अंतरराज्यीय वन्यजीव तस्करी का बड़ा भंडाफोड़: : टाइगर रिजर्व की एंटी-पोचिंग टीम ने दबोचे शिकारी, तेंदुए की खाल बरामद ओडिशा कनेक्शन उजागर दो आरोपी गिरफ्तार
Praveen Nishee Mon, Mar 9, 2026
गरियाबंद। ( रोशनलाल अवस्थी ) उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व की एंटी-पोचिंग टीम ने अंतरराज्यीय वन्यजीव तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए दो शिकारियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से तेंदुए की खाल (बिना सिर और पंजों के) बरामद की गई है, जबकि मामले में शामिल दो अन्य आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।
वन विभाग से मिली गोपनीय सूचना के आधार पर रायपुर-देवभोग नेशनल हाईवे-130सी पर सघन जांच के दौरान एक संदिग्ध मारुति सुजुकी ईको वाहन (CG 04 PT 2966) को रोककर तलाशी ली गई। जांच में वाहन से तेंदुए की खाल बरामद होते ही एंटी-पोचिंग टीम ने मौके पर ही दो आरोपियों को धर दबोचा।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जमसरसाय बोधल (55 वर्ष), निवासी कटेलपारा, थाना छुरा तथा सुरज नेताम (21 वर्ष), निवासी कांटाकुसरी, थाना छुरा के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने वन्यजीव तस्करी से जुड़े कई अहम खुलासे किए हैं।
ओडिशा कनेक्शन आया सामने
आरोपियों की निशानदेही पर ओडिशा के धर्मबंधा (नुवापाड़ा) निवासी मंगुल को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि खुटपदर गांव के पास बिजली करंट बिछाकर जंगली सूअर और तेंदुए जैसे वन्यजीवों का शिकार किया जाता था।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई
वन विभाग ने आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जिला जेल गरियाबंद भेज दिया गया है।
तस्करों की तलाश जारी
इस मामले में शामिल दो अन्य आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है। वन विभाग और छत्तीसगढ़ पुलिस की संयुक्त टीम लगातार छापेमारी कर रही है।

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