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9th October 2026

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टीबी के खिलाफ समय पर जांच, नियमित उपचार और पोषण ही जीत की कुंजी- श्याम बिहारी जायसवाल

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नई दिल्ली से खड़गवां तक जुड़ा टीबी मुक्त भारत अभियान : टीबी के खिलाफ समय पर जांच, नियमित उपचार और पोषण ही जीत की कुंजी- श्याम बिहारी जायसवाल

Praveen Nishee Thu, Oct 8, 2026

मनेंद्रगढ़। एमसीबी। भारत को टीबी मुक्त बनाने के राष्ट्रीय अभियान में आज मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले ने जनभागीदारी की मजबूत मिसाल पेश की। सशक्त एमसीबी सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जनपद पंचायत मैदान, खड़गवां में राज्य स्तरीय टीबी मुक्त भारत अभियान, जोश टीम लॉन्च एवं टीबी मुक्त विकासखंड (संपूर्ण क्षय सुरक्षित) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में एक ओर नई दिल्ली के भारत मंडपम से JOSH (Joint Squad for Health) टीमों के राष्ट्रीय शुभारंभ का लाइव वर्चुअल प्रसारण हुआ, वहीं दूसरी ओर जिले की 199 ग्राम पंचायतों में से 177 ग्राम पंचायतों के टीबी मुक्त होने की उपलब्धि का उत्सव मनाया गया। इस उपलब्धि के लिए संबंधित ग्राम पंचायतों के सरपंचों को मुख्य अतिथि स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल द्वारा गोल्ड, सिल्वर एवं ब्रॉन्ज श्रेणी में गांधी प्रतिमा तथा शाल-श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया।

राज्य स्तरीय कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण एवं चिकित्सा शिक्षा तथा पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल रहे। कार्यक्रम में स्वास्थ्य सेवाएं विभाग के संचालक/आयुक्त सह-संचालक संजीव कुमार झा, कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े, जिला पंचायत सीईओ अंकिता सोम, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती यशवंती सिंह, महापौर नगर पालिक निगम चिरमिरी रामनरेश राय, सभापति नगर पालिक निगम चिरमिरी संतोष सिंह, नगर पंचायत नई लेदरी अध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह राणा, जिला पंचायत सदस्य रामजीत लकड़ा, कोरिया जिले की सोनहत जनपद अध्यक्ष श्रीमती आशा देवी, सरगुजा जिले की बतौली जनपद अध्यक्ष श्रीमती अनीता तिर्की, रायगढ़ जिले के घरघोड़ा जनपद अध्यक्ष सहनू पैकरा सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

इस अवसर पर नगर पालिका मनेन्द्रगढ़ अध्यक्ष श्रीमती प्रतिमा यादव, जनपद अध्यक्ष खड़गवां श्याम बाई मरकाम, जनपद पंचायत खड़गवां उपाध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह करियाम, योग आयोग छत्तीसगढ़ शासन के अध्यक्ष संजय अग्रवाल, नगर पंचायत जनकपुर अध्यक्ष कौशल पटेल, जनपद सदस्य खड़गवां युगान्तर श्रीवास्तव सहित जिलेभर के सरपंच, पंचायत प्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

स्वास्थ्य स्टॉलों के निरीक्षण से हुई कार्यक्रम की शुरुआत

कार्यक्रम की शुरुआत स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल द्वारा स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगाए गए विभिन्न स्टॉलों के निरीक्षण से हुई। उन्होंने टीबी जांच, स्क्रीनिंग, स्वास्थ्य सेवाओं तथा जनजागरूकता से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से आम नागरिकों तक स्वास्थ्य सेवाओं का प्रभावी लाभ पहुंचाने, टीबी की समय पर पहचान तथा मरीजों को नियमित उपचार से जोड़ने के संबंध में जानकारी प्राप्त की।

इसके बाद मुख्य अतिथि एवं उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने भारत माता एवं छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र पर दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उपस्थित अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारी-कर्मचारियों एवं ग्रामीणजनों ने सावधान मुद्रा में खड़े होकर ससम्मान राष्ट्रगीत का गायन किया। अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं माल्यार्पण से आत्मीय स्वागत किया गया।

