जनदर्शन में 29 आवेदनों की हुई सुनवाई : अपर कलेक्टर ने दिए त्वरित निराकरण के निर्देश
Praveen Nishee Tue, Apr 7, 2026
मनेंद्रगढ़। एमसीबी। कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के निर्देशन में कलेक्ट्रेट कार्यालय में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में अपर कलेक्टर अनिल सिदार ने जिले के विभिन्न ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं। इस दौरान लोगों ने अपनी व्यक्तिगत एवं सार्वजनिक समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत किए।
जनदर्शन में कुल 29 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें पंकज निवासी केवटी द्वारा जन समाधान शिविर में लगाए गए टेंट की राशि भुगतान की मांग, उदय प्रसाद केवट निवासी चिरमिरी द्वारा बीपीएल कार्ड पुनः बहाल करने का आवेदन, भलौर के सरपंच द्वारा अवैध रेत भंडारण की शिकायत, गणेश रवि निवासी नागपुर द्वारा हाई मास्क स्वीकृति की मांग, नईम खान निवासी मनेंद्रगढ़ द्वारा शिकायत आवेदन तथा राजस्व प्रकरण में धोखाधड़ी करने वाले कर्मचारी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग शामिल रही।
इसी प्रकार डॉ. शंभू प्रसाद, पार्वती निवासी खोंगापानी, लक्ष्मण प्रसाद निवासी घुटरा द्वारा भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना में पात्रता से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए गए। झगराखंड के वार्डवासियों ने अतिक्रमण हटाने की मांग रखी, जबकि मोहम्मद सैफ निवासी मनेंद्रगढ़ ने मकान खाली नहीं करने की शिकायत दर्ज कराई। भूमि संबंधी प्रकरणों में शुक्ला कैलाश निवासी मनवारी, हाजी गुलाम, रितेश ताम्रकार, अमृत सिंह, भोलानाथ, महेश प्रसाद सहित कई आवेदकों ने अपने-अपने मामले प्रस्तुत किए। वहीं जसबीर शर्मा ने नल कनेक्शन नामांतरण, आशा बाई निवासी बेलगांव ने सहायिका पद से हटाने संबंधी शिकायत, तथा भौता सरपंच ने सड़क मरम्मत का मुद्दा उठाया।
जल समस्या को लेकर जयराम निवासी ठग्गांव, राशन से संबंधित कटौती को लेकर पी. उमा निवासी चिरमिरी, तथा आवास योजना की राशि नहीं मिलने की शिकायत बुद्धू राम निवासी केराबहरा एवं देवकन्या निवासी सिरौली द्वारा की गई। इसके अतिरिक्त कोटाडोल आदिम जाति सेवा सहकारी समिति में प्रबंधक द्वारा कथित धोखाधड़ी एवं फर्जी केसीसी का मामला, रश्मि खटिक द्वारा सीमांकन, शकुंतला सिंह द्वारा एथलेटिक्स प्रतियोगिता हेतु आर्थिक सहायता, गणेश रैदास द्वारा दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी से संबंधित मुद्दा तथा रवि कुमार निवासी खोडरी द्वारा फर्जी बिल के माध्यम से राशि आहरण की शिकायत भी प्रस्तुत की गई।
अपर कलेक्टर ने सभी आवेदनों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक प्रकरण का परीक्षण कर प्राथमिकता के साथ समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

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