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: केन्द्र सरकार ने लिथियम खनन की दी मंजूरी,कटघोरा में 250 हेक्टर में लिथियम का भण्डार मिला यह जानकारी स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने दी

Admin Tue, Aug 13, 2024

रायपुर। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जानकारी देते हुये बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रयास से सरकार ने लिथियम खनन की दी मंजूरी दी है, कटघोरा में 250 हेक्टर में लिथियम का भण्डार मिला,यह देश का पहला माइंस कोरबा क्षेत्र के कटघोरा मे होगा,जिससे छत्तीसगढ़ की तस्वीर बदल जायेगी,विश्व मे इस क्षेत्र का नाम हो जाएगा, लिथियम पूरे विश्व मे 8 से लेकर 10 जगह ही मिला है । लीथियम होता क्या है? खजाना मिल जाने से कैसे बदलेगी भारत की तकदीर, कहां होता है इस्तेमाल, जानिए सबकुछ लीथियम को दुनियाभर में खोजा जा रहा है. यह इतना जरूरी है कि इसे 21वीं सदी का पेट्रोल भी कहा जा रहा है. अब भारत के छत्तीसगढ़ राज्य के कटघोरा क्षेत्र में 250 हेक्टेयर में लीथियम (Lithium Reserve) का पता लगा है. इतने बड़े खजाने के साथ भारत दुनिया में सबसे ज्यादा लीथियम का उत्पादन करने वाले देशों में तीसरे नंबर पर पहुंच जाएगा. लीथियम का सबसे बड़ा इस्तेमाल इल्केट्रिक गाड़ियों के लिए बैटरियां बनाने में होता है. जिस रफ्तार से दुनिया भर में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की मांग, उत्पादन और बिक्री बढ़ रही है उसके हिसाब से कहा जा रहा है कि यह लीथियम भारत को काफी अमीर और शक्तिशाली देश बना सकता है. आइए विस्तार से समझते हैं कि यह लीथियम कितना अहम साबित होने वाला है. क्या है लीथियम? लीथियम एक गैर-लौह अयस्क है. यह चांदी की तरह दिखने वाला एक पत्थर होता है जो काफी मुलायम होता है. इसकी सघनता बहुत ही कम होती है. हालांकि, यह काफी प्रतिक्रिया करता है यानी बाकी के रासायनिक तत्वों से मिलने के बाद इसकी क्रिया शुरू हो जाती है. इसीलिए इसे काफी सुरक्षित तरीके से रखा जाता है. इसे सुरक्षित रखने के लिए मिट्टी के तेल या मिनरल वॉटर का भी इस्तेमाल किया जाता है. कहां काम आता है लीथियम? लीथियम का सबसे बड़ा इस्तेमाल बैटरियां बनाने में होता है. लीथियम की वजह से कई देशों में प्रतिस्पर्धा चल रही है. भारत में भी इलेक्ट्रिक गाड़ियों की संख्या काफी तेजी से बढ़ रही है. हालांकि, बैटरियों के महंगे होने की वजह से ही इलेक्ट्रिक गाड़ियों की कीमत ज्यादा है. ऐसे में अगर भारत खुद लीथियम का उत्पादन कर पाएगा तो गाड़ियां काफी सस्ती हो जाएंगी.

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