डिजिटल स्वास्थ्य में एमसीबी की बड़ी उपलब्धि : आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता सीडिंग में प्रदेश में दूसरा स्थान
Praveen Nishee Fri, Mar 20, 2026
मनेंद्रगढ़।एमसीबी। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिला एक बार फिर स्वास्थ्य सेवाओं में अपनी प्रभावी कार्यप्रणाली के कारण चर्चा में है। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत संचालित आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता अभियान में जिले ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पूरे छत्तीसगढ़ में द्वितीय स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि न केवल प्रशासनिक दक्षता का उदाहरण है, बल्कि डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में जिले की मजबूत पकड़ को भी दर्शाती है।
एनसीडी मरीजों की डिजिटल पहचान से मजबूत हुई स्वास्थ्य व्यवस्था
NCD पोर्टल के आंकड़ों (अप्रैल 2025 से फरवरी 2026) के अनुसार जिले में अब तक 81,762 एबीएचए कार्ड बनाए जा चुके हैं। खास बात यह है कि मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसे गैर-संचारी रोगों से ग्रसित 68,249 मरीजों को एबीएचए से जोड़ा गया है, जिससे कुल सीडिंग दर 47.8 प्रतिशत तक पहुंच गई है। यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि जिले में डिजिटल हेल्थ को जमीनी स्तर तक प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है।
एबीएचए कार्ड बना मरीजों के लिए डिजिटल स्वास्थ्य पहचान
एबीएचए कार्ड एक ऐसी आधुनिक डिजिटल व्यवस्था है, जिसके माध्यम से नागरिकों का पूरा स्वास्थ्य रिकॉर्ड-जांच रिपोर्ट, दवाइयां, डॉक्टर की सलाह और उपचार-एक सुरक्षित प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहता है। इससे मरीजों को बार-बार दस्तावेज लेकर भटकने की जरूरत नहीं होती और डॉक्टरों को भी मरीज का सटीक मेडिकल इतिहास तुरंत मिल जाता है, जिससे उपचार की गुणवत्ता बेहतर होती है।
स्वास्थ्य टीम की मेहनत और मजबूत नेतृत्व का परिणाम
जिले में सीएमएचओ डॉ. अविनाश खरे के नेतृत्व में इस अभियान को विशेष गति दी गई है। गैर-संचारी रोगों से ग्रसित मरीजों को प्राथमिकता देते हुए एनसीडी क्लीनिक में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति का एबीएचए पंजीयन सुनिश्चित किया जा रहा है और उनकी जांच रिपोर्ट को डिजिटल रूप से जोड़ा जा रहा है। जिला नोडल अधिकारी डॉ. नम्रता चक्रवर्ती के मार्गदर्शन में पूरी स्वास्थ्य टीमकृ एएनएम, एएसएचए, मितानिन और अन्य स्वास्थ्य कार्यकर्ताकृघर-घर जाकर नागरिकों का पंजीयन कर रहे हैं, जिससे अभियान को व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है।
जागरूकता अभियान और हेल्प डेस्क से बढ़ी भागीदारी
जिले के सभी प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में विशेष पंजीयन शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। जिला अस्पताल में एबीएचए हेल्प डेस्क की स्थापना के साथ-साथ ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस और हाट-बाजारों में भी जागरूकता गतिविधियाँ चलाई जा रही हैं, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोग इस डिजिटल सुविधा का लाभ उठा सकें।
जिला प्रशासन द्वारा नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर आधार कार्ड के साथ एबीएचए पंजीयन अवश्य कराएं। विशेष रूप से 30 वर्ष से अधिक आयु के नागरिक, जो मधुमेह, उच्च रक्तचाप या अन्य दीर्घकालिक बीमारियों से पीड़ित हैं, इस सुविधा का लाभ उठाकर अपने स्वास्थ्य रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से सुरक्षित करें।

विज्ञापन