Advertisment

26th June 2026

BREAKING NEWS

तेलनदी से ढोर्रा बांध जोड़ो अभियान चलाने की जरूरत है, हो सके तो क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को सत्याग्रह आंदोलन करना चाहिए

जांच से खुल सकते हैं बड़े राज" "करोड़ों की स्वास्थ्य योजनाओं पर सवाल: दवा वितरण या दवा विनाश?"

नारी राग-रंग महोत्सव 2026 का भव्य शुभारंभ

प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह विफल- स्वप्निल सिन्हा

हर्षोल्लास के साथ मनाया गया शाला प्रवेश उत्सव

: गुरुघासीदास राष्ट्रीय उद्यान के कोरिया वन क्षेत्र में मिला बाघ का शव, पीएम के लिये रायपुर की टीम आ रही है, किसने मारा ?जाँच का मामला, होगा खुलासा या होगी लीपापोती? 

Admin Sat, Nov 9, 2024

मनेन्द्रगढ़।एमसीबी।  कोरिया वन मंडल व गुरुघासीदास राष्ट्रीय उद्यान के सीमा स्थित रामगढ़ क्षेत्र अंतर्गत देवसील ग्राम पंचायत के मार्ग में खनकोपर नदी के तट में एक मृत बाघ का शव मिला है। जिससे जानकारी के अनुसार जिस जगह पर बाघ का शव मिला है. वह इलाका वन परिक्षेत्र सोनहत के कोरिया वन मंडल अंतर्गत आता हैं। मामले को लेकर अभी शुरुआती जानकारी ही मिली है, स्थानीय अधिकारियों के अनुसार इलाके में मौजूद बाघ की मौत कैसे हुई यह पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा वही कुछ वर्ष पूर्व एक बाघ की मौत इसी इलाके में ग्रामीणों ने जहर देकर मार दिया था ।जिससे जहर खुरानी की आशंका भी जताई जा रही।  जबकि जून 2022 में कोरिया जिले के गुरुघासीदास राष्ट्रीय उद्यान के रामगढ़ रेंज में सलगवांखुर्द में बाघ का शव मिला था। इस घटना के बाद, जिले से लेकर प्रदेश के अफसरों में हड़कंप मच गया था। वही गुरुघासीदास नेशनल पार्क, छत्तीसगढ़ में स्थित है। इसका प्रमुख हिस्सा 1,440 वर्ग किलोमीटर का है। आखिर इस मौत का जिम्मेदार कौन हैं? कोरिया वन मंडल व राष्ट्रीय उद्यान अंतर्गत देवसील ग्राम पंचायत के बडगांव पुल के समीप वन परिक्षेत्र के बीट में एक बाघ का शव मिला है। बाध की मौत जहर खुरानी से होने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन वन विभाग को पीएम रिपोर्ट आने का इतजार है। जिले के राष्ट्रीय उद्यान में दूसरे राज्य के बाघ के मौत के बाद अब जिले में बन रहे गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान में बाघों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए है कि जंगलों में अन्य राज्यों के घूम रहे बाध कितने सुरक्षित है। वहीं वन अमले का स्पेशल डॉग के पहुंचने से इस मामले में और भी खुलासे होने की संभावना है। वन विभाग के अधिकारी बाघ की मृत्यु को लेकर सही समय में नहीं पहुंचे थे। लेकिन ग्रामीणों ने मामले को सोशल मीडिया में  पोस्ट कर दिया। जिसके बाद दोपहर बाद तक अधिकारी के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा।

विज्ञापन

जरूरी खबरें