प्रदेश शिक्षक कल्याण संघ के 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने : मुख्यमंत्री निवास में पुनः सौजन्य मुलाकात कर सार्थक सकारात्मक चर्चा परिचर्चा की
Praveen Nishee Sat, Jan 17, 2026
मनेंद्रगढ़। एमसीबी।98 शुदा शिक्षकों का उक्त संगठन तकरीबन सवा सौ सदस्य साथियों के साथ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निवास पहुंचकर प्रोटोकॉल अंतर्गत 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के नेतृत्व में अपने एक सुत्रीय मांग ९८ देय तिथि से सेवा मान्यता के साथ पूर्ण ओल्ड पेंशन को लेकर एक सप्ताह के भीतर पुनः एक संक्षिप्त सार्थक एवं सकारात्मक चर्चा परिचर्चा किया!
संज्ञान परिचर्चा में प्रतिनिधि मण्डल की ओर से संगठन सरगुजा संभाग अध्यक्ष हज़रत अली ने वर्तमान में सेवानिवृत्त हुए और हो रहे ९८ शुदा शिक्षकों के शून्य पेंशन पात्रता के साथ घर वापसी की मानसिक पीड़ा को सिलसिलेवार बहुत ही सुंदर तरीके से २०-३० मिनट के अंदर मुख्यमंत्री के समक्ष रखा!अथ से इति तक के म.प्र.शासन में नियुक्ति से लेकर संविलयन तक और संविलयन से लेकर वर्तमान सेवानिवृत्ति तक के सभी वैधानिक तथ्यों 1952 से वर्तमान पर्यंत के साक्ष्य आदेशों को संज्ञान में लाते हुए साथियों की 30 वर्ष की अनवरत सरकारी सेवा और गुरु सम्मान में मुद्दे को संज्ञान में लाते हुए तत्काल समस्या के निराकरण का गुहार लगाया और माननीय महोदय जी के संज्ञान में लाया कि हर महीने अनेक साथी निरंतर सेवा निवृत्त होते चले जा रहे हैं और बिना पेंशन खाली हाथ घर वापसी की असीम मानसिक संताप से गुजर रहे हैं! साथ ही सरगुजा महासम्मेलन की अनुमति हेतु उचित मार्गदर्शन मांगा!
सभी बातों को इत्मीनान से सुनते समझते हुए मुख्यमंत्री ने उक्त तथ्य पर अपनी टीम के साथ साथ केबिनेट चर्चा करते हुए सदस्यों को तत्पश्चात अवगत करवाने का सकारात्मक आशामय संदेश दिया! सरगुजा महासम्मेलन पर अपने टीम से चर्चा कर पृथक से मार्गदर्शन की सूचना देने की बात कही। प्रतिनिधि मण्डल से मुलाकात पश्चात मुख्यमंत्री श्री साय ने वहां उपस्थित शिक्षकवृंद से भी बाहर आकर सौजन्य मुलाकात करते हुए उन्हें सम्मान दिया!बात चीत के दौरान माननीय मुख्यमंत्री जी का हाव भाव एवं शारीरिक भाषा सकारात्मक रहा था! ऐसा लगा कि मुद्दे पर प्रदेश मुखिया के नाते गंभीर हैं!
प्रतिनिधि मण्डल एवं सहयोगियों में प्रांतीय संगठन सचिव विश्वनाथ प्रधान, सरगुजा संभाग अध्यक्ष हज़रत अली, सुदर्शन पैकरा, अशोक साहू, धीरेन्द्र कुमार कुशवाहा, अशोक दर्पण, अब्राहम खलखो, बोधन राजवाड़े,डेगमन राजवाड़े, शशांक दुबे,सुंधरु राम, ज्वाला प्रसाद गुप्ता,मुकुंद पाण्डेय,बर्मन,अजय सिंह, देवेंद पाण्डेय आदि सक्रिय शिक्षक उपस्थित थे!

विज्ञापन