Advertisment

8th August 2026

BREAKING NEWS

मनेंद्रगढ़ से अनूपपुर तक साइकिलिंग कर दिया फिटनेस, पर्यावरण संरक्षण और नशामुक्ति का संदेश

नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत–संकल्प अभियान’ पर होगा केंद्रित संवाद; मीडिया की भूमिका पर भी होगी चर्चा

ज्वाइंट बाईपार्टाइट कमिटी के तत्काल गठन की मांग, कोयला मजदूर पंचायत ने किया आंदोलन का आह्वान

सवाल ये है हवा आई किसके इशारे पर.... चराग़ किस के बुझे ये सवाल थोड़े ही है....

राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम में लक्ष्य हासिल करने वाला छत्तीसगढ़ का पहला जिला बना

हम खैरात नहीं, हक अधिकार मांगते : 98 से गणना कर पुरानी पेंशन लागू करने की मांग, प्रदेशभर में शिक्षकों ने सौंपा ज्ञापन

Praveen Nishee Thu, Jun 18, 2026

मनेंद्रगढ़/सरगुजा। प्रदेश शिक्षक कल्याण संघ के प्रदेश अध्यक्ष राज किशोर तिवारी एवं प्रदेश उपाध्यक्ष दिनेश सिंह के नेतृत्व तथा संभाग अध्यक्ष हजरत अली के मार्गदर्शन में 15 जून 2026 को संघ की एक सूत्रीय मांग "98 से गणना करते हुए पुरानी पेंशन" लागू करने के संबंध में सरगुजा संभाग आयुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री, वित्त मंत्री, शिक्षा मंत्री एवं शिक्षा सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इसी प्रकार प्रदेश के सभी संभागों में भी ज्ञापन सौंपकर सरकार का ध्यान इस महत्वपूर्ण विषय की ओर आकर्षित किया गया।

संघ पदाधिकारियों ने कहा कि प्रदेश के कर्मचारियों, अधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों को पेंशन का लाभ दिया जा रहा है, लेकिन शिक्षा के क्षेत्र में वर्षों तक सेवा देने वाले शिक्षकों की लगभग 20 वर्षों की सेवा को शून्य मानते हुए उन्हें बिना पुरानी पेंशन के सेवानिवृत्त किया जा रहा है। उन्होंने इसे शिक्षकों के साथ अन्यायपूर्ण एवं सौतेला व्यवहार बताया।

संघ का कहना है कि शिक्षा कर्मियों की नियुक्ति शासन द्वारा निर्धारित नियमों के तहत हुई थी। विद्यालय शिक्षा विभाग के पदों पर कार्य करते हुए उनका वेतन भी शिक्षा विभाग की वित्तीय व्यवस्था से दिया जाता था। ऐसे में उनकी प्रारंभिक 20 वर्षों की सेवा को शून्य मानना न्यायसंगत नहीं है। संघ ने मांग की कि शिक्षकों की संपूर्ण सेवा अवधि को मान्यता देते हुए वर्ष 1998 से गणना कर पुरानी पेंशन योजना का लाभ प्रदान किया जाए।

पदाधिकारियों ने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन ही बुजुर्ग शिक्षकों का सहारा होती है। वर्तमान में अनेक सेवानिवृत्त शिक्षक आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। कई लोग मजदूरी करने को विवश हैं तो कई गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। ऐसे में सरकार एवं जनप्रतिनिधियों को उनकी समस्याओं पर संवेदनशीलता के साथ विचार करना चाहिए।

संघ ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो शिक्षक वर्ग आंदोलन के लिए बाध्य होगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रदेश के पांचों संभागों में बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे और पुरानी पेंशन की मांग को लेकर एकजुटता प्रदर्शित की।

विज्ञापन

जरूरी खबरें