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जगन्नाथ मंदिर पोडी ( चिरमिरी) एमसीबी, छत्तीसगढ़ : अद्वितीय वास्तुकला एवं आस्था का संगम -'डॉ विनोद पांडेय

Praveen Nishee Fri, May 29, 2026

मनेंद्रगढ़। एमसीबी । पोड़ी, चिरमिरी में स्थित यह जगन्नाथ मंदिर उड़ीसा के जगन्नाथ पुरी धाम का एक प्रतिकृति है राष्ट्रीय राजमार्ग 43 पर ग्राम नागपुर से लगभग 5 किलोमीटर की दूरी पर ग्राम पोड़ी में स्थित उत्कल समाज द्वारा निर्मित यह भव्य मंदिर उत्कल वास्तु कला का श्रेष्ठ नमूना है जो देखने योग्य है ।

इतिहासकार डॉ विनोद पांडेय बताते हैं कि चिरमिरी कालरी में बड़ी संख्या में उत्कल (उड़िया) समाज के लोग निवासरत है बार-बार जगन्नाथ पुरी धाम उड़ीसा जाना संभव नहीं हो सकता। इसलिए यहां पर उसी के तर्ज पर भव्य मंदिर बनाने का निर्णय समाज के लोगों के द्वारा लिया गया तथा 1982 में महंत श्री गणपत परिमाराय ने मंदिर का निर्माण कार्य प्रारंभ किया, सन 2006 में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र एवं सुभद्रा के प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की गई। मंदिर की वास्तुकला अद्वितीय है मंदिर के दीवारों पर आकर्षक ढंग से देवी देवताओं की प्रतिमा उकेरी गई है जो सजीव जान पड़ती है तथा कला एवं धार्मिक आस्था का अनूठा संगम है

डॉ पांडेय बताते हैं कि महाशिवरात्रि के अवसर पर रथ यात्रा (गुणिडचा यात्रा) और नवरात्रि की अवसर पर भव्य मेले का आयोजन किया जाता है साथ ही पूजा अर्चना एवं विशाल भंडारा का भी आयोजन किया जाता है जिसमें आसपास के अतिरिक्त अन्य जिलों के लोग भी बड़ी संख्या में आते हैं यह जिले के एक पर्यटन स्थल के साथ-साथ धार्मिक आस्था के केंद्र के रूप में उभर रहा है निश्चय ही इसकी भव्यता, सुंदरता देखते बनती है

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