दिल्ली से खड़गवां तक गूंजा टीबी मुक्त भारत का संदेश

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण नई दिल्ली के भारत मंडपम से आयोजित जोश टीमों के राष्ट्रीय शुभारंभ का लाइव वर्चुअल प्रसारण रहा। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा, केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया तथा रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ की उपस्थिति में राष्ट्रीय स्तर पर जोश टीमों का शुभारंभ किया गया।

खड़गवां में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, स्वास्थ्यकर्मियों, पंचायत प्रतिनिधियों, युवाओं, अधिकारी-कर्मचारियों एवं ग्रामीणजनों ने राष्ट्रीय कार्यक्रम को लाइव देखा। इससे खड़गवां का राज्य स्तरीय आयोजन सीधे राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन अभियान से जुड़ गया और खड़गवां से लेकर नई दिल्ली तक एक साथ टीबी मुक्त भारत का संदेश गूंजा। पहले चरण में देश के 11 राज्यों के 55 जिलों में जोश टीमों की शुरुआत की गई है। इसका उद्देश्य युवाओं के नेतृत्व में सामुदायिक लामबंदी को मजबूत करना तथा टीबी मुक्त भारत के संदेश को गांव-गांव और जन-जन तक पहुंचाना है।

177 ग्राम पंचायतों की टीबी मुक्त उपलब्धि, सरपंचों का हुआ सम्मान

कार्यक्रम में एमसीबी जिले की उल्लेखनीय उपलब्धि को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। जिले की 199 ग्राम पंचायतों में टीबी के मरीज चिन्हित किए गए थे, जिनमें से 177 ग्राम पंचायतों ने टीबी मुक्त होने की उपलब्धि हासिल की है। इस उपलब्धि में पंचायत प्रतिनिधियों, स्वास्थ्यकर्मियों, मितानिनों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा ग्रामीण समुदाय की सक्रिय भूमिका रही। वहीं टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों के सरपंचों को उनकी उल्लेखनीय भूमिका के लिए गोल्ड, सिल्वर एवं ब्रॉन्ज श्रेणी के आधार पर गांधी प्रतिमा तथा शाल-श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सम्मानित सरपंचों का उत्साहवर्धन करते हुए टीबी उन्मूलन में उनके योगदान की सराहना की। यह सम्मान ग्राम स्तर पर स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता, सक्रिय जनभागीदारी और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को प्रोत्साहित करने वाला रहा।

उपलब्धि वीडियो, नई IEC सामग्री और ‘खुशी अवतार’ से बढ़ेगा जागरूकता का दायरा

राष्ट्रीय कार्यक्रम के दौरान टीबी मुक्त भारत अभियान की प्रमुख उपलब्धियों को दर्शाने वाला उपलब्धि वीडियो प्रदर्शित किया गया। इसके बाद जोश टीमों का औपचारिक शुभारंभ किया गया। टीबी उन्मूलन अभियान के लिए नई सूचना, शिक्षा एवं संचार (IEC) सामग्री जारी की गई। जनजागरूकता एवं सामुदायिक भागीदारी को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से एआई-संचालित चैटबॉट ‘खुशी अवतार’ का भी शुभारंभ किया गया।

इन पहलों का उद्देश्य टीबी से संबंधित सही जानकारी को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना, बीमारी की समय पर पहचान के लिए लोगों को जागरूक करना और टीबी उन्मूलन अभियान में समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है।

कलेक्टर ने जनभागीदारी को बताया टीबी मुक्त एमसीबी की कुंजी

कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े ने मुख्य अतिथि, जनप्रतिनिधियों, अधिकारी-कर्मचारियों, स्वास्थ्य विभाग की टीम एवं उपस्थित ग्रामीणजनों का स्वागत करते हुए कहा कि सशक्त एमसीबी सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित टीबी मुक्त भारत अभियान एवं जोश टीम लॉन्च कार्यक्रम जिले के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि टीबी की समय पर पहचान, जांच, नियमित उपचार, पोषण सहायता और जनभागीदारी से ही टीबी मुक्त एमसीबी का संकल्प पूरा होगा। जोश टीम के माध्यम से युवाओं की सहभागिता अभियान को और मजबूती देगी। उन्होंने सभी सरपंच-सचिवों से ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त बनाने के लिए सक्रियता से कार्य करने का आह्वान किया।

