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जिले में विशेष आधार कैंप लगाने के दिये निर्देश : कलेक्टर ने आधार से जुड़े लंबित मामलों पर दिखाई सख्ती

Praveen Nishee Wed, Feb 25, 2026

मनेंद्रगढ़।एमसीबी। जिले में प्रशासनिक कार्यों की गहन समीक्षा और वर्षों से लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट कार्यालय में कलेक्टर डी. राहुल वेंकट ने साप्ताहिक समय-सीमा की वर्चुअल बैठक ली। बैठक में भूमि आबंटन, चिन्हांकन, प्रस्ताव स्वीकृति सहित लगभग सभी प्रमुख विभागों से जुड़े लंबित मामलों की विस्तार से समीक्षा की गई। कलेक्टर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शासन की प्राथमिकता से जुड़े प्रकरणों में अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी तथा समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण करना सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है।

भूमि आबंटन एवं विभागीय प्रस्तावों की समीक्षा

बैठक में ग्राम पंचायत चिरईपानी, मनेन्द्रगढ़, चिरमिरी, नईलेदरी एवं जनकपुर सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित भूमि आबंटन विषयों पर चर्चा की गई। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा DAV पब्लिक स्कूल मनेन्द्रगढ़ तथा DAV पब्लिक स्कूल चिरमिरी के लिए भूमि चिन्हांकन एवं साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड से स्वीकृति संबंधी प्रस्तावों की समीक्षा की गई। स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत नागपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, आमाखेरवा ट्रांजिट हॉस्टल तथा आयुष विभाग के बड़गांवकला, कमर्जी एवं कोटाडोल में आयुर्वेद औषधालय एवं 10 बिस्तरीय आयुष अस्पताल हेतु भूमि आबंटन प्रकरणों पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

इसके अतिरिक्त नगर पालिका परिषद मनेन्द्रगढ़ के लिए सांस्कृतिक भवन, नगर निगम चिरमिरी से जुड़े प्रस्ताव, उद्यानिकी विभाग की शासकीय नर्सरी तथा पीएचई विभाग की लाई एमवीएस योजना अंतर्गत भूमि मामलों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने राजस्व, वन एवं संबंधित विभागों को समन्वय के साथ शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

तीन वर्ष से अधिक लंबित मामलों पर नाराजगी

राज्य स्तर से लंबित महिला एवं बाल विकास, नगरीय प्रशासन, सूचना का अधिकार, पीएम स्वनिधि, ई-श्रम पोर्टल, कौशल विकास, निर्वाचन, वन, कृषि, शिक्षा, श्रम, पर्यटन, विद्युत, बैंकिंग, नगर निकाय एवं राजस्व विभागों से जुड़े मामलों की समीक्षा की गई। तीन वर्ष से अधिक समय से लंबित प्रकरणों पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित शाखाओं को कारण बताओ नोटिस जारी करने एवं शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए।

आधार एवं मोबाइल बैंकिंग यूनिट पर विशेष फोकस

कलेक्टर ने मोबाइल बैंकिंग यूनिट एवं आधार से जुड़े लंबित प्रकरणों पर सख्त रुख अपनाया। आधार पेंडेंसी की समीक्षा करते हुए उन्होंने विशेष आधार कैंप लगाने के निर्देश दिए, ताकि लंबित मामलों का शीघ्र समाधान हो और नागरिकों को समय पर सेवाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि मोबाइल बैंकिंग यूनिट के माध्यम से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में आधार अपडेट, आधार सीडिंग, डीबीटी लिंकिंग तथा बैंक खाता सत्यापन जैसी सेवाएं दी जाती हैं, लेकिन कमजोर मॉनिटरिंग के कारण कई प्रकरण लंबित हैं, जिसे अब स्वीकार नहीं किया जाएगा।

भूमि अमृत मिशन एवं डीएमएफ की समीक्षा

बैठक में अवैध नामांतरण, भूमि अतिक्रमण, आदिवासी भूमि विवाद, बेनामी संपत्ति, भ्रष्टाचार, रेलवे भू-अर्जन, अमृत मिशन, डीएमएफ, पीएम आवास, आयुष, शिक्षा, स्वास्थ्य, वन एवं राजस्व से जुड़े मामलों की गहन समीक्षा की गई। ग्राम अखराडांड़, मनेन्द्रगढ़, चिरमिरी, भरतपुर, खड़गवां एवं केल्हारी सहित विभिन्न तहसीलों में शासकीय एवं आदिवासी भूमि विवादों पर त्वरित जांच एवं वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

नागपुर-चिरमिरी रेललाइन, वन भूमि हस्तांतरण एवं बौरीडांड़ दोहरीकरण अवार्ड से जुड़े लंबित मामलों पर भी गंभीर चर्चा हुई। अमृत मिशन अंतर्गत मनेन्द्रगढ़, चिरमिरी, खोंगापानी, नईलेदरी, झगराखाण्ड एवं जनकपुर में जल आपूर्ति परियोजनाओं की स्थिति की समीक्षा कर समयबद्ध कार्यवाही के निर्देश दिए गए। डीएमएफ मद से वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के निर्माण कार्यों, आंगनबाड़ी विद्युतीकरण, सीएसआर प्रस्ताव, फिजियोथैरेपी कॉलेज, पीएचसी एवं अन्य निर्माण कार्यों के लिए पांच वर्ष का पर्सपेक्टिव प्लान शीघ्र तैयार करने को कहा गया।

सुशासन को प्राथमिकता

बैठक के अंत में कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि तीन वर्ष से अधिक समय से लंबित मामलों में अब किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि लंबित प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग करें, संबंधित आवेदकों को समय पर जानकारी दें तथा अगली समय-सीमा बैठक में ठोस प्रगति प्रस्तुत करें।

कलेक्टर ने कहा कि जनता से जुड़े मामलों का शीघ्र, पारदर्शी एवं जवाबदेह निराकरण ही प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है और इसी से जिले में सुशासन को और मजबूती मिलेगी।

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