वरिष्ठ पत्रकार शंकर पांडे की कलम से..*(कॉलम 21 सालों से लगातार) : सवाल ये है हवा आई किसके इशारे पर.... चराग़ किस के बुझे ये सवाल थोड़े ही है....
Praveen Nishee Fri, Aug 7, 2026
दो उपचुनाव से देश के जन मानस का संकेत मिल जाए ऐसा संभव नहीं है? लेकिन वह सीट भाजपा के चाणक्य की लॉयल्टी का परीक्षण हो, उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष की साख दाँव पर लग रही हो, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पृष्ठभूमि के लोगों के जीतने हारने का सवाल हो तो संकेत की प्रति ध्वनि समझनी चाहिए! बिहार में तो नीतीश को पिछले दरवाजे से अपदस्थ किया गया और सामाजिक न्याय विरोधी ओबीसी नेता को सीएम बनाया गया उसके बाद वहां के सामाजिक ताने- बाने में राजनीतिक परिवर्तन की प्रति छाया साफ- साफ नजर आने लगी थी,दोनों चुनाव क्षेत्र जहां भाजपा की हालत पस्त नजर आ रही है, वहां भीतरघात का आरोप अमित शाह के समर्थकों पर लगने वाला है! अगर भाजपा अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष का बूथ हार जाती है, दतिया में नरोत्तम मिश्रा का भी बूथ हार जाती है तो सवाल और बड़े हो जाते हैं? दतिया हार के बाद मप्र के सीएम मोहन यादव के लिये भी मुसीबत का अध्याय प्रारंभ होने वाला है और बिहार में भी सम्राट चौधरी के सवाल पर दोबारा सोचना पड़ सकता है....! नीतीश इसके अपवाद थे, उनका राजनीतिक जन्म सामाजिक न्याय की पृष्ठभूमि से हुआ था! बिहार के संदर्भ में हमें यह भी समझ लेना चाहिए लालू यादव की तरह ना तो तेजस्वी,ना सम्राट जननेता है। बिहार मे अगड़ों का हिस्सा जिसमें ब्राह्मण,भूमिहार और राजपूत शामिल है मुख्यरूप से भाजपा समर्थक नहीं यादव विरोधी हैं साथ ही किसी ऐसे नेता को भी नहीं जो उनकी वरीयता को खारिज करता हो ठीक इसी तरह लवकुश और एससी का वोट भी भाजपा समर्थक नहीं होकर यादव विरोधी,सामाजिक न्याय की पक्षधर है! बिहार के सामाजिक ताने-बाने की अवहेलना करने की वजह से पिछले 8 बार से जीती जा रही नितिन नवीन की यह सीट भाजपा बुरी तरह से हार गई है! दतिया में नरोत्तम मिश्रा के विद्रोह को समायोजित करने सीएम यादव ने कांग्रेस के पुराने विधायक राजेंद्र भारती को तैयार कर लिया था और एक प्रशासनिक अधिकारी दामोदर यादव को आजाद समाज पार्टी से खड़ा कर कांग्रेस के प्रतिबद्ध वोटो में सेंध लगाने की कोशिश की थी,लेकिन कांग्रेस ने बहुत एकजुट हो कर,आक्रामकता से चुनाव को लड़ा,मप्र के नौजवान कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के लिए यह जीत वरदान साबित हो सकती है! इस चुनाव से यह भी विश्लेषित किया जाएगा देश में एक अच्छे खासे प्रतिशत में zen z का गुस्सा भी भाजपा के प्रति परिलक्षित हुआ है और राममंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद से चोटिल हिंदू आस्थाओं ने भी भाजपा की प्राथमिकताओं को बाय-बाय कहना प्रारंभ कर दिया है...!