युवाओं की ऊर्जा को टीबी उन्मूलन से जोड़ने की पहल

स्वास्थ्य सेवाएं विभाग के संचालक/आयुक्त सह-संचालक संजीव कुमार झा ने कहा कि टीबी उन्मूलन के लिए जनभागीदारी और युवाओं की सक्रिय भूमिका बेहद जरूरी है। जोश टीम के माध्यम से युवाओं को टीबी की समय पर पहचान, जांच एवं नियमित उपचार के प्रति लोगों को जागरूक करने से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयास, जागरूकता और नियमित उपचार के माध्यम से टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

जनभागीदारी से जनआंदोलन तक बनेगा टीबी मुक्त भारत अभियान...महापौर

महापौर रामनरेश राय ने कहा कि टीबी मुक्त भारत के संकल्प को जनआंदोलन बनाने में जनभागीदारी सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को टीबी मुक्त बनाने के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों और जोश टीमों के राष्ट्रीय शुभारंभ से अभियान को नई ऊर्जा और दिशा मिली है। उन्होंने कहा कि समय पर जांच, नियमित उपचार, दवा का पूरा कोर्स और आवश्यक पोषण सहायता टीबी पर प्रभावी नियंत्रण के प्रमुख आधार हैं। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों, युवाओं, स्वास्थ्यकर्मियों एवं ग्रामीणजनों से आह्वान किया कि वे सामूहिक जिम्मेदारी के साथ अपने-अपने क्षेत्र में टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाएं, संभावित मरीजों को समय पर जांच के लिए प्रेरित करें और अपने क्षेत्र को टीबी मुक्त बनाने में सक्रिय सहयोग दें।

स्वास्थ्य मंत्री ने गिनाईं टीबी मुक्त छत्तीसगढ़ की उपलब्धियां

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि आज केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के नेतृत्व में देशभर में युवा वॉलंटियर्स की जोश टीम के माध्यम से टीबी मुक्त भारत अभियान का शुभारंभ किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2047 तक भारत को टीबी, मलेरिया और सिकलसेल से मुक्त बनाने का लक्ष्य लेकर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के खड़गवां, सोनहत, बतौली और घरघोड़ा विकासखंड टीबी मुक्त हुए हैं। प्रदेश में 30,267 निक्षय मित्र बनाए गए, 1.43 लाख से अधिक पोषण आहार वितरित हुए तथा 24 लाख से अधिक लोगों की टीबी स्क्रीनिंग की गई है। उन्होंने अभियान में योगदान देने वाले सरपंच, सचिव, वार्ड पंच, स्वास्थ्यकर्मियों एवं नागरिकों को बधाई दी।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं को गांव-गांव तक मजबूत किया जा रहा है। प्रदेश में मातृ मृत्यु दर 146 से घटकर 122 हुई है और 166 स्थानों पर बेहतर मातृ स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। खड़गवां, जनकपुर, चिरमिरी और मनेन्द्रगढ़ को फर्स्ट रेफरल यूनिट (FRU) के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चिरमिरी का अस्पताल 30 से बढ़कर 220 बेड का हुआ है और ओपीडी 60-70 से बढ़कर करीब 500 मरीज प्रतिदिन पहुंच गई है। मनेन्द्रगढ़ में भी ओपीडी करीब 500 मरीज प्रतिदिन हो गई है। खड़गवां में 100 बेड का नया अस्पताल बनाया जाएगा और पुराने अस्पताल परिसर को भव्य स्वास्थ्य संस्थान के रूप में विकसित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 5 से बढ़ाकर 15 की गई है, जिसमें मनेन्द्रगढ़ मेडिकल कॉलेज भी इसी वर्ष शुरू हुआ है। नर्सिंग कॉलेजों की संख्या 8 से बढ़ाकर 22 की गई है तथा 16 नए नर्सिंग कॉलेजों के भवन बनाए जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषज्ञों की कमी दूर करने के लिए पैरामेडिकल पाठ्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं, जिसमें इस वर्ष करीब 650 विद्यार्थियों का प्रवेश होगा। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में 17 जिलों में सीटी स्कैन की सुविधा शुरू की गई है या प्रक्रिया में है। स्वास्थ्य के साथ किसानों, युवाओं, महिलाओं और गरीब परिवारों के कल्याण के लिए भी सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रत्येक नागरिक को अपना योगदान देना होगा।

हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड, छड़ी और चश्मे का वितरण

कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। 6 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड, 10 से अधिक हितग्राहियों को छड़ी तथा 30 से अधिक हितग्राहियों को चश्मे का वितरण किया गया। इसके माध्यम से जरूरतमंद लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ने और शासन की योजनाओं का लाभ सीधे हितग्राहियों तक पहुंचाने का संदेश दिया गया।

रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुति और नाटक ने दिया जागरूकता का संदेश

कार्यक्रम में टीबी मुक्त भारत अभियान को जनजागरूकता और जनभागीदारी से जोड़ने के उद्देश्य से सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। जिला पंचायत सदस्य रामजीत लकड़ा द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई। उनकी प्रस्तुति ने कार्यक्रम में लोक संस्कृति का रंग भरने के साथ उपस्थित लोगों का उत्साह बढ़ाया। इसी क्रम में नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं ने टीबी मुक्त भारत अभियान पर आधारित जागरूकता नाटक प्रस्तुत किया। नाटक के माध्यम से टीबी के लक्षणों की पहचान, समय पर जांच, नियमित उपचार, दवा का पूरा कोर्स, पोषण सहायता तथा टीबी को लेकर समाज में फैले भ्रम और भेदभाव को दूर करने का संदेश प्रभावी ढंग से दिया गया। छात्राओं की प्रस्तुति ने उपस्थित ग्रामीणों एवं युवाओं को टीबी के प्रति सजग रहने और संभावित मरीजों को समय पर स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया।

समय पर जांच, पूरा उपचार और पोषण सहायता पर दिया जोर

कार्यक्रम में टीबी की समय पर पहचान, जांच, नियमित उपचार, दवा का पूरा कोर्स एवं पोषण सहायता के महत्व पर विशेष जोर दिया गया। लोगों से अपील की गई कि टीबी के संभावित लक्षणों को नजर अंदाज न करें और समय पर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर जांच कराएं। मरीजों को उपचार के दौरान नियमित दवा सेवन के साथ परिवार एवं समुदाय का सहयोग उपलब्ध कराने का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि टीबी उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जनप्रतिनिधि, स्वास्थ्यकर्मी, युवा, पंचायत प्रतिनिधि, स्वयंसेवी संगठन और आम नागरिक मिलकर टीबी की पहचान, जांच, उपचार एवं जन जागरूकता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

‘जोश’ से जुड़ेगी युवा शक्ति, जनआंदोलन बनेगा टीबी उन्मूलन अभियान

जोश टीम लॉन्च के माध्यम से युवाओं की ऊर्जा को टीबी उन्मूलन अभियान से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। युवाओं को जागरूकता गतिविधियों, सामुदायिक संपर्क, संभावित मरीजों को जांच के लिए प्रेरित करने तथा टीबी से जुड़े भ्रम और सामाजिक भेदभाव को दूर करने में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया गया। खड़गवां में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम ने स्वास्थ्य सेवाओं, जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों, युवाओं और ग्रामीण समुदाय को एक मंच पर लाते हुए यह संदेश दिया कि सामूहिक प्रयासों से ही टीबी मुक्त भारत का सपना साकार होगा।

इस अवसर पर रामलाल साहू, रामप्रताप गुप्ता, धर्मपाल सिंह, अरूणोदय पाण्डेय, सोनमती उरे, मुकेश जायसवाल, रमेश जायसवाल एवं पवन सिंह नेटी, परमानंद जायसवाल, रजनी तिवारी, हरवंश लाल साहू, सत्येन्द्र साहू, मनोज साहू, मालती यादव, सुनील सोनवानी, आशोक खरे, विरमासागर खांडे, तथा रमजान खान सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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