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: मोपका में जितने अवैध कब्जे पूर्व पटवारीयो,आर आई के गलत सीमांकन के कारण?, कौशल यादव,अमित पांडेय,अशोक जायसवाल ये पूर्व पटवारियों द्वारा किए गए समस्त सीमांकन की जांच की जाएं

Admin Wed, Jan 3, 2024

(महफूज खान पत्रकार की रिपोर्ट) बिलासपुर:- बिलासपुर शहर का मोपका क्षेत्र हमेशा से जमीन को लेकर विवादित ही रहा है इस क्षेत्र में शासकीय जमीन का बंदरबाट जिसके प्रकार हुआ है वैसा पूरे प्रदेश में कही नही हुआ हैं जिसमे पूर्व के तहसीलदार से लेकर पटवारी सभी शामिल थे जिसमे एक पटवारी अशोक जायसवाल को जेल भी जाना और दूसरा पटवारी कौशल यादव को निलंबित होना पड़ा । आज मोपका क्षेत्र की जो स्थिति है उसमे पूर्व के शासकीय अधिकारी,कर्मचारी पूर्ण रूप से दोषी हैं जिन्होंने शासकीय जमीन को बचाने की बजाय जमीन को बिना देखे सुने भू माफियो के पास जाने दिया जबकि पूर्व के तहसीलदार, पटवारी,आर आई चाहते तो शासकीय जमीन बचाई जा सकती थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ आज उन जमीनों में या तो मकान बन गए हैं या किसी भू माफिया ने अपनी बाउंड्री वॉल करके कब्जा जमाया हुआ है जिसको छुड़ाने में दुदावत का बुलडोजर भी कुछ नही उखाड़ पा रहा है आज नगर निगम का अतिक्रमण दस्ता गरीब की झोपड़ी तो तोड़ दे रहा है लेकिन भू माफिया की बाउंड्री वॉल तोड़ने में उसका पसीना निकल जा रहा है और उस आप कार्यवाही नही की जा रही है। बिलासपुर कलेक्टर पूर्व के तहसीलदार,पटवारी,आर आई के द्वारा किए सीमांकन की जांच करें:- बिलासपुर कलेक्टर को मोपका को लेकर एक जांच टीम बनानी चाहिए जो पूर्व के तहसीलदार,पटवारी, आरआई के द्वारा जितने भी सीमांकन किए गए उसकी जांच करें दूध का दूध और पानी का पानी साफ दिखाई देने लगेगा और शासकीय जमीन वापस मिल जायेगी लेकिन बैल के गले में घंटी बांधे का कौन ? जांच करने वाले अधिकारी भी कम नहीं होते इसके पहले भी सरकंडा क्षेत्र में कलेक्टर सोनमणी बोरा ने जांच कराई थी लेकिन उसका क्या हुआ सब जानते है।

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