले पूर्व में शासन द्वारा निलंबित होकर बहाल हुए बिलासपुर से जांजगीर चांपा ट्रांसफर में गए पटवारी कौशल यादव पामगढ़ में पदस्थ को इस बात से लगता है कोई लेना देना नही है क्योंकि पटवारीयों का धरना आंदोलन में जांजगीर जिले में पदस्थ होने के बाद भी उपस्थिति दर्ज नही कराई जिसके चलते राजस्व पटवारी संघ छत्तीसगढ़ जांजगीर चांपा के जिला अध्यक्ष ने उन्हें संघ से निष्कासित कर दिया ।राजस्व पटवारी संघ छत्तीसगढ़ जांजगीर -चांपा ने पत्र जारी कर कौशल यादव को निष्कासित कियाराजस्व पटवारी संघ जिला जांजगीर चांपा द्वारा दिनांक 15/05/2023 से प्रांतीय आहवाहन पर जिला मुख्यालय के केरा रोड स्थित कर्मचारी भवन मे अनिश्चितकालिन हड़ताल पर है । जिसमे आपके द्वारा हडताल में जाने हेतु स्वेच्छा पुर्वक सहमती पत्र प्रदान किया गया/नही किया गया। उसके बाद भी आपके द्वारा दिनांक 15/05/2023 से दिनांक 14/06/202 कि कुल दिवस 28. बिना सुचना हडताल स्थल में अनुपस्थित पाये गये है।आपके द्वारा प्रस्तुत जवाब न्यायसंगत नही होने पर आपके उक्त कत्य को अनुषासनहीनता माना जाता है अतः आपको राजस्व पटवारी संघ जिला जांजगीर-चांपा से निष्कासित किया जाता है।