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17th October 2026

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: डबरी कार्य में लापरवाही,कलेक्टर के निगरानी में जांच की मांग 

Admin Mon, Jan 6, 2025

देवभोग । गरियाबंद। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के जरिए जल सरंक्षण कर आम कृषकों को लाभ पहुंचाने के लिए सरकार लाखो रुपए पानी की तरह बहा रही है बावजूद इसके यह योजना धरातल में कारगर साबित नहीं हो रहा है जिसका प्रमुख कारण निर्धारित माफदंड को दरकिनार करते निर्माण काम में लापरवाही बरतने को माना जाता है और इसकी बानगी जिला के देवभोग ब्लॉक में देखने को मिल रहा है इस ब्लॉक के खोकसरा निष्ठिगुडा कोसमकानी कुंमडाई कला जैसे करीब 13 पंचायतों में ढाई लाख से लेकर 3 लाख तक की लागत से डबरी बनाया गया है लेकिन उक्त डबरियो निर्धारित गहराई नहीं होने के कारण आज घुटना के नीचे तक पानी नहीं रह पा रहा है जिसे देख अक्सर ग्रामीण जनप्रतिनिधि यह योजना को धरातल में फ्लॉफ बता रहे हैं शायद यही वजह है कि इस योजना का लाभ भी किसानो को शत प्रतिशत नहीं मिल पा रहा है जबकि इस योजना के जरिए सैकडो किसानो को लाभ दिलाने के लिए 30 लाख से अधिक राशि जारी बताते है जिसमें से ज्यादातर राशि निर्माण एजेंसी को भी देने की बात सामने आती हैं गौरतलब हो प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत डबरी को जेसीबी से खुदवाया गया फिर भी डबरी की कई कम गहराई देखा जा सकता है मतलब खोदवाए डबरी में पानी का संरक्षित होना मुश्किल है जबकि ऐसे डबरियो में बरसात भर पानी रहने की बात जानकर बताते है ताकि उक्त डबरी से कृषक को सरकार के मंशा अनुरूप लाभ मिल सके जिसके लिए अधिकारी भी गंभीर नहीं है ऐसे में खेत में पानी की भौतिक पहुंच बढ़ाने और सुनिश्चित सिंचाई के तहत खेती योग्य क्षेत्र का विस्तार करने खेत में पानी के उपयोग की दक्षता में सुधार करने स्थायी जल संरक्षण प्रथाओं को शुरू करने जैसे आदि सरकार की मंशा किस तरह पूरा हो सकता है योजना के उद्देश्यों पर भी ग्रहण डबरी के जरिए जल सरंक्षण कर खेत में सिंचाई करने और मछली पालन करने के साथ साथ सब्जी भाजी टमाटर सहित अन्य लगाया जा सकता है और इसके जरिए किसान अपनी आर्थिक उन्नति कर परिवार का भरन पोषण आसानी से कर सकते है ऐसे तमाम उद्देश्यों के साथ इस योजना को लागू किया गया लेकिन धरातल के माफदंड विपरीत काम ने सारे उद्देश्य पर ग्रहण लगा दिया है जिससे विभागीय ज़िम्मेदार भी भली भांति अवगत हैं बावजूद इसके कार्यों को मापदंड अनुसार कराने में कोई रुचि नहीं दिखा रहे है यही कारण हैं कि इस योजना से ना जल सरंक्षण हो पा रहा है और ना किसानो को किसी प्रकार लाभ मिल रहा है मतलब यह योजना आम किसानो के लिए सफेद हाथी साबित होता नजर आ रहा है हालांकि जिला प्रशासन और राज्य स्तर पर कागजी रिपोर्ट परोसते योजना को लाभकारी बताने में अधिकारी पीछे भी नहीं है जबकि जमीनी स्तर पर हकीकत कुछ और बयां कर रही है कलेक्टर के निगरानी में जांच की मांग जिस तरह डबरी कार्य में लापरवाही बरता गया है उसे लेकर ग्राम समितियों में भी आक्रोश है और कलेक्टर के निगरानी में जांच कराने की मांग किया जा रहा है ताकि बचत कार्य को मापदंड अनुसार कराया जा सके क्योंकि पूरी वस्तु स्तिथि से अवगत विभागीय अधिकारियों से नियमानुसार काम की कल्पना करना फिजूल होगा ऐसे में कलेक्टर दीपक अग्रवाल से जांच और कार्यवाही करते नियमानुसार डबरी कार्य होने की पूरी उम्मीद बनी है हालांकि कुछ ग्रामीण केंद्रीय मंत्री से पत्राचार के माध्यम से शिकायत कर कार्यवाही की मांग करेंगे ताकि जिम्मेदारों के काम काज में सुधार लाया जा सके

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