राष्ट्रपति के निमंत्रण पत्र
में झिटकू-मिटकी
राष्ट्रपति भवन की ओर से 15 अगस्त के पावन अवसर पर भेजे जाने वाले प्रतिष्ठित 'एट होम' (At Home) निमंत्रण पत्र में इस बार छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और माटी महक को विशेष स्थान मिला है। देश के सबसे बड़े मंच पर बस्तर की लोक कला-परंपराओं की अनूठी चमक दिखाई दे रही है। राष्ट्रपति भवन के विशेष निमंत्रण पत्र पर बस्तर की पारंपरिक पिटवा कला,ढोकरा (बेल मेटल) शिल्प से उकेरी ऐतिहासिक लोकगाथा 'झिटकू- मिटकी' की प्रतीकात्मक आकृति को शामिल किया गया है। यह केवल एक कार्ड पर छपी तस्वीर नहीं है,बल्कि इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि बस्तर की प्राचीन लोककला राष्ट्रीय फलक पर अपनी विशिष्ट पहचान बना चुकी है। इस आमंत्रण में गोवा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र की पारंपरिक कलाओं के साथ छत्तीसगढ़ को भी महत्व दिया गया है।
सांसद,आईएएस विवाद
और लोकसभा
छ्ग राज्य बनने के बाद कहा जाता था कि भले ही सीएम की बात टाल दें पर बृजमोहन की बात काटने की हिम्मत किसी आईएएस की नहीं होती थी,जोगी-भूपेश के कार्यकाल में भी बृजमोहन कमजोर नहीं थे, पर साय सरकार बनने के बाद उनकी उपेक्षा किसी से छिपी नहीं है। छग कैडर 2004 बैच के आईएएस, स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया विशेषाधिकार हनन के मामले में फंस गए हैं।भाजपा वरिष्ठ नेता, सालों तक मप्र छ्ग में मंत्री रहे, सांसद,बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा अध्यक्ष से इसकी शिकायत की है। सांसद ने आईएएस अफसर पर अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया है।आईआईटी दिल्ली से इंजीनियरिंग, यूपीएससी में ऑल इंडिया 18वीं रैंक, देश के सबसे अमीर नौकरशाहों में गिनती,अनूठी प्रोफाइल और 1 रुपए की सैलरी को लेकर चर्चा में रहनेवाले वरिष्ठ आई एएस अमित कटारिया अब एक बड़े विवाद में घिर गए हैं. छग कैडर के दबंग अफसर के खिलाफ रायपुर से भाजपा के वरिष्ठ सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोस अध्यक्ष को विशेषाधिकार हनन की शिकायत भेजी है।*"जो करना है कर लो"..... सांसद बृजमोहन ने प्रदेश के स्वास्थ्य सचिव अमित पर जनप्रतिनिधियों की अनदेखी, अमर्यादित रवैये का बेहद गंभीर आरोप लगाया है। लोस सचिवालय को भेजी विशेषाधिकार हनन की शिकायत के अनुसार, आईएएस अमित कटारिया ने सांसद द्वारा जनहित से जुड़े मुद्दों, पत्रों, बार- बार भेजे गए स्मरण पत्रों का महीनों तक कोई जवाब नहीं दिया उनके प्रति अफसर का रवैया गैर जिम्मेदाराना और अपमान जनक था,आईएएस कटारिया ने उसने कहा 'जो करना है कर लो' सांसद ने इस पूरे वाकये को संविधान के अनुच्छेद- 105 के तहत मिले विशेषाधिकारों का हनन बताया है।
विजय बघेल ने भी की
लोस अध्यक्ष से शिकायत.....
रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल के बाद अब दुर्ग लोकसभा के सांसद विजय बघेल ने विशेषाधिकार हनन की शिकायत की है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या राज्य के अधिकारी जनप्रतिनिधियों की अनदेखी करने लगे हैं....? लगातार दूसरा मामला सामने आने से राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है। दुर्ग सांसद विजय बघेल ने भिलाई निगम के तत्कालीन आयुक्त राजीव कुमार पांडेय, भिलाई -चरोदा निगम के आयुक्त डी एस राजपूत के खिलाफ लोक सभा अध्यक्ष के समक्ष विशेषाधिकार हनन की गंभीर शिकायत दर्ज कराई है।
और अब बस........
0छ्ग सरकार ने 'समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में काम आगे बढ़ाया है।यूसीसी को लेकर गठित टीम ने आम लोगों से इसमें अपनी राय देने को कहा है,इसको लेकर 15 अक्टूबर तक का समय दिया गया है।
0राज्य के बहुचर्चित राम अवतार जग्गी हत्याकांड में दोषी ठहराए गए शूटर चिमन सिंह को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है